किसान आंदोलन:अनशन पर बैठे पानीपत के किसान, रागनी गाकर किया कृषि कानूनों पर कटाक्ष

पानीपत2 वर्ष पहले
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पानीपत में लघु सचिवालय के सामने अनशन पर बैठे किसानों को रागनी सुनता गायक संदीप। - Dainik Bhaskar
पानीपत में लघु सचिवालय के सामने अनशन पर बैठे किसानों को रागनी सुनता गायक संदीप।
  • भाकियू जिला प्रधान समेत पांच किसानों सुबह 8 बजे से कर रहे अनशन
  • जींद से बुलाई गई रागनी पार्टी, दोपहर तक किसानों का किया मनोरंजन

दिल्ली बॉर्डर पर डटे किसानों के साथ पानीपत के किसानों ने भी सोमवार सुबह 8 बजे से अनशन किया। भारतीय किसान यूनियन के जिला प्रधान कुलदीप बलाना समेत पांच किसान अनशन पर रहे। जींद की रागनी पार्टी ने रागनी से किसानों का मनोरंज भी किया और कृषि कानूनों पर कटाक्ष भी किया।

किसान आंदोलन में शामिल किसानों ने सोमवार से अनशन करने का ऐलान किया था। इसको देखते पानीपत में भी किसान सुबह 8 बजे से अनशन पर बैठ गए। भाकियू जिला प्रधान कुलदीप बलाना के नेतृत्व में किसान और कर्मचारी संगठन लघु सचिवालय के सामने जुटे। प्रधान कुलदीप बलाना, पूर्व प्रधान जयकरण कादियान, ऋषिपाल नांदल, रामचंद्र कुराना और सीटू के सुनील दत्त शात 5 बजे तक अनशन पर रहेंगे। प्रधान ने बताया कि जिला स्तर पर किसान अनशन करके बॉर्डर पर मौजूद किसानों को समर्थन देने के साथ उनका हौंसला बढ़ा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कृषि कानून वापस होने तक विरोध-प्रदर्शन जारी रहेगा। दिल्ली बॉर्डर के साथ जिलों में भी विरोध किया जाएगा। किसान संगठन द्वारा प्रत्येक आह्वान के अनुसार किसान अपने-अपने जिला स्तर पर प्रदर्शन करेंगे। सरकार को हर हाल में कृषि कानून वापस लेने होंगे।

जींद की रागनी पार्टी के गायक और किसान यूनियन के प्रचारक संदीप ने रागनी के माध्यम से केंद्र सरकार और कृषि कानूनों पर कटाक्ष किया। संदीप की पार्टी ने दोपहर तक एक के बाद एक रागनी से किसानों का मनोरंजन किया। इसके बाद रागनी पार्टी वापस दिल्ली बॉर्डर पर किसानों के बीच पहुंच गई।