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टीके की कमी:अब सिविल अस्पताल में नहीं होगा टीकाकरण, आर्य काॅलेज में लगेगा कैंप, सीएचसी-पीएचसी के सेंटर बंद

पानीपतएक महीने पहले
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सिविल अस्पताल में वैक्सीन लगवाने के लिए उमड़ी भीड़। - Dainik Bhaskar
सिविल अस्पताल में वैक्सीन लगवाने के लिए उमड़ी भीड़।
  • जिले में 30 मई के बाद सबसे कम 432 लोगों काे लगी वैक्सीन, काेविशील्ड की 400 व काेवैक्सीन की 4500 डाेज बची

सिविल अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग में वैक्सीनेशन, स्वैब सैंपलिंग का काम बुधवार से बंद हा़े गया है। ऐसा इसलिए, क्योंकि इस बिल्डिंग के मलबे की नीलामी 9 जुलाई को है। टीकाकरण का काम अब गुरुवार से आर्य पीजी कॅालेज के हाल में चलेगा। स्वैब सैंपलिंग ईएसआई अस्पताल के एक हिस्से में की जाएगी।

पुरानी बिल्डिंग में बने फ्लू काॅर्नर को भी अस्पताल की नई बिल्डिंग में सीटी स्कैन सेंटर के पास शिफ्ट किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने इन सेवाओं को शिफ्ट करने की तैयारी कर ली है। इसके अलावा एसडी पीजी काॅलेज में टीकाकरण केंद्र बनाया जाएगा।

आर्य पीजी कॉलेज में कोविशील्ड की दूसरी डोज लगेगी। इस समय इसी डोज का अधिक भार है। वहीं, गुरुवार काे जिले के तीन निजी अस्पतालाें काे अलाॅट हुई 580 डाेज मिलेंगी। हालांकि तीनाें निजी अस्पतालाें ने 1300 डाेज की डिमांड की थी।

38 दिनों में सबसे कम वैक्सीनेशन

बुधवार काे सिर्फ 432 लाेगाें काे टीके लगे हैं। यह वैक्सीनेशन पिछले 38 दिनाें में सबसे कम है। इससे पहले 30 मई काे 200 लाेगाें काे टीके लगे थे। बुधवार काे डाेज नहीं हाेने के कारण सीएचसी-पीएचसी के वैक्सीनेशन सेंटर बंद कर दिए गए। जिले में अब काेविशील्ड की 400 से भी कम डाेज बची हैं। वहीं काे-वैक्सीन की साढ़े 4 हजार डाेज बची हैं, लेकिन ये डाेज सिर्फ दूसरी डाेज वालाें काे लगनी हैं।

ऐसे में अब आगे का वैक्सीनेशन कैसे चलेगा ये भी विभाग के लिए चिंता का कारण बना है। विभाग काे कब डाेज मिलेगी, इसका भी नहीं पता। जिले में अब तक वैक्सीनेशन की रफ्तार इसलिए भी हैरान करने वाली है, क्योंकि सिर्फ 20% जिले की आबादी को ही वैक्सीन लगी है। जबकि विशेषज्ञ कह रहे हैं कि जब तक 70% लोगों को वैक्सीन नहीं लग जाती, कोरोना का खतरा कम नहीं होगा।

पानीपत संक्रमण में छठे नंबर पर, वैक्सीनेशन में 15वें पर क्याें

जिले में वैक्सीन का टाेटा शुरू से बना हुआ है। वैक्सीन वितरण पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। क्याेंकि काेराेना संक्रमित जिलाें में ज्यादा वैक्सीन दी गई हैं, लेकिन पानीपत से इस आधार पर भी साैतेला व्यवहार हुआ है। क्याेंकि पानीपत काेराेना संक्रमण में छठे नंबर पर है, ताे वैक्सीनेशन में 15वें नंबर पर क्याें हैं। गुड़गांव, फरीदाबाद जैसे जिले काेराेना में पहले-दूसरे नंबर पर थे। वहीं, वैक्सीनेशन में भी पहले और दूसरे नंबर पर हैं। पानीपत में अम्बाला से ज्यादा काेराेना केस हैं और आबादी भी 2 लाख है, लेकिन वैक्सीनेशन आधा ही है।

टीकाकरण प्रणाली काे बना सकते हैं आसान

  • शहर काे 26 वार्डाें में बांटा गया है, हर वार्ड में राेजाना अलग-अलग एक सेंटर कम से कम हाे।
  • ऐसे ही समालखा में 11 वार्डाें में भी राेजाना एक सेंटर जरूर बनाएं।
  • जिले के करीब 190 गांवाें काे 6 ब्लाॅक में बांटा गया है। हर राेज एक ब्लाॅक में कम से कम 5 सेंटर बनाएं, ऐसे में राेजाना 30 गांवों काे कवर किया जा सकता है।
  • फिर अस्पताल के वैक्सीनेशन सेंटर पर भीड़ भी कम हाेगी
  • बस स्टैंड, सार्वजनिक जगहाें पर काराें व बसाें में भी टीके लगाएं।
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