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हरियाणवी फनकार:मेरे पाच्छै-पाच्छै आवण का भला कौणसा मतलब तेरा सै और मेरी बहू बणा दे राम गुलाबो छोरी नै गीत लिखने वाले ओपी हरियाणवी का निधन

पानीपत13 दिन पहले
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  • पानीपत के गांव राजाखेड़ी में 6 दिसंबर 1949 को जन्मे हरियाणवी फिल्मी गीतों के रचनाकार नहीं रहे

रामानंद सागर की रामायण में “जाना है बड़ी दूर बटेऊ कर ले रैन बसेरा रे’... गीत लिखने वाले राजाखेड़ी के ओपी हरियाणवी का काेराेना महामारी से मंगलवार काे निधन हाे गया। ‘मेरे पाछे-पाछे आवण का भला कौनसा मतलब तेरा सै... और मेरी बहू बणा दे राम गुलाबो छोरी नै, जैसे मधुर हरियाणवी फिल्मी गीतों के रचनाकार नहीं रहे। उनका जाना हरियाणवी सिनेमा जगत के लिए भारी क्षति है।

तमाम फिल्म कलाकारों व राजाखेड़ी के लाेगाें ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है। बता दें कि गीतकार ओपी हरियाणवी का जन्म 6 दिसंबर, 1949 को पानीपत के गांव राजाखेड़ी में हुआ था। उन्होंने पानीपत के जैन हाई स्कूल से दसवीं की शिक्षा प्राप्त की। बाद में इसी स्कूल में नाैकरी भी की। गीत-कविता व भजन आदि लिखने का शौक उन्हें बचपन से ही था।

स्कूल में करीब डेढ़ वर्ष तक नौकरी करने के बाद 1967 में ये दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) में नियुक्त हो गए। फिर वहीं बस गए। नौकरी के साथ-साथ इनकी लेखनी भी गतिवान रही। उनका नाम ओपी हरियाणवी के रूप में लोकप्रिय हुआ। वह 1986 में फिल्मों में गीत लिखने लगे थे।

हिन्दी फिल्म प्रेमजाल में एक गीत लिखा

जिला पार्षद एवं गांव राजाखेड़ी के देव मलिक बताते हैं कि ओपी हरियाणवी ने हिंदी फिल्म ‘प्रेमजाल’ में एक गीत लिखा। इसके बोल थे- ‘रात सुपणे में कैसा जुल्म हुआ।’ कल्याणजी-आनंदजी द्वारा संगीतबद्ध इस गीत को साधना सरगम ने गाया था। जब हरियाणवी फिल्मों का दौर चला तो ओपी के कवि हृदय ने ‘म्हारा पीहर सासरा’ (1985) के गीतों की रचना की। इस फिल्म के पांचों गीत ओपी ने ही लिखे और ये सभी काफी लोकप्रिय भी हुए। इनमें एक गीत ‘मेरे पाछे-पाछे आवण का भला कौन सा मतलब तेरा सै’ ने तो लोकप्रियता की सारी हदें तोड़ डाली। यह गीत आज भी बेहद पसंद किया जाता है।

जब टिकट कटी ताे दाेनाें जाेर से हंसे

महासंघ महामंत्री रतन जैन ने बताया कि सन 1998 में दिल्ली विधान सभा चुनाव में उनके भी कांग्रेस से टिकट मिलने की पूरी संभावना बनी और मेरी भी, लेकिन अंतिम माैके पर उनकी भी टिकट कटी और मेरी भी। उस दिन हम दोनों बड़े जोर से हंसे। राजाखेड़ी के रहने वाले सरबती स्पिनर्स, सरबती मिंक ब्लैंकेट्स के मालिक संजय जैन ने बताया कि दाे साल पहले मेरी फैक्टरी में आए थे, कुछ भजन मैंने उनकाे सुनाए ताे उन्हाेंने मेरी तारीफ की। इसके बाद मैंने बहुत से भजन लिखने शुरू किए।

ये सम्मान मिले : ओपी हरियाणवी को 23 अप्रैल, 2013 को हरियाणा साहित्यिक रत्न सम्मान से नवाजा गया। आधारशिला अवॉर्ड, सखा पुरस्कार और पूर्व राष्ट्रपति रहे ज्ञानी जैल सिंह के हाथों ‘सहेली’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया। हाल ही में यशपाल शर्मा निर्देशित हरियाणवी फीचर फिल्म ‘दादा लखमी’ में एक भक्ति गीत लिखा था। यह उनके जीवन की अंतिम रचना रही।

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