PM ने किया 2G एथेनॉल प्लांट का उद्धाटन:मोदी बोले- खिलाड़ियों की तरह अब हरियाणा के खेत भी एनर्जी पैदा करेंगे, किसानों की इनकम बढ़ेगी

पानीपत2 महीने पहले
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को पानीपत रिफाइनरी में बने सेकेंड जेनरेशन (2जी) एथेनॉल प्लांट का वर्चुअल तरीके से उद्घाटन किया। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) की रिफाइनरी में 909 करोड़ रुपए से 35 एकड़ में बने प्लांट का उद्घाटन करने के बाद PM ने कहा कि आज का कार्यक्रम पानीपत और हरियाणा के साथ-साथ पूरे देश के किसानों के लिए बहुत अहम है।

PM ने कहा कि पानीपत का यह आधुनिक जैविक ईंधन प्लांट शुरुआत मात्र है। हरियाणा के प्लेयर खेल के मैदान में जो एनर्जी दिखाते हैं, वैसी ही एनर्जी अब हरियाणा के खेत भी पैदा करके दिखाएंगे। इस प्लांट से बिना जलाए भी पराली का निपटारा हो पाएगा। पराली जलाने से धरती को जो नुकसान होता था, अब वह भी नहीं होगा।

पानीपत की इंडस्ट्री को सीधा फायदा

इस प्लांट से पानीपत की टैक्सटाइल इंडस्ट्री और हरियाणा के किसानों को सीधा फायदा होगा। अभी तक धान कटाई के बाद किसानों द्वारा जलाई जाने वाली पराली की वजह से पूरे इलाके में पॉल्यूशन बढ़ जाता है और इसकी वजह से पानीपत की टैक्सटाइल इंड्रस्टी बंद करनी पड़ती है। इसकी वजह से हर साल 10 हजार करोड़ का नुकसान होता है। किसानों पर पराली जलाने के लिए केस भी दर्ज होते थे।

अब इस प्लांट के बनने से इंडस्ट्री और किसान- दोनों को फायदा होगा। हरियाणाभर के किसानों की पराली खरीदी जाएगी, जिससे उनकी आय में इजाफा होगा।

BJP ने दिया ठोस हल

मोदी ने कहा कि जो पराली अब तक धान की खेती करने वाले किसानों के लिए बोझ और परेशानी का कारण थी, वही अब उनके लिए, अतिरिक्त इनकम का जरिया बनेगी। पराली से होने वाली दिक्कतों के बारे में कई बरसों से तमाम सियासी दल बहुत कुछ कहते रहे मगर कोई उसका ठोस हल नहीं दे पाया। भाजपा सरकार ने अब इसे कर दिखाया है।

प्लांट का उद्घाटन करने के बाद प्रधानमंत्री ने सभी लोगों को वर्ल्ड बायोफ्यूल डे की शुभकामनाएं भी दीं।

किसानों की मदद से एथेनॉल का टारगेट पूरा

पीएम ने कहा, कुछ साल पहले देश ने तय किया था कि पेट्रोल में 10% तक एथेनॉल मिलाने का टारगेट पूरा करेंगे। अब किसान भाई-बहनों की मदद से यह टारगेट समय से पहले ही अचीव कर लिया है। पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने से 7-8 साल में देश के तकरीबन 50 हजार करोड़ रुपये विदेश जाने से बचे हैं। यह रकम एथेनॉल ब्लेडिंग की वजह से हमारे किसानों को मिली है।

पराली खरीदने के लिए जिला लेवल पर बनेंगे सेंटर

पानीपत रिफाइनरी में बने 2जी एथेनॉल प्लांट में पराली से एथनॉल बनेगा। पराली खरीदने के लिए जिलेभर में कृषि विभाग कस्टम हायरिंग सेंटर (CHC) स्थापित करेगा। इनके जरिये किसानों के खेतों से सीधे पराली खरीदी जाएगी। उसके बाद पराली की गांठें बनाकर कलेक्शन सेंटर पर भेजी जाएगी। इनमें से एक कलेक्शन सेंटर बड़ौली और गांजबड़ गांव की साइट पर है जबकि दूसरा सेंटर आसन कलां गांव की साइट पर बनेगा।

रोज बनेगा 100 किलोलीटर एथेनॉल

पानीपत रिफाइनरी में पराली से एथेनॉल बनाने वाला प्लांट तैयार है। इसकी क्षमता रोजाना 100 किलोलीटर (1 किलोलीटर में 1 हजार लीटर) एथेनॉल बनाने की है। प्लांट को पराली उपलब्ध करवाने के लिए कृषि विभाग तैयार है।

पराली जलाने की वजह से होने वाले एयर पॉल्यूशन को रोकने के लिए राज्य और केंद्र सरकार कई बरसों से प्रयास कर रही हैं। इसी कड़ी में फसल अवशेष प्रबंधन के लिए किसानों को CHC की स्थापना और व्यक्तिगत कृषि यंत्रों पर भारी अनुदान दिया जा रहा है।

रिफाइनरी में बना एथेनॉल प्लांट
रिफाइनरी में बना एथेनॉल प्लांट

अकेले पानीपत से 3.80 लाख टन पराली

हरियाणा को धान का कटोरा कहा जाता है। हरियाणा की जीटी रोड बेल्ट में आने वाले पानीपत, करनाल, कुरुक्षेत्र और कैथल जिलों में धान की फसल की वजह से बहुत ज्यादा पराली होती है और उसका प्रबंधन करना बड़ी चुनौती है। अकेले पानीपत में ही हर साल 3.80 लाख टन पराली होती है। पानीपत जिले में 30 CHC पर पराली से गांठें बनाने के लिए बेलर मशीन उपलब्ध है। इसके अलावा 3 व्यक्तिगत बेलर भी हैं। किसानों से पराली खरीदने के बाद इनसे उसकी गांठे बनाकर कलेक्शन सेंटर पर भेजी जाएगी।