पानीपत में ट्रांसपोर्टर की कार चोरी:GPS की मदद से पुलिस के साथ मिलकर पकड़ा; आरोपी ने खुद को ही मारे ब्लेड

पानीपत3 महीने पहले
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हरियाणा के पानीपत जिले की अनाज मंडी से एक ट्रांसपोर्टर की कार चोरी हो गई है, जिसे मालिक ने कार में लगे GPS लोकेशन के आधार पर पुलिस के साथ मिलकर समालखा के हल्दाना के पास ट्रैफिक जाम की स्थिति में पकड़ लिया। आरोपी ने कार के शीशे बंद किए हुए थे, इसलिए शीशों को तोड़कर उसे बाहर निकालने का प्रयास किया गया।

इस दौरान आरोपी ने ब्लेड से अपनी ही गर्दन व हाथों पर वार किया। मगर पुलिस ने आरोपी को जैसे-तैसे काबू कर लिया। आरोपी के खिलाफ कार मालिक ट्रांसपोर्टर की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आईपीसी की धारा 379, 380 व 427 के तहत केस दर्ज करके मामले की आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।

इस जगह आरोपी को कार के शीशे तोड़कर बाहर निकाला गया था, मौके पर बिखरे कांच।
इस जगह आरोपी को कार के शीशे तोड़कर बाहर निकाला गया था, मौके पर बिखरे कांच।

आरोपी ने पुलिस ERV को भी टक्कर मारकर किया क्षतिग्रस्त

सेक्टर 29 थाना पुलिस को दी शिकायत में राज किशन ने बताया कि वह सेक्टर 6 पानीपत का रहने वाला है। वह पेशे से ट्रांसपोर्टर है। उसके पास मारुति विटारा ब्रेजा गाड़ी नंबर HR06AQ2628 है, जिसे उसने अनाज मंडी स्थित अपनी किराए की दुकान के बाहर पार्क किया था।

गाड़ी की चाबी दफ्तर में रखी थी व वह अपनी दुकान से थोड़ा साइड में बाहर बैठे थे। इसी दौरान एक युवक दुकान के ऊपर बने दफ्तर से चाबी चोरी करके दुकान के बाहर खड़ी गाड़ी को स्टार्ट करके एक दम से बहुत तेज गति से भगाकर ले गया। गाड़ी में GPS लगा हुआ था।

अनाज मंडी के पास मे ही ERV-112 खड़ी थी। उसने ERV पुलिस को अपनी गाड़ी चोरी होने के बारे में बताया। इसके बाद वह अपने साथी देवेंद्र के साथ ERV-112 में बैठकर GPS की लोकेशन के अनुसार दिल्ली की तरफ गई चोरी हुई गाड़ी का पीछा करने लगे।

समालखा के हल्दाना से थोड़ा पहले पुल के पास जाम लगा होने के कारण गाड़ी रूकी हुई थी। पुलिस की मदद से चोरी करने वाले को पकड़ने की कोशिश की तो उसने गाड़ी को फुटपाथ पर दे मारा। पुलिस ERV को भी पीछे से टक्कर मारी, जिससे दोनों गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गई।

ERV में तैनात पुलिसकर्मियों ने आरोपी को पकड़ने की कोशिश की तो उसने अपने हाथ मे ली हुई ब्लेडनुमा चीज से अपनी गर्दन व हाथ पर वार कर लिया। किसी तरह आरोपी को काबू किया गया। पूछताछ में उसने अपना नाम आयुष पुत्र परवल निवासी लिबासपुर समयपुर बादली बताया।