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फर्जीवाड़ा राेकने की कवायद:प्राॅपर्टी की नई आईडी बनवाने के लिए दस्तावेजों सहित अन्य जानकारी दर्ज करवाना अत्यंत जरूरी

पानीपत13 दिन पहले
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  • नगर निगम में राेजाना 20 से ज्यादा फाइल हाे रही जमा, अभी भी 2000 से ज्यादा फाइलें पेंडिंग

नगर निगम में प्राॅपर्टी की नई आईडी बनवाने में फर्जीवाड़ा राेकने के लिए कई तरह के नए व सख्त नियम बनाए गए हैं। नियमाें का पालन हुआ ताे भविष्य में सुधार हाेने की भी उम्मीद है। अब किसी भी प्रकार की नई प्राॅपर्टी आईडी बनवाने के लिए आवेदन करने वालाें काे काउंटर पर अपना नाम व माेबाइल नंबर लिखवाना हाेगा। साथ में पहचान पत्र भी देना जरूरी कर दिया गया है। अगर काेई आवेदक का रिश्तेदार या जानकार आया ताे उसे भी अपना नाम, नता, आईडी व माेबाइल नंबर लिखवाना हाेगा। इस नियम का पालन हाेना जरूरी कर दिया गया है।

दलालाें की आवाजाही पर भी लगेगी राेक
निगम की प्राॅपर्टी टैक्स ब्रांच में दलाल सबसे ज्यादा सक्रिय है। इसकी शिकायतें नगर निगम अधिकारियाें, मेयर व विधायक के पास भी की जाती रही हैं। ऐसे दलालाें की आवाजाही रोकने के लिए यह नया नियम बनाया है। टैक्स ब्रांच में एक हाजिरी रजिस्टर भी लगाएगा, जिसमें एंट्री भी करनी होगी।

राेजाना आती है 25 तक फाइल : प्राॅपर्टी टैक्स ब्रांच में राेजाना करीब 25 फाइल जमा हाेती हैं। डेयरी नंबर लेकर कई लाेग इन्हें अपने हाथाें में भी लेकर घूमते रहते हैं। इस समय नगर निगम में करीब 2000 फाइल जमा है। ये भी प्राेसेस में हैं। नई याेजना के तहत काम शुरू हाेने पर शहरवासियों को राहत की सांस ली है। अब असल प्रॉपर्टी धारक ही अपनी फाइल जमा 2करवा सकेंगे। हर आने जाने वाले आदमी की हाजिरी भी रजिस्टर में लगेगी।

नगर निगम की प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच आने वाले शहरवासियों काे काेई परेशानी न उठानी पड़े और सभी के काम समय पर पूर हाे सके, इसके लिए यह नियम बनाया है। दलालों का मुद्दा बनाकर कई बार हंगामे हो जाते हैं। शहरवासियों से भी आग्रह है कि वह अपने काम खुद ही पूरे करवाएं। किसी के भी बहकावे में न आएं।- जितेंद्र सिंह, डीएमसी, नगर निगम, पानीपत।

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