जन संकल्प से हारेगा कोरोना:कैंसर पीड़ित 68 साल की मां खुद खाना बनातीं, एक-दूसरे का ख्याल रखते हुए सबने 15 दिन में कोरोना को हराया

पानीपत6 महीने पहले
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पानीपत. बतरा की संयुक्त फैमिली। - Dainik Bhaskar
पानीपत. बतरा की संयुक्त फैमिली।
  • बोले- खुद को मजबूत बनाओ, वरना जीत नहीं पाओगे
  • गंभीर कोरोना संक्रमण होने के बावजूद अपनी इच्छाशक्ति से कोरोना को हराने वालों के जज्बों की कहानियां, पढ़िए आज तीसरी कड़ी- सेक्टर-12 निवासी यार्न कारोबारी अंकुर के परिवार के 6 सदस्य कोरोना पॉजिटिव हो गए, जिसमें कैंसर पीड़ित 68 साल की मां भी थीं

“यह सच है कि संकट में परिवार से ज्यादा सहारा आपको कोई नहीं दे सकता। अगर परिवार आपके साथ और पीछे खड़ा है तो हर मुश्किल आसान हो जाती है। इस कोरोना ने कम से कम मेरे परिवार को तो यहीं सिखाया। परिवार में अगर मां साहसी हो तो दुख आधा हो जाता है। मेरे परिवार के सभी 6 सदस्य कोरोना पॉजिटिव हो गए थे। 15 साल से कैंसर की मरीज मेरी मां सबसे साहसी निकलीं। शायद यहीं कारण है कि वह इतने सालों से कैंसर से लड़ रही हैं। कोरोना को तो हारना ही था।

नवंबर की बात है। सबसे पहले मां (संतोष) की तबियत खराब हुई। जांच कराई तो कोेरोना पॉजिटिव निकलीं। फिर अगले दिन मेरी बेटी (सुखमनी, जो डॉक्टर है) पॉजिटिव पाई गई। फिर तो पूरे परिवार में लाइन लग गई। बेटा (सुखमन, एमबीए कर रहा है), पिताजी (एचएल बतरा) और पत्नी (बिंदिया) पाॅजिटिव निकले। मेरे छोटे भाई डॉ. आदित्य बतरा और उनकी पत्नी डॉ. मयंका बतरा का रोहतक में अस्पताल है। सभी कोरोना पॉजिटिव रोहतक के घर में शिफ्ट हो गए। दोनों की निगरानी में इलाज शुरू हो गया। सिर्फ मैं और मेरा बेटा बच गए थे।

हमारा रोहतक आना-जाना था, इसलिए हम दोनों भी कोरोना पॉजिटिव हो गए। फिर तो टेंशन ही खत्म हो गई। सभी एक ही छत के नीचे सामान्य तरीके से रहने लगे। डॉक्टर और दवा की अपनी भूमिका है, लेकिन पॉजिटिव सोच की बड़ी भूमिका है। मेरी मां कहती थीं, हम सब कोरोना को हराएंगे। मेरी मां की विल पावर से हम सब और उत्साहित थे।

एक टाइम तो वह खुद परिवार के लिए खाना बनाती थीं। कभी अहसास नहीं होने दिया कि हम सब में वह सबसे अधिक बीमार है। हमने फिर एक-दूसरे का ज्यादा ख्याल रखना शुरू किया। कभी कैरम बोर्ड खेलते तो कभी लूडो लेकर बैठ जाते। पिताजी गुरुवाणी सुनते हैं, वह कभी उसी में लगे रहते। धीरे-धीरे सभी के स्वास्थ्य में सुधार आया और हम सबने 15 दिनों में कोरोना को हरा दिया। मैं तो यहीं कहूंगा कि जो दिल से हारा वह कोरोना से भी हारेगा। खुद को मजबूत बनाओ, वरना कोरोना से जीत नहीं पाओगे।’- अंकुर बतरा | मेंबर कोरोना वॉरियर परिवार

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