पानीपत में झगड़े में दिव्यांग की हत्या:पड़ोसी परिवार ने मार डाला; तेज आवाज में गाने बजाने को लेकर हुआ था विवाद

पानीपत6 महीने पहले
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हरियाणा के पानीपत जिले की बतरा कॉलोनी में एक दिव्यांग युवक की पड़ोसियों ने मारपीट कर गला घोंट कर हत्या कर दी। शव 24 घंटे तक घर में पड़ा रहा। मृतक का मूकबधिर बड़ा भाई वहां पहुंचा तो उसने छोटे को अचेत पड़ा देखा। इसकी सूचना उसने दूसरी कॉलोनी में रह रहे अन्य परिजनों को दी। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे।

वे तुरंत उसे उठाकर सिविल अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शव को पीजीआई शवगृह में रखवाया गया। मामले की शिकायत पुलिस को दी गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर पड़ोसी परिवार के 5 सदस्यों के खिलाफ आईपीसी की धारा 148,149,302 के तहत केस दर्ज करके मामले की आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।

आरोपी पड़ोसी परिवार इस दीवार से चढ़कर दाखिल हुए थे दिव्यांग रविंद्र के घर।
आरोपी पड़ोसी परिवार इस दीवार से चढ़कर दाखिल हुए थे दिव्यांग रविंद्र के घर।

पड़ोसी परिवार ने ली जान

पुराना औद्योगिक थाना पुलिस को दी शिकायत में महावीर ने बताया कि वह मूल रूप से गांव नारा पानीपत का रहने वाला है। इन दिनों वह बतरा कॉलोनी में रहता है। वे तीन भाई हैं, जिनमें सबसे बड़ा वह है। सबसे छोटा भाई दिव्यांग रविंद्र (32) मंझले भाई मूकबधिर भाई प्रदीप के साथ बतरा कॉलोनी स्थित मकान में रहता था।

14 जून को रविंद्र की पड़ोसी बलकार, उसकी पत्नी, उनके बेटे राजू, बिंदर, गोपी व बेटों की पत्नियों ने पिटाई की थी। इस दौरान आरोपियों ने उसकी गला घोंट कर हत्या कर दी। वारदात का पता तब चला, जब प्रदीप रविंद्र से मिलने के लिए आया। उसने मुझे बताया और आसपास बात करने पर रविंद्र से मारपीट का पता चला।

आरोपियों ने घर की छत पर रखी लोहे के पांवों वाली चारपाई भी तोड़ दी।
आरोपियों ने घर की छत पर रखी लोहे के पांवों वाली चारपाई भी तोड़ दी।

यूं पता लगा वारदात के बारे में

मामले की तहकीकात करते हुए जब महावीर ने पड़ोस के अन्य लोगों से पूछा तो पता लगा कि 14 जून की शाम को रविंद्र ने घर में तेज आवाज में स्पीकर में गाने बजाए हुए थे। इसकी आवाज कम करने बाबत आरोपियों ने रविंद्र को कहा था। रविंद्र ने आवाज कम कर ली थी। मगर उस दौरान थोड़ी कहासुनी हो गई थी।

इसी बात की रंजिश में आरोपियों ने रविंद्र और मूकबधिर भाई प्रदीप के साथ मारपीट की थी। मारपीट से डर कर प्रदीप वहां से भाग गया था, जो बुधवार यानि 15 जून की शाम करीब 7 बजे घर पहुंचा। उसने रविंद्र को अचेत पड़ा हुआ देखा। घर का मेन दरवाजा भी टूटा हुआ था। लोहे की चारपाई भी टूटी हुई थी। कमरे में खून पड़ा हुआ था।