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  • Thousands Of Farmers Traveled To Delhi From Panipat, Chadhuni Said In 11 Meetings, The Government Could Not Explain The Benefits Of Agricultural Laws

किसान आंदोलन:पानीपत से हजारों किसानों ने किया दिल्ली कूच, चढ़ूनी बोले- 11 मीटिंग में सरकार नहीं समझा पाई कृषि कानूनों के फायदे

पानीपत4 महीने पहले
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मंच पर किसान नेता गुरनाम सिंह। - Dainik Bhaskar
मंच पर किसान नेता गुरनाम सिंह।
  • संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर पानीपत से दिल्ली रवाना हुए किसान, कई घंटे बनी रही जाम की स्थिति
  • सरकार सोच रहीं है कि किसानों की संख्या कम हो रही है, यही दिखाने के लिए कर रहे हैं कूच

पानीपत के टोल प्लाजा पर इक्ट्‌ठा होने के बाद गुरुवार को हजारों किसानों ने दिल्ली कूच किया। किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने कूच का नेतृत्व किया। कृषि बिलों और केंद्र व प्रदेश सरकार पर निशाना साधने के बाद किसान दिल्ली रवाना हुए। चढ़ूनी ने कहा कि ये कृषि कानून नहीं, व्यापारी कानून हैं। इन कानूनों से केवल पूंजीपतियों को फायदा होगा। यही कारण है कि सरकार 11 मीटिंग के बाद भी कृषि कानूनों का किसानों को होने वाला लाभ नहीं बता पाई। यह कूच सरकार को चेताने के लिए है।

वाहन लेकर दिल्ली कूच में शामिल किसान।
वाहन लेकर दिल्ली कूच में शामिल किसान।

पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी ग्रुप) के बैनर तले गुरुवार को हजारों किसानों ने दिल्ली कूच किया। गुरुवार सुबह 9 बजे से ही किसान टोल प्लाजा पर जुटने लगे थे। जिस कारण करनाल से दिल्ली की ओर जाने वाला हाईवे जाम होने लगा। पुलिस और किसान नेताओं ने किसानों के वाहनों को साइड में लगवाकर यातायात सामान्य करने का प्रयास किया।

किसानों के दिल्ली कूच में शामिल सिख निहंग।
किसानों के दिल्ली कूच में शामिल सिख निहंग।

करीब 11 बजे यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी टोल प्लाजा पर पहुंचे। कार से नीचे उतरने से पहले DSP ने फोन पर चढ़ूनी की SP शशांक कुमार सावन से बता कराई। करीब 15 मिनट तक दोनों में बातचीत हुई। इसके बाद स्वागत कर प्रदेश अध्यक्ष को मंच पर लाया गया।

सरकार जनता को समझाये कृषि कानूनों के फायदे : चढ़ूनी
प्रदेश अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने कहा कि सरकार 11 मीटिंग के बाद भी उन्हें कृषि कानूनों से किसानों को होने वाला फायदा नहीं समझा सकी। सरकार को लगता है कि ये कानून किसानों के लिए लाभकारी हैं तो वह जनता को समझाए। कहा कि यह कृषि नहीं व्यापारी कानून हैं। वहीं, खरीफ फसलों की MSP में बढ़ोत्तरी को ऊंट के मुंह में जीरा बताया। उन्होंने कूच में शामिल लोगों को शालीनता दिखाने और हुडदंग न करने के लिए प्रेरित किया। कहा कि उपद्रव और हुड़दंग किसी भी आंदोलन के मिटा देता है।

गांव में घुसे तो पिटेंगे भाजपा नेता : जिलाध्यक्ष
मंच से भाषण के दौरान नेताओं का गुस्सा दिखा। यूनियन के जिलाध्यक्ष सुधीर जाखड़ ने कृषि कानूनों को किसान विरोधी बताते हुए भाजपा नेताओं पर गुस्सा निकाला और कहा कि किसी भी गांव में घुसने पर भाजपा नेताओं की पिटाई होगी। बाकी मंचासीन नेताओं ने भी कृषि कानूनों को किसान विरोधी बताया।