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कोरोना संक्रमण:60 दिन बाद सबसे कम 25 नए केस, 2.51% ही रिपाेर्ट पाॅजिटिव आई, एक्टिव केस 920 बचे

पानीपत22 दिन पहले
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  • लाॅकडाउन और ज्यादा सैंपलिंग के कारण केसाें में गिरावट
  • 58 लाेगाें की रिकवरी हुई, 7 और लाेगाें की जान गई

शनिवार काे जिले में राहत भरी खबर सामने आई। पहले के मुकाबले अब काेराेना संक्रमण 51 फीसदी कम हुआ है। शनिवार काे जिले में सिर्फ 25 नए केस मिले, जाेकि 30 मार्च 2021 के एक दिन में मिलने वाले केसाें का आंकड़ा सबसे कम है। शनिवार काे जिले में सिर्फ 2.51 फीसदी सैंपलाें की रिपाेर्ट ही पाॅजिटिव मिली।

वहीं, लाॅकडाउन के पहले दिन 3 मई की बात करें ताे उस दिन जिले में 53.47% रिपाेर्ट पाॅजिटिव आई थी। यानी 26 दिनाें में संक्रमण 51 फीसदी कम हाे गया। शनिवार काे कुल 995 सैंपलाें की रिपाेर्ट बनी। इसमें सिर्फ 25 केस पाॅजिटिव और 970 सैंपलाें की रिपाेर्ट निगेटिव आई हैं। अगर इसी तरह एहतियात का पालन करेंगे ताे जिले में वाे दिन दूर नहीं जब 11 फरवरी के जैसे एक दिन में काेई नया केस नहीं मिलेगा।

जिले में अब कुल केसाें का आंकड़ा 30 हजार 722 पर पहुंचा है। वहीं, 95 फीसदी केसाें की रिकवरी भी हाे गई है। शनिवार के 58 केसाें सहित जिले में अब तक 29 हजार 250 केसाें की रिकवरी हाे चुकी है। अब सिर्फ 920 केस एक्टिव बचे हैं, जिनका घर व अस्पतालाें में इलाज जारी है। इसके अलावा शनिवार काे 3 नई और 4 पुरानी माैताें काे जाेड़कर विभाग ने कुल 7 माैताें की सूचना जारी की।

केस कम हाेने के तीन मुख्य कारण

सैंपलिंग बढ़ी और एंटीजन टेस्ट भी दाेबारा शुरू हुए

जिले में काेराेना काे ट्रेस करने में सबसे बड़ा हथियार सैंपलिंग है। पिछले 15 दिनाें की ही बात करें ताे जिले में सैंपलिंग का ग्राफ काफी बढ़ा। खासकर एंटीजन टेस्ट दाेबारा शुरू हुए हैं। जिले में 15 मई के बाद 16 हजार 36 लाेगाें केे आरटीपीसीआर टेस्ट हुए ताे वहीं 4 हजार 836 लाेगाें के एंटीजन टेस्ट भी हुए।

लाॅकडाउन का असर, मूवमेंट कम हुई

लाॅकडाउन के कारण लाेगाें काे बाजाराें और दुकानाें सहित अन्य जगहाें पर मूवमेंट कम हुई। मूवमेंट कम हुई ताे काेराेना की चेन भी टूटी। जिससे काेराेना का स्तर कम हुआ। 95 फीसदी लाेगाें ने घराें से बाहर जाते समय मास्क का इस्तेमाल किया और खुद 2 गज की दूरी का पालन भी किया।

डर, मास्क और साेशल डिस्टेंसिंग का बड़ा फर्क

पूर्व आ्रईएमए के अध्यक्ष डाॅ. गाैरव श्रीवास्तव ने बताया कि काेराेना से सबसे बड़ी लड़ाई एक ही वाे है मास्क और साेशल डिस्टेंसिंग। इसे लाेगाें ने पिछले तीन सप्ताह में काफी हद तक समझा। काेराेना के बढ़ते केसाें से लाेग डरे भी। डर के कारण ही सही लाेगाें ने डबल-डबल मास्क का इस्तेमाल किया। जाे निर्णायक साबित हुआ।

मरीजों की स्थिति
हाेम आइसाेलेट- 537
सरकारी अस्पताल-49
पीजीआई-10
एनसी काॅलेज-4
प्राइवेट अस्पताल-185
बाहरी अस्पताल-25
अंडर प्राेसेस-110
कुल एक्टिव केस-920

बेटे ने बचाई कोरोना पॉजिटिव पिता की जान, मां ने दम तोड़ा

समालखा, पड़ाव मोहल्ले के वेद प्रकाश ने 18 दिन अस्पताल में रहकर कोरोना से जिंदगी की जंग जीत ली, लेकिन इस दौरान उनकी पत्नी कोरोना से हार गईं। इसमें सबसे दुखद यह रहा कि वह अंतिम समय में उनके साथ नहीं रह पाए। इस विपरीत परिस्थिति में उनके बेटे और बहू ने अपना साहस नहीं छोड़ा और हौंसले से पिता की सेवा की। 68 वर्षीय वेद प्रकाश गर्ग के घर में सबसे पहले उनकी पत्नी संतोष गर्ग पाॅजिटिव हुई।

वह हाेम आइसोलेशन में रही। इसके बाद वेद प्रकाश की हालत भी खराब हो गई। उनकी रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई। 30 अप्रैल को उन्हें सोनीपत के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। घर में मां और अस्पताल में पिता का इलाज चला। बेटे संदीप गर्ग व पत्नी साक्षी ने माता-पिता की सेवा की। 2 मई को संदीप की मां की माैत हाे गई, लेकिन पिता को ज्यादा से ज्यादा सकारात्मक रखने की सोची।

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