पानीपत DC ने संभाली ट्रैक्टर की कमान:पराली अवशेष बेलिंग मशीन चलाकर किसानों को जागरूक किया; प्रतिज्ञा दिलाकर समझाया

पानीपत7 दिन पहले
पराली अवशेष बेलिंग मशीन को ट्रैक्टर से चलाते DC सुशील सारवान।

हरियाणा के पानीपत जिले के DC सुशील सारवान ने पराली प्रबंधन को लेकर खुद कमान संभालते हुए रविवार को गांजबड गांव के खेतों में धान की कटाई के वक्त निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पराली अवशेष नहीं जलाने को लेकर किसानों के साथ विचार विमर्श भी किया। उन्होंने किसानों से आह्वान करते हुए कहा कि धान कटाई का कार्य खेतों में शुरू हो चुका है।

इसलिए कोई भी किसान पराली अवशेष न जलाकर, अपने नजदीकी एथेनॉल प्लांट स्थित रिफाइनरी में या अपने नजदीकी हायरिंग सेंटर में भेज कर व्यावसायिक रूप से उसका प्रयोग करें। पराली के अवशेषों को जलाने से उठे धुंए के कारण वातावरण में विभिन्न प्रकार की बीमारियां फैलती हैं, जो हम सब के स्वास्थ्य के लिए बहुत ही खतरनाक सिद्ध होती हैं।

पराली न जलाने के लिए लोगों को समझाते हुए DC सुशील सारवान।
पराली न जलाने के लिए लोगों को समझाते हुए DC सुशील सारवान।

कृषि यंत्रों पर मिल रही 40-80% सब्सिडी

इस अवसर पर DC ने सभी मौजूदा किसानों को भविष्य में पराली अवशेष नहीं जलाने की प्रतिज्ञा भी दिलाई। उन्होंने स्वयं पराली अवशेष बेलिंग मशीन को ट्रैक्टर से चलाकर किसानों को पराली अवशेष न जलाकर उसे मशीन के माध्यम से इकट्टा करने का संदेश दिया। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक वजीर सिंह ने बताया कि पराली अवशेषों को इकट्ठा करके व्यवसायिक प्रयोगों के लिए चोपर, वेलर और रैक मशीन सहित अन्य कृषि यंत्रों का प्रयोग करना चाहिए। इन कृषि यंत्रों पर किसानों को विभाग द्वारा 40 से 80 प्रतिशत तक सब्सिडी भी दी जाती है।