मैराथन दौड़:इस सप्ताह हाे सकता है सीराे सर्वे-2, 850 की बजाए 750 सैंपल लिए जाएंगे

पानीपतएक वर्ष पहले
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पानीपत | सीराे सर्वें काे लेकर बैठक लेते सीएमओ डाॅ. संतलाल वर्मा। - Dainik Bhaskar
पानीपत | सीराे सर्वें काे लेकर बैठक लेते सीएमओ डाॅ. संतलाल वर्मा।
  • 19 से 21 अगस्त के बीच हुए सीराे सर्वे-1 में 7.4 प्रतिशत लाेग मिले थे काेराेना संक्रमित

जिले में इस माह के अंत से पहले सरकारी सीराे सर्वे-2 करवाएगी। इसकाे लेकर साेमवार काे सीएमओ डाॅ. संतलाल वर्मा, नाेडल अधिकारी एंव डिप्टी सीएमओ डाॅ. सुनील संडूजा की अध्यक्षता में वीडियाे काॅल के माध्यम से बैठक भी हुई। सीएमओ ने बताया कि इस बार सीराे सर्वे में करीब 750 सैंपल लिए जाएंगे, जबकि पहले सर्वे में 850 सैंपल लिए गए थे।

अबकी बार शहर में एक पार्ट से 76 और गांवाें से 36 सैंपल लिए जाएंगे। बता दें कि जिले में पहला सर्वे 19 से 21 अगस्त के बीच तीन दिनाें तक किया गया था। इसमें इसमें शहर एरिया से 88 और गांवाें के एरिया से 44 सैंपल लिए गए थे। 4 सितंबर काे सीराे सर्वे की आई रिपाेर्ट में जिले की 7.4 प्रतिशत संक्रमित मिले थे।

यानी इस सर्वे के हिसाब से जिले की 14 लाख आबादी में से 1 लाख 3600 मरीज संक्रमित हाे चुके हैं। ये वाे लाेग हैं, जाे बिना लक्षण वाले थे। यानी जिनके घर में काेई पाॅजिटिव नहीं था। इनकाे काेराेेना हुआ और उनकाे पता भी नहीं लगा। नाेडल अधिकारी डाॅ. ललित वर्मा ने बताया कि हर ब्लाॅक गांव व शहराें में बनाए गए सभी क्लस्टरों पर एक डाॅक्टर सहित 3 की ड्यूटी लगा दी गई है। सीएमओ ने बताया कि इस सप्ताह में सर्वे शुरू हाे सकता है।

यहां हाेगा सर्वे : नाेडल अधिकारी डाॅ. ललित वर्मा ने बताया कि अबकी बार ग्रामीण एरिया में मतलाैडा, खंडरा, थिराना, नाैल्था, इसराना, जाैंधन कलां, उग्राखेड़ी, निजामपुर, जलालपुर, पट्टिकल्याणा, हथवाला, बिलासपुर में हाेगा। वहीं अर्बन एरिया में खटीक बस्ती व माॅडल टाउन का एरिया और अर्बन उग्राखेड़ी में सैंपल लिए जाएंगे। टीमाेंे के ड्यूटी लगा दी हैं। अब आदेश मिलते ही सर्वे किया जाएगा। इस बार जिले से 750 सैंपल लिए जाएंगे।

एंटीबॉडी क्या होती है?

जब वायरस शरीर में प्रवेश करता है तो शरीर उसे खत्म करने के लिए कुछ प्रोटीन बनाता है। इन्हें एंटीबॉडी कहते हैं। इनका आकार जैसा होता है।

एंटीबॉडी मिलने का क्या मतलब है? जिन मरीजों के शरीर में एंटीबॉडी मिले, वे या तो कोरोना संक्रमित हैं या हो कर ठीक हो चुके हैं। इनमें कई ऐसे लोग भी होते हैं जिन्हें संक्रमित होने का पता भी नहीं चलता। दरअसल, उनमें कोई लक्षण नजर नहीं आते। ऐसे संक्रमितों को एसिम्पटाेमैटिक कहा जाता है। जिन मरीजों में लक्षण नजर आते हैं, उन्हें सिम्पटोमैटिक्स कहा जाता है।

सीरो सर्वे क्या है?

किसी आबादी में संक्रमण कितना फैल गया है, यह पता लगाने के लिए सीरोलॉजिकल सर्वे किया जाता है। इसे ही सीरो सर्वे कहते हैं। इसमें लोगों के ब्लड में कोरोना वायरस की एंटीबॉडी की मौजूदगी पता की जाती है।

एंटीबॉडी डेवलप होने से क्या फायदा होगा : एक्सपर्ट के मुताबिक अगर 40 से 60 फीसदी लोगों में एंटीबॉडी बन जाएं तो इसे हर्ड इम्युनिटी की स्टेज कहते हैं। इससे संक्रमण फैलने का खतरा कम होता है। लेकिन एक्सपर्ट यह भी कहते हैं कि हर्ड इम्युनिटी की बात तभी की जानी चाहिए, जब वैक्सीन देकर उन लोगों की सुरक्षा तय कर दी जाए, जिन्हें बीमारी से ज्यादा खतरा है।

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