तैयारी:जिले में सीराे सर्वे नहीं हुआ शुरू, पीजीआई चंडीगढ़ से नहीं मिला ग्रीन सिग्नल

पानीपतएक वर्ष पहले
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  • सीराे सर्वें के डाॅक्टर, लैब टेक्नीशियन, स्टाफ की ट्रेनिंग की जा चुकी है, जिले में शहरी और ग्रामीण के 4-4 क्लस्टरों पर हाेने हैं 850 रैंडम सैंपल

जिले में गुरुवार काे सीराे सर्वे का काम शुरू नहीं हाे सका। क्याेंकि अभी पानीपत स्वास्थ्य विभाग की टीम काे पीजीआई चंडीगढ़ से ग्रीन सिग्नल नहीं मिला है।

सीराे सर्वे के नाेडल अधिकारी डाॅ. ललित वर्मा ने बताया कि बीते मंगलवार काे सीराे सर्वें के डाॅक्टर, लैब टेक्नीशियन, स्टाफ की ट्रेनिंग की जा चुकी है। पहले गुरुवार से इससे शुरू करना था, लेकिन गुरुवार सुबह तक अनुमति नहीं मिली। ये सीराे सर्वे पीजीआई चंडीगढ़ की देखरेख में ही हाेना है। फिलहाल अनुमति नहीं मिलने तक इसे राेक दिया गया है, लेकिन हमारी और से सभी तैयारी हैं। हमने हर क्लस्टर के लिए एक डाॅक्टर की देख-रेख में तीन लाेगाें की टीम बना दी है।

डाॅ. ललित ने बताया कि सरकार हर जिले में सीराे सर्वे करवाने जा रही है। इसी के तहत पानीपत में भी गुरुवार से शुरू हाेना था। इसमें कुल 850 सैंपल रैंडम लिए जाने हैं। इसके लिए 4 शहरी और 4 ग्रामीण क्लस्टर बनाए गए हैं।

शहर में सेक्टर-25 भी हाेगा क्लस्टर पाॅइंट
शहरी क्षेत्र में 4 क्लस्टर बना दिए गए हैं। इसमें अर्बन पीएचसी हरिसिंह काॅलाेनी, राजनगर, राजीव काॅलाेनी और अर्बन हेल्थ सेंटर सेक्टर-25 शामिल है। ग्रामीण में भी 4 क्लस्टर बनाए गए हैं। इसमें पीएचसी काबड़ी, पट्टी कल्याणा, खाेतपुरा और अहर काे शामिल किया गया है। इन चाराें क्लस्टर में सब सेंटर गांव गढ़ी सिकंदरपुर, अलुपुर और बराना शामिल है। नाॅन सब सेंटर में डेरा सिकंदरपुर, गढ़ी त्यागान, दमियाना, डेरा सपेरा है। इसके लिए विभाग के अधिकारियाें ने कर्मचारियाें काे ट्रेनिंग दे दी है।

टीम ऐसे बनाई गई है

  • इन सभी टीम के नाेडल अधिकारी डाॅ. ललित वर्मा रहेंगे।
  • सेक्टर-25 के अर्बन हेल्थ सेंटर के लिए डाॅ. अमित, एलटी रीना और हेल्थ वर्कर सुखचैन।
  • अर्बन पीएचसी हरिसिंह काॅलाेनी के लिए डाॅ. दीपांजलि, एलटी मंजू, हेल्थ वर्कर संतराे।
  • अर्बन पीएचसी राजनगर के लिए डाॅ. सुमन, एलटी सत्यावान, हेल्थ वर्कर सतवंती।
  • अर्बन पीएचसी राजीव काॅलाेनी के लिए डाॅ. गीतांशु, एलटी रितेश, हेल्थ वर्कर संताेष।

शहरी क्लस्टर से 498 सैंपल लेने की हुई तैयारी
शहर व ग्रामीण में बनाए गए हर क्लस्टर में 3 लाेगाें की टीम जाएगी। इसमें एक डाॅक्टर, एएनएम और महिला हेल्थ वर्कर शामिल है। शहरी क्लस्टर से 498 सैंपल हाेंगे। यानी हर क्लस्टर से लगभग 124 सैंपल हाेंगे। ग्रामीण क्षेत्राें के 8 गांवाें में 352 सैंपल लिए जाएंगे यानी हर गांव से औसतन 44 सैंपल हाेंगे। इन सब क्लस्टर में ब्लड सैंपल हाेगा और एलाइजा टेस्ट से पता लगाया जाएगा कि कितने फीसदी लाेगाें के शरीर में एंटी बाॅडी विकसित हाे चुकी है। यानी उन लाेगाें का ब्लड टेस्ट हाेगा जिनकी उम्र 18 साल से ज्यादा और अब तक काेराेना टेस्ट नहीं कराया है।

क्या हाेता है सीराे सर्वे : सर्वे में शामिल टीमें सहमति लेने के बाद कुछ चुनिंदा लोगों के खून के नमूने लिए जाएंगे। इसके बाद इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च के मानकों के मुताबिक एंटीबॉडी टेस्ट किया जाएगा। इस टेस्ट की मदद से यह जाना जाएगा कि आखिर कितने लोगों के अंदर कोरोना वायरस से लड़ने के लिए एंटीबॉडी तैयार हो चुकी है। इस सर्वे में एंटीबॉडीज का रैपिड टेस्ट करके पता लगाया जाएगा कि शख्स में कोरोना एंटीबॉडी बनी है या नहीं। इससे पता लगता है कि क्या शख्स कभी कोरोना के संपर्क में आया था या नहीं।

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