पानीपत:शहर से बेसहारा गोवंश को उठाकर अब नैन गो अभयारण्य भेजने का काम शुरू

पानीपत2 वर्ष पहले
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पानीपत. नगर निगम कर्मचारी रात को लावारिस पशुओं को पकड़ते हुए। - Dainik Bhaskar
पानीपत. नगर निगम कर्मचारी रात को लावारिस पशुओं को पकड़ते हुए।
  • दैनिक भास्कर ने पशुओं को शहर से बाहर भेजने का प्रमुखता से उठाया है मुद्दा
  • रात के समय मेयर अवनीत कौर भी खुद गोवंश पकड़ने वाली टीम के साथ सड़कों पर घूमती रहीं

शहरवासियों के खुशखबरी है। बुधवार रात को सड़कों, गलियों व चौक चौराहों पर घूम रहे बेसहारा गोवंश पकड़कर नैन गो अभयारण्य भेजने का काम शुरू हो गया है। नगर निगम, पशुपालन विभाग व गो सेवकों की टीमों ने सेक्टर-13/17 से अभियान की शुरूआत करते हुए पहले दिन 10 से ज्यादा गोवंश पकड़कर नैन भिजवाए।

मौके पर पहुंची मेयर :

बेसहारा गोवंश पकड़ने का काम सेक्टर-13/17 से शुरू हुआ। वह पहुंची मेयर अवनीत कौर ने कहा कि टीम का तरह से सहयोग किया जाएगा। साथ ही टीमों को निर्देश भी दिए कि किसी भी पशु को चोट नहीं लगनी चाहिए।

पार्षदों ने भी उठाया था मुद्दा

शहरवासियों की इस प्रमुख समस्या को खत्म करने के लिए पार्षदों ने भी सदन की बैठक में यह मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। पार्षदों ने तो यहां तक बोल दिया था कि जब किसी गोवंश को चोट लगती है, तब कई संगठन हंगामा करते हैं। रोज ये गोवंश कूड़ा कर्कट व प्लास्टिक खाकर बीमार हो रहे हैं, यह किसी को दिखाई नहीं देता।

पशुपालन विभाग लगा रहा है टैग

शहर की सड़कों व चौक चौराहों पर जितने भी गोवंश दिखाई दे रहे हैं, सभी को पशुपालन विभाग टैग लगा रहा है। साथ ही टीमें भी जो गोवंश पकड़ रही हैं, उन्हें भी टैग लगा दिया जा रहा है।

चिकित्सक भी रहे साथ

गोवंशाें को पकड़ने वाली टीमों के साथ चिकित्सक भी साथ रहे, ताकि किसी भी गोवंश की बीमारी की भी जांच साथ-साथ में की जाती रहे।

2 माह में कैटल फ्री हो जाएगा शहर

नैन गो अभयारण्य का 2 दिन पहले ही दौरा करके वहां की स्थिति देखी थी। मैनेजमेंट कमेटी से मीटिंग भी की थी। मैनेजमेंट ने खर्च की मांग रखते हुए पशुओं को रखने की सहमति दे दी थी। इसी पर काम शुरू हो गया है। शहर को 2 महीने के भीतर कैटल फ्री करने की हर संभव कोशिश करेंगे। - अवनीत कौर, मेयर, पानीपत।

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