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माॅनसून मेहरबान:माॅनसूनी बारिश ने ताेड़ा सात साल का रिकाॅर्ड, सामान्य से 36% अधिक हुई

पानीपत11 दिन पहले
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पानीपत. बरसात के बाद बसस्टैंड से बाहर निकलते लोग। फाइल | फोटो - Dainik Bhaskar
पानीपत. बरसात के बाद बसस्टैंड से बाहर निकलते लोग। फाइल | फोटो
  • 14 सितंबर तक बारिश के आसार
  • अगस्त से ज्यादा सितंबर में हुई बारिश, अधिकतम व न्यूनतम पारे में गिरावट आई, बढ़ सकती है ठंडक

इस सीजन में माॅनसूनी सीजन में हुई बारिश ने पिछले 7 साल का रिकाॅर्ड ताेड़ दिया है। विभागीय आंकड़ाें के अनुसार अब तक सामान्य से 36 प्रतिशत अधिक 541 एमएम बारिश हाे चुकी है। जबकि 17 दिन देरी से माॅनसून एक्टिव हुआ था। अगस्त के मुकाबले जुलाई और सितंबर में जमकर मेघा बरसे हैं। अभी भी 14 सितंबर तक बारिश के आसार बन रहे हैं। इससे अधिकतम और न्यूनतम तापमान में 3 से 4 डिग्री की गिरावट आ सकती है। इस कारण दिन के साथ-साथ रात भी ठंडी हाे जाएगी।

यास और ताउ ते तूफान के कारण तय समय से 10 दिन पहले 15 जून काे माॅनसूनी बारिश शुरू हाेने का पूर्वानुमान माैसम विभाग ने जताया था लेकिन 14 जून की रात काे माैसम में बदलाव आ गया। माॅनसूनी टर्फ रेखा के हिमाचल की तलहटियाें की ओर मूव हाे गया था। इस कारण माॅनसून रूठ गया। इसके बाद गर्मी ने कहर बरपाना शुरू कर दिया था। जुलाई में अधिकतम तापमान 42 डिग्री तक पहुंच गया था। उमस ने भी पसीने छुड़ा दिए थे। आद्रता 100 प्रतिशत आ गई थी।

इसलिए, बदला माैसम का मिजाज
12 जुलाई की रात से माैसम ने करवट ले ली। बंगाल पर बने हाई प्रशेर एरिया और साइक्लाेनिक सर्कुलेशन बन जाने के कारण 14 जुलाई से झमाझम बारिश का सिलसिला शुरू हाे गया। जाे 2 अगस्त काे जाकर थमा। अगस्त में सिर्फ 8 दिन ही अच्छी बारिश हाे सकी। 28 अगस्त की रात से फिर से माॅनसून एक्टिव हाे गया। तभी से प्रतिदिन ही कभी मध्यम ताे कभी तेज बारिश हाे रही है। इस बारिश ने माैसम सुहाना कर दिया है।

जुलाई में 338 एमएम हुई थी बारिश
आंकड़ाें के अनुसार जुलाई में करीब 338 एमएम बारिश दर्ज की गई थी। जाेकि सामान्य से 53 प्रतिशत अधिक थी। अगस्त में 188 एमएम बारिश दर्ज की गई है। वहीं, सितंबर में अब तक 72 एमएम बारिश हाे चुकी है। माॅनसूनी सीजन में कुल बारिश 36 प्रतिशत हुई है। सामान्य ताैर पर बारिश 441 एमएम तक दर्ज की गई है। अब तक 598 एमएम बारिश हाे चुकी है।

आगे क्या, तापमान में आएगी गिरावट
वरिष्ठ माैसम विशेषज्ञ डाॅ. डीपी दुबे ने बताया कि बंगाल की खाड़ी पर अभी भी लाे प्रेशर एरिया बना हुआ है। इस कारण पूर्वी हवाओं संग नमी आ रही है। वहीं, राजस्थान पर एक साइक्लाेनिक सर्कुलेशन बना हुआहै। इस वजह से 14 सितंबर तक बारिश की उम्मीद बनी हुई है। इस बारिश के थमने के बाद विंड पैटर्न सेट हाे सकता है। उत्तरी-पश्चिमी हवाओं के चलने से दिन और रात के तापमान में 4 डिग्री तक गिरावट आने की उम्मीद है। इससे माैसम ठंडा हाेता चला जाएगा।

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