मौसम / 10 साल में छह बार जून में आया माॅनसून, प्रदेश में सामान्य से कम ही हुई है बरसात, 20.71 मीटर तक नीचे जा चुका है भू-जल

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  • नौ साल से नहीं हरियाणा पर माॅनसून की मेहरबानी, पिछले दशक में सिर्फ एक बार 400 का आंकड़ा पार
  • माॅनसून की सामान्य बरसात हरियाणा में 460 एमएम होती है, सावन की झड़ी को लोग पिछले 10 साल से तरस रहे हैं

दैनिक भास्कर

Jul 01, 2020, 05:52 AM IST

राजधानी हरियाणा. पिछले 10 साल में हरियाणा में जून के आखिरी सप्ताह में छह बार माॅनसून ने दस्तक दी है, लेकिन पांच बार मानसून की कंप्लीट बरसात नहीं हो पाई। महज 2018 में ही 415 एमएम का आंकड़ा मानसून ने पार किया है। जबकि माॅनसून की सामान्य बरसात हरियाणा में 460 एमएम होती है।

पिछले एक दशक से हरियाणा से मानसून रूठा सा लग रहा है। सावन की झड़ी को लोग पिछले 10 साल से तरस रहे हैं। अभी भी प्रदेश में मानसून सक्रिय नहीं है, सूखी हवाएं चल रही हैं। संभवाना जरूर है कि मानसून सावन से एकदम पहले सक्रियता दिखा सकता है। यह कितना मेहरबान रहेगा, मौसम वैज्ञानिक फिलहाल सिस्टम की ओर इशारा कर चुप रह जाते हैं।

अबकी बार 450 एमएम से अधिक की उम्मीद : मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अबकी बार हरियाणा में माॅनसून सीजन में 450 एमएम से अधिक बरसात हो सकती है। क्योंकि इस बार 107% बरसात की उम्मीद है। चार जुलाई से 15 तक एक या दो बार भारी बरसात होने की उम्मीद है।

20.71 मीटर तक नीचे जा चुका है भू-जल
पिछले कई सालों में यह तेजी से नीचे की ओर खिसका है। वर्ष 1974 से 2019 तक प्रदेश में भू-जल स्तर 10.65 मीटर नीचे गया है। वर्ष 1984 से 2019 तक यह 10.19 मीटर, वर्ष 1995 से 2019 तक 9.17 मीटर, वर्ष 2008 से 2019 तक 5.22 मीटर, वर्ष 2018-19 तक 0.54 मीटर पानी नीचे गया है।

फैक्ट फाइल 
माॅनसून की जून से सितंबर तक की बरसात औसतन 460 एमएम होती रही है, पिछले नौ सालों से वर्ष 2018 में 415 एमएम तक पहुंची थी। साल में हरियाणा में 520 एमएम बरसात होती है। 

डॉ. सुरेंद्र पाल, निदेशक, आईएमडी, चंडीगढ़ ने कहा कि फिलहाल माॅनसून सक्रिय होने में 48 से 72 घंटे लगेंगे। जुलाई में अच्छी बरसात की संभावना बनी हुई है।

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