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प्राॅपर्टी टैक्स:पुराने डेटा के अनुसार ही मिलेंगे प्राॅपर्टी टैक्स बिल, कंपनी अपलाेड नहीं कर पाई है नया डेटा

पानीपत13 दिन पहलेलेखक: नरेश मेहरा
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  • याशी कंपनी के नए सर्वे में बनी हैं 1.71 लाख प्राॅपर्टी यूनिट और पुराने डेटा अनुसार हैं 1.41 लाख यूनिट

शहरवासियाें काे वित्तीय सत्र 2021-22 के प्राॅपर्टी टैक्स बिल पुराने डेटा के अनुसार ही मिलेंगे। याशी कंपनी अभी तक भी नए सर्वे का डेटा शहरी स्थानीय निकाय की वेबसाइट पर अपलाेड नहीं कर पाई है, क्याेंकि सभी प्राॅपर्टी टैक्स मालिकाें की आपत्तियां नए सर्वे में खत्म नहीं हाे पाई हैं। इसलिए आधे अधूरे व गलत डेटा काे वेबसाइट पर अपलाेड करने की अनुमति कंपनी काे नहीं मिली है।

नगर निगम एरिया में याशी कंपनी के नए सर्वे में 1.71 लाख प्राॅपर्टी यूनिट बनी हैं। पुराने डेटा की बात की जाए ताे शहर में 1.41 लाख प्राॅपर्टी यूनिट हैं। अब याशी कंपनी अपने नए सर्वे के आधार पर प्राॅपर्टी मालिकाें काे जुलाई से रि-असेसमेंट नाेटिस भेजने की तैयारी कर रही है।

याशी कंपनी के रि-असेसमेंट नाेटिस मिलने के बाद प्राॅपर्टी यूनिट मालिकाें काे अपनी आपत्तियां दर्ज कराने के लिए 30 दिन का समय मिलेगा। शहरवासियाें काे जाे नाेटिस कंपनी की ओर से मिलेंगे, उसमें आपत्ति लिखने के लिए काॅलम दिया गया है। साथ ही दूसरा कालम भी हाेगा, जिसमें बिल ठीक हाेने पर प्राॅपर्टी मालिक उसमें सही का निशान लिख देगा।

यह एक तरह से प्राॅपर्टी यूनिट मालिकाें के लिए शपथ पत्र का भी काम करेगा। शहरवासी जाे भी आपत्ति नाेटिस में बताएंगे, उसका कंपनी सर्वे करेगी और आपत्ति सही पाए जाने पर समाधान भी हाेगा। इस बारे में सीनियर डिप्टी मेयर दुष्यंत भट्ट के साथ कई पार्षदाें ने भी सीएम मनाेहर लाल काे पत्र लिखा था।

शहर में नगर निगम अपने प्राॅपर्टी टैक्स बिल जुलाई में बांटना शुरू कर देगा। इसके साथ ही याशी कंपनी के रि-असेसमेंट नाेटिस भी जुलाई में ही बांटे जाएंगे। याशी कंपनी का डेटा पीएमएस पर अपलाेड नहीं हाेने के कारण पुराने ही बिल बांटे जाएंगे।

पीएमएस हरियाणा की वेबसाइट पर नए सर्वे के अनुसार बिल अपलाेड नहीं हाेने से करीब 30 हजार नए प्राॅपर्टी मालिकाें की समस्याएं बढ़ गई हैं। इसमें बहुत से ऐसे प्राॅपर्टी मालिक हैं, जिनकाे अपनी रजिस्ट्री करानी थी। जिन्हें लाेन आदि के लिए प्राॅपर्टी टैक्स बिल जमा करवाकर एनडीसी लेनी थी। इन सभी के काम रुक गए हैं। इनकी प्राॅपर्टी की नई आईडी भी नहीं बन पाई हैं।

समस्या खत्म करने के लिए ही उठाए जा रहे कदम

शहरवासियाें काे प्राॅपर्टी टैक्स बिलाें से संबंधित भविष्य में काेई परेशानी न हाे, इसके लिए ही जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। पुराने प्राॅपर्टी टैक्स बिल वित्तीय सत्र 2020-21 के दाैरान सही हाे गए हैं। जाे काेई एकाध बिल गलत रह गया है, वह भी अब ठीक हाे जाएंगे। जिनके बिल सही हैं, उन्हें ऑनलाइन माध्यमाें से राशि जमा कराने की सुविधाएं दी जाएंगी।
- जितेंद्र सिंह, डीएमसी, नगर निगम, पानीपत।

पूरा डेटा ठीक करके ही किया जाएगा अपलाेड हमारी कंपनी ने जाे सर्वे कराया है, उसकाे पूर्ण रूप से सही करके ही अपलाेड किया जाएगा। हमने सभी वार्डों मेंं कैंप लगाकर भी प्राॅपर्टी टैक्स मालिकाें की आपत्तियां ली थी। इसमें जाे लाेग छूट गए हैं, उनकाे भी अब अच्छा माैका मिल जाएगा। हर घर में रि-असेसमेंट नाेटिस भेजकर अापत्तियां दर्ज कराई जाएंगी। - सुरेश, प्राेजेक्ट मैनेजर, याशी।

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