व्यवस्था पर उत्साह भारी:डाेज 300 थी, बिना अपॉइंटमेंट लिए 2000 लाेग पहुंचे टीका लगवाने, वैक्सीनेशन बंद कर बुलानी पड़ी पुलिस

पानीपत3 महीने पहले
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पानीपत. आर्य काॅलेज में वैक्सीन लगवाने के दाैरान उमड़ी भीड़ काे कंट्राेल करने की कोशिश करती पुलिस। - Dainik Bhaskar
पानीपत. आर्य काॅलेज में वैक्सीन लगवाने के दाैरान उमड़ी भीड़ काे कंट्राेल करने की कोशिश करती पुलिस।
  • वैक्सीन की कमी से गांव, कस्बों व वार्डों में नहीं बन रहे सेंटर, आर्य कॉलेज में सेंटर बनाया तो उमड़ी भीड़

वैक्सीन लगवाने के लिए जिला वासियों का धैर्य अब जवाब दे रहा है। वैक्सीन की कमी से गांव, कस्बों व वार्डों में सेंटर नहीं बन रहे हैं। गुरुवार काे सिविल अस्पताल का सेंटर बंद करके आर्य काॅलेज में हाॅल में सेंटर बनाया गया ताे भीड़ उमड़ पड़ी। यहां सिर्फ 300 डाेज लगनी थी, लेकिन बिना रजिस्ट्रेशन और अपॉइंटमेंट के 2000 से ज्यादा लाेग पहुंच गए। सिफारिशों की संख्या ज्यादा होने से भीड़ अनियंत्रित हो गई।

अफरा-तफरी मचने के कारण 20 मिनट तक वैक्सीनेशन ही बंद करके एएनएम और डाॅक्टर बाहर आ गए। माैके पर पुलिस बुलानी पड़ी और लाेगाें काे समझाया। लंबी लाइनों में लोग घंटाें तक खड़े रहे। जब पता चला कि वैक्सीन नहीं है तो लौट गए। हरियाणा सरकार को सालाना 20 हजार करोड़ विदेशी मुद्रा देने वाला पानीपत वैक्सीनेशन में 22 जिलों में 15वें स्थान पर है।

वैक्सीन नहीं दे रही सरकार, इसलिए बनी ऐसी स्थिति

सरकार जिले में वैक्सीन ही नहीं दे रही। जिले में गुरुवार काे मात्र 1215 लाेगाें काे डाेज लगी। जबकि सीएम के जिले करनाल में ढाई हजार से ज्यादा और स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के जिले अम्बाला में 4500 से ज्यादा लाेगाें काे डाेज लगी। ऐसा नहीं है कि ये पहली बार हाे रहा है। हर राेज इन दाेनाें जिलाें में पानीपत से ज्यादा वैक्सीनेशन हाे रहा है। गुरुवार देर शाम तक 4 हजार काेविशील्ड की डाेज मिली हैं। वहीं, करीब इतनी ही डाेज काेवैक्सीन की सेकंड डाेज वालाें के लिए बची हुई हैं।

वैक्सीन वितरण कैसे हो रहा, सरकार ही जाने

जिले काे कम वैक्सीन मिलने पर लगातार सवाल उठ रहे हैं, कि वैक्सीन का वितरण सरकार किस हिसाब से कर रही है।

  • काेराेना ग्रस्त जिलाें के अनुसार अगर काेराेना ग्रस्त जिलाें काे ज्यादा वैक्सीन मिलनी हैं ताे पानीपत काे छठे नंबर पर ज्यादा वैक्सीन मिलनी चाहिए, क्याेंकि काेराेना ग्रस्त जिलाें में पानीपत इसी नंबर पर है।
  • आबादी के अनुसार: अगर आबादी के हिसाब से वैक्सीन दे रहे हैं ताे पानीपत काे 10वें नंबर पर ज्यादा वैक्सीन मिलनी चाहिए।

सबसे ज्यादा खतरा पानीपत को

तीसरी लहर तक ऐसे ही चलता रहा ताे सबसे ज्यादा खतरा पानीपत काे ही हाेगा। क्याेंकि अब तक सिर्फ 20 फीसदी का टीकाकरण हुआ है। क्याेंकि विशेषज्ञाें का कहना है कि अगर काेराेेना के कहर से बचना है ताे कम से कम 70 फीसदी आबादी का टीकाकरण जरूरी है, लेकिन वैक्सीनेशन में पानीपत तो प्रदेश के 22 जिलाें में 15वें नंबर पर है।

लाेगाें से अपील: बिना रजिस्ट्रेशन व अपॉइंटमेंट के न आएं

नाेडल अधिकारी डाॅ. मनीष पाशी का कहना है कि बिना रजिस्ट्रेशन और बिना अपॉइंटमेंट वाले हजाराें लाेग आर्य काॅलेज में पहुंच गए। पढ़े लिखे लाेगाें काे ऐसा नहीं करना चाहिए, क्याेंकि शुरू से ही सरकार कहती आई है कि वैक्सीन लगवाने के लिए रजिस्ट्रेशन और अपॉइंटमेंट लेना जरूरी है। ये सिर्फ एक सेंटर की बात नहीं है हर सेंटर पर वही लाेग जाएं जिन्हाेंने रजिस्ट्रेशन और अपॉइंटमेंट लिया हाे।

8 जुलाई काे हुआ वैक्सीनेशन

18-44 कैटेगरी में पहली डाेज-622 18-44 कैटेगरी में दूसरी डाेज-246 45 प्लस वालाें काे पहली डाेज-60 45 प्लस वालाें काे दूसरी डाेज-287 गुरुवार काे कुल डाेज लगी-1215

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