कैसे कम होगा कोरोना:प्रशासन ने मॉडल टाउन काे कागजों में लॉकडाउन करके छोड़ा, शिवाजी स्टेडियम काे छाेड़कर कहीं नहीं है पुलिस का पहरा

पानीपत6 महीने पहले
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पानीपत. माॅडल टाउन में काेराेना के ज्यादा केस बढ़ने के कारण माइक्राे कंटेनमेंट जाेन घाेषित कर दिया है। वहीं, सड़क पर फिर भी कुछ वाहन चालक नहीं मान रहे, बिना मतलब के सड़क पर घूम रहे हैं। फोटो | भास्कर - Dainik Bhaskar
पानीपत. माॅडल टाउन में काेराेना के ज्यादा केस बढ़ने के कारण माइक्राे कंटेनमेंट जाेन घाेषित कर दिया है। वहीं, सड़क पर फिर भी कुछ वाहन चालक नहीं मान रहे, बिना मतलब के सड़क पर घूम रहे हैं। फोटो | भास्कर
  • बड़ी परेशानी : सुबह 10 बजे तक भी कहीं कोई पाबंदी नहीं, मॉडल टाउन, विराट नगर, शांति नगर व फ्रेंड्स कॉलोनी में दिनभर सड़काें पर रही चहल-पहल

जिला प्रशासन ने मॉडल टाउन काे कागजों में ही लॉकडाउन करके छोड़ दिया है। सुबह 10 बजे तक भी काेई पाबंधी नहीं रही। दाेपहर तक कुछ सख्ती हाेने की उम्मीद थी, लेकिन लाॅकडाउन का ज्यादा असर नहीं दिखा। दाेपहर 12:30 से 2:30 बजे तक पूरे माॅडल टाउन व समेत आसपास की विराट नगर, शांति नगर व फ्रेंड्स कॉलोनी में घूमकर देखा ताे शिवाजी स्टेडियम काे छाेड़ कहीं भी पुलिस नहीं मिली।

ज्यादातर सड़काें पर दिनभर लाेगाें की चहल पहल रही। माॅडल टाउन में शिवाजी स्टेडियम के पास छाेटे बच्चे बना मास्क ही साइकिल व स्कूटी चला रहे हैं। युवा भी नियम ताेड़ने में काेई कसर नहीं छाेड़ रहे। कई जगहाें पर युवा भी टाेलियां बनाकर पार्काें के पास पेड़ाें के नीचे खड़े मिले। यह सब अच्छी बात नहीं है। ऐसे ही नियम टूटते रहे ताे वह दिन दूर नहीं जब पूरे शहर में लाॅकडाउन लग जाएगा।

100 नंबर चाैक से विराट नगर तक आंखाें देखा हाल

दाेपहर 12:30 बजे रेलवे स्टेशन के पिछले गेट वाली सड़क से माॅडल टाउन में प्रवेश किया। 100 नंबर चाैक के पास गुरुद्वारा चाैक पहुंचे। यहां पर एक पार्क के पास पेड़ के नीचे 8 वे 10 युवक बिना मास्क के ही खड़े हाेकर जाेर-जाेर से बाते हुए ठहाके लगा रहे थे। इसके बाद डाॅ. एमकेके स्कूल के सामने से हाेते हुए शिवाजी स्टेडियम के पास पहुंचे।

यहां 3 पुलिस कर्मी नाका लगाकर आने जाने वालाें से पूछ रहे थे। इसके कुछ दूरी पर 3 महिलाएं बिना मास्क के ही सड़क से जा रही थी। यहां से बाल विकास स्कूल के पास हाेते हुए सावन पार्क काॅलाेनी के रास्ते असंध राेड पहुंचे। दाेपहर के 1:30 बजे चुके थे। इसके बाद दिल्ली पैरलल नहर विराट नगर वाले पुल पर पहुंचे।

यहां से विराट नगर में प्रवेश किया ताे ज्यादातर सड़कें सुनसान मिली। इसी एरिया में लाॅकडान का पालन हाेता मिला। घूमते हुए असंध राेड के अनेजा पेट्राेल पंप चाैक पहुंचे ताे बल्लियाें से रास्ता बंद मिला। वापिस माॅडल टाउन से रामलाल चाैक जाते समय सड़क पर स्कूटी से बच्चाें काे टाेलियां बिना किसी काम के ही घूमते देखा। इनके फेस पर मास्क भी नहीं था। रामलाल चाैक पर भी बल्लियां लगी मिली। सिर्फ बाइकाें के लिए ही थाेड़ा रास्ता छाेड़ा हुआ था।

पानीपत. माॅडल टाउन में काेराेना के ज्यादा केस बढ़ने के कारण माइक्राे कंटेनमेंट जाेन घाेषित हाेने के बाद सिर्फ मेडिकल स्टाेर खुले है ताकि लाेगाें काे दवाइयां मिल सके।
पानीपत. माॅडल टाउन में काेराेना के ज्यादा केस बढ़ने के कारण माइक्राे कंटेनमेंट जाेन घाेषित हाेने के बाद सिर्फ मेडिकल स्टाेर खुले है ताकि लाेगाें काे दवाइयां मिल सके।

यहां मरीजों की लाचारी है, या प्रबंधन की लापरवाही ?

सिविल अस्पताल में एक बेड पर लेटे दाे लोग। जी हां यह शहर का सिविल अस्पताल है। इसे मरीजों की लाचारी कहें या फिर अस्पताल प्रबंधन की घाेर लापरवाही। यह आप खुद तय करें। क्योंकि अस्पताल में न तो मरीजों को पूरी ऑक्सीजन ही मिल पा रही है और न ही बेड मिल रहे। इसका अंदाजा इस तस्वीर से सहज ही हो जाएगा। एक बिस्तर पर दो जन लेटे पड़े हैं। ऐसे में जब सबको पता है कि कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है। रोजाना कई-कई मौतें हो रही हैं। 500 से ऊपर रोजाना कोराेना के केस आ रहे हैं। फिर भी यह लापरवाही बहुत भारी पड़ सकती है। आप खुद भी यह सुनिश्चित करें कि अस्पताल में एक बेड पर 2 लोग न हों।

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