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क्या-क्या करवाएगा कोरोना ? / हनीमून पर गया डॉक्टर दंपती दो माह अफ्रीका में फंसा, होटल में एक रूम के लिए चुकाए डेढ़ लाख रुपए, कनाडा में युवक ने दुकान पर काम कर भरा पेट

The couple went on a honeymoon, trapped in Africa for two months, paid one and a half lakh rupees for a room in a hotel, the young man in Canada filled his stomach while working at the shop
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The couple went on a honeymoon, trapped in Africa for two months, paid one and a half lakh rupees for a room in a hotel, the young man in Canada filled his stomach while working at the shop

  • वंदे भारत मिशन विदेश से पानीपत लौटे 10 लोग

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 06:13 AM IST

पानीपत. कोरोनावायरस के कारण विदेशों में फंसे भारतीयों को वापस लाया जा रहा है। शहर में शुक्रवार तक विदेश से लाैटे 10 लोगों को होटल डेज, पाइट कॉलेज और एनसी इंजीनियरिंग कॉलेज में क्वारेंटाइन किया गया। लाैटने वालाें में कोई विदेश में जॉब करने वाला है तो कोई घूमने के लिए गया था, लेकिन वहीं फंस कर रह गए। कनाडा में जॉब कर रहे पानीपत के एक युवक की लॉकडाउन के कारण जॉब चली गई। इस कारण ग्रोसरी शॉप में काम कर दिन गुजारे। स्वदेश आने के लिए भारत एम्बेसी से मदद मांगी। वहीं, पानीपत के रहने वाले डॉक्टर दंपती 14 मार्च को साउथ अफ्रीका में हनीमून मनाने गए थे। 22 मार्च को वापसी की फ्लाइट थी। उस दिन इंडिया में जनता कर्फ्यू लग गया।

उसके बाद लॉकडाउन। मदद के लिए 100 से ज्यादा ई-मेल भारत और साउथ अफ्रीका सरकार को किए। उसके बाद ही वह शुक्रवार को भारत वापस पहुंच सके। पानीपत के करीब 147 लोग कनाडा, लंदन, साउथ अफ्रीका, अमेरिका, सिंगापुर सहित अन्य देशों में फंसे हुए थे। इनमें से अधिकतर स्टूडेंट्स हैं। जो पढ़ाई के लिए वहां गए थे। भारत सरकार ने 11 मई से उन लोगों की वापसी शुरू करवा दी है। जैसे-जैसे फ्लाइट आ रही हैं। उन लोगों को एक-एक कर लाया जा रहा है। दिल्ली एयरपोर्ट से पानीपत तक लाने और अलग-अलग स्थानों पर क्वारेंटाइन करवाने की जिम्मेदारी पानीपत जिला प्रशासन ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के संपदा अधिकारी योगेश रंगा को दी है।

छह माह पहले ही शुरू की थी जॉब
न्यू क्रांति नगर के रहने वाले पराग ने बताया कि वह दो साल पहले कनाडा के वैंकूवर में ज्योग्राफिक साइंस का कोर्स करने गए थे। छह महीने पहले ही वहां की ईसरी कंपनी में जॉब शुरू कर दी। कोविड-19 के कारण 15 मार्च को कनाडा में लॉकडाउन हो गया। कुछ दिन कंपनी ने वर्क फ्रॉम होम कराया। इसके बाद जॉब से हटा दिया। रुपए न होने के कारण उन्होंने 25 दिन ग्रोसरी शॉप पर काम किया। वंदे भारत मिशन की जानकारी मिलते ही उन्होंने तत्काल ही भारतीय एम्बेसी में आवेदन कर दिया। 20 दिन तक लगातार फॉलोअप करने के बाद 20 मार्च को उन्हें भारत वापसी जाने के लिए मैसेज मिला। शुक्रवार अल सुबह उनकी फ्लाइट दिल्ली पहुंची। 

2.5 हजार रुपए रोज का रूम रेंट

मॉडल टाउन में रहने वाले पारस बत्रा ने बताया कि वह सर्जन हैं। उनकी पत्नी भी डॉक्टर हैं। यूपी के मथुरा में प्रैक्टिस करते हैं। 15 मार्च को वह साउथ अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में हनीमून मनाने के लिए गए थे। 22 मार्च को वापसी की फ्लाइट थी। उस दिन भारत में जनता कर्फ्यू हो गया। इस कारण फ्लाइट कैंसिल हो गई। उसके बाद वह वहां फंस गए। साउथ अफ्रीका में भी लॉकडाउन हो गया। उन्होंने 2.5 हजार रुपए प्रतिदिन का रूम सेट रेंट पर ले लिया। उन्होंने 100 से ज्यादा मेल भारत सरकार और साउथ अफ्रीका सरकार को लिखे। 20 मार्च को मैसेज मिला कि 21 मई भारत के लिए फ्लाइट जा रही है। इस तरह वे दिल्ली पहुंच सके।

इन तारीखों में आए लोग
12 मई    1
20 मई    2
21 मई    2
22 मई    5

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