विनेश-साक्षी-पूनिया सरकार के फैसलों से नाखुश:रेसलर्स बोले- ओवरसाइट कमेटी पर हमसे नहीं ली सलाह; बजरंग ने कहा- WFI में 28 रेफरी नौसिखिए

पानीपत3 दिन पहले

भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर यौन शोषण के आरोप लगाने वाले रेसलर्स ने अब केंद्रीय खेल मंत्रालय की ओर से बनाई गई ओवरसाइट कमेटी पर सवाल उठाए हैं। WFI अध्यक्ष के खिलाफ दिल्ली में धरना देने वाले पहलवानों की अगुआई करने वाली रेसलर विनेश फोगाट, बजरंग पूनिया और साक्षी मलिक ने मंगलवार दोपहर ट्वीट कर इस बारे में अपनी आपत्ति जताई।

विनेश और पूनिया ने दोपहर 3 बजे एक साथ ट्वीट किए जबकि साक्षी ने दोपहर 3.40 बजे अकेले ट्वीट किया। तीनों पहलवानों ने एक ही मैसेज ट्वीट किया। तीनों ने लिखा- हमें आश्वासन दिया गया था कि ओवरसाइट कमेटी के गठन से पहले हमसे परामर्श किया जाएगा। बड़े दुख की बात है कि इस कमेटी के गठन से पहले हमसे राय भी नहीं ली गई।

तीनों ही रेसलर्स ने अपने ट्वीट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर को टैग भी किया है।

खेल मंत्रालय की ओवरसाइट कमेटी पर सवाल उठाने से पहले विनेश फोगाट ने मंगलवार सुबह भी दो ट्वीट किए।
खेल मंत्रालय की ओवरसाइट कमेटी पर सवाल उठाने से पहले विनेश फोगाट ने मंगलवार सुबह भी दो ट्वीट किए।

खेल मंत्रालय ने मैरीकॉम की अगुवाई में बनाई ओवरसाइट कमेटी
केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने 20 जनवरी को WFI अध्यक्ष के खिलाफ धरना देने वाले पहलवानों के साथ नई दिल्ली में अपने सरकारी आवास पर मीटिंग की थी। देर रात तक चली इस मीटिंग के बाद अनुराग ठाकुर ने पहलवानों के साथ मीडिया के सामने आकर कहा कि खेल मंत्रालय पूरे विवाद की जांच के लिए कमेटी बनाएगा जो 4 हफ्ते में रिपोर्ट देगी। कमेटी की जांच पूरी होने तक बृजभूषण सिंह WFI का कामकाज नहीं देखेंगे।

इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के तीसरे दिन, 23 जनवरी को अनुराग ठाकुर ने पांच मेंबरी ओवरसाइट कमेटी बनाने की जानकारी देते हुए उसके सदस्यों के नाम का ऐलान किया। कमेटी का प्रमुख विश्व चैंपियन मुक्केबाज मैरी कॉम को बनाया गया जबकि इसके सदस्यों में ओलंपिक मेडल विजेता रेसलर योगेश्वर दत्त, द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित तृप्ति मुरगुंडे, TOPS CEO राजगोपालन और राधा श्रीमन शामिल हैं।

अनुराग ठाकुर ने कहा कि यह कमेटी WFI का कामकाज देखेगी। अब पहलवानों ने खेल मंत्रालय की इसी ओवरसाइट कमेटी के गठन को लेकर किसी तरह की कोई चर्चा न किए जाने पर सवाल उठाए हैं।

विवाद में रेसलर गीता फोगाट की एंट्री
तीनों पहलवानों के ओवरसाइट कमेटी से जुड़े ट्वीट के बाद इस विवाद में 'दंगल गर्ल' गीता फोगाट ने भी एंट्री ले ली। गीता फोगाट ने मंगलवार शाम 4.18 बजे PMO, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर को टैग करते हुए ट्वीट किया। गीता ने लिखा- मैं देश के माननीय प्रधानमंत्री जी से निवेदन करती हूं हमारे देश की सभी बहन-बेटियां आपकी तरफ बहुत आशा और उम्मीदों से देख रही हैं। अगर हम सब बहन-बेटियों को न्याय नहीं मिला, तो यह देश के इतिहास के लिए बहुत बड़ा दुर्भाग्य होगा।

गौरतलब है कि गीता और उनकी बहन बबीता 'फोगाट सिस्टर्स' के नाम से मशहूर हैं। बबीता फोगाट BJP जॉइन कर चुकी हैं। पहलवानों ने जब WFI अध्यक्ष के खिलाफ दिल्ली में जंतर-मंतर पर धरना शुरू किया था तब बबीता फोगाट भी वहां पहुंची थी और दावा किया था कि केंद्र सरकार इस विवाद को बहुत जल्द हल करवा देगी।

बजरंग ने अर्जुन अवॉर्डी कोच के आरोपों का किया समर्थन
बजरंग पूनिया ने भी मंगलवार सुबह 11:39 बजे पहला ट्वीट किया। इसमें उन्होंने अर्जुन अवॉर्डी कुश्ती कोच कृपाशंकर बिश्नोई के आरोपों का समर्थन किया है। कोच बिश्नोई ने अपने आरोपों में कहा है कि कुश्ती में कई गड़बड़ियां हैं, मैंने भी शिकायत की थी, मगर सुनवाई नहीं हुई।

बिश्नोई ने 17 दिसंबर 2022 को भारतीय कुश्ती संघ को मेल के जरिए 28 रेफरी के नाम सहित जानकारी दी थी और उन्हें नौसिखिया कहा था। उन्होंने कुश्ती के नए नियमों पर भी सवाल खड़े किए थे, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया गया। नियमों को लेकर जब उन्होंने आपत्ति दर्ज करवाई तो उन्हें हटा दिया गया था।

बिश्नोई ने कहा था कि यहां चहेतों को फायदा पहुंचाया जा रहा है। खिलाड़ियों का तो लंबा-चौड़ा नुकसान हो चुका है क्योंकि फेडरेशन के सहायक सचिव विनोद तोमर चेहरा देखकर तय करते हैं कि आपकी उम्र क्या है? वे जन्म प्रमाण पत्र को नहीं मानते। 3-4 साल पहले ही जन्म प्रमाण पत्र का नियम लागू हुआ है। कोई खिलाड़ी इसे बनवाकर लाता है तो इसे गलत माना जाता है।

WFI-रेसलर्स विवाद में अब तक क्या-क्या हुआ, 6 पॉइंट्स में पढ़ें...

1. 18 जनवरी को रेसलर्स ने दिल्ली जंतर-मंतर पर धरना शुरू कर दिया। जिसमें विनेश फोगाट ने रोते हुए आरोप लगाए कि फेडरेशन अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह और कोच नेशनल कैंप में महिला रेसलर्स का यौन उत्पीड़न करते हैं। कुछ कोच तो सालों से यौन उत्पीड़न करते आ रहे हैं। बृजभूषण खिलाड़ियों के होटल में रुकते थे। जो नियमों के खिलाफ है। यहां तक कि उसी फ्लोर पर अपना कमरा रखते थे, जहां महिला पहलवान ठहरी होती हैं। वे जानबूझकर अपना कमरा खुला रखते थे। टोक्यो ओलिंपिक में हार के बाद WFI के अध्यक्ष ने मुझे खोटा सिक्का कहा। मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। मैं हर दिन खुद को खत्म करने के बारे में सोचती थी।

2. 18 जनवरी को ही संघ अध्यक्ष बृजभूषण सामने आए। उन्होंने कहा कि मुद्दे तब सामने आते हैं जब नए नियम लाए जाते हैं। धरने पर बैठे पहलवानों ने ओलिंपिक के बाद किसी भी राष्ट्रीय टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं लिया है। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह का उत्पीड़न नहीं हुआ है। अगर हुआ है तो मैं फांसी पर लटक जाऊंगा। उन्होंने धरने को स्पॉन्सर्ड बताते हुए इसके पीछे हरियाणा कांग्रेस के राज्यसभा सांसद दीपेंद्र हुड्‌डा को बताया था। उन्होंने कहा था कि अब ये खिलाड़ी नेशनल लेवल पर भी खेलने योग्य नहीं रहे हैं। साथ ही ये कुश्ती पर अपना वर्चस्व स्थापित करना चाहते हैं। इसलिए यह सब किया गया है।

3. 19 जनवरी को खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने मीटिंग की। उन्होंने खिलाड़ियों से करीब पौने चार घंटे बातचीत की और कुश्ती संघ के अध्यक्ष के जवाब का इंतजार करने को कहा। पहलवानों को विभिन्न तरह के आश्वासन दिए गए। मगर बातचीत से पहलवान संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने उस दौरान मांग रखी कि WFI अध्यक्ष को हटाया जाए। इसके बाद उन्होंने कुश्ती संघ को भंग कराने की बात कही।

4. 20 जनवरी को खिलाड़ियों ने खेल मंत्री से बातचीत के बाद फिर से जंतर-मंतर पर धरना शुरू किया। अब यहां खिलाड़ियों के समर्थन में हरियाणा भर से खिलाड़ी पहुंचने लगे। यहां तक कि हरियाणा की खापों ने भी धरने को समर्थन दे दिया। चरखी दादरी से 7 खापों ने समर्थन में दिल्ली कूच किया। धीरे-धीरे धरना स्थल पर भीड़ बढ़ने लगी। यहां से आंदोलनकारी खिलाड़ियों ने ऐलान किया कि वे अब न्याय मिलने तक कोई कैंप जॉइन नहीं करेंगे। न ही वे किसी प्रतियोगिता में भाग लेंगे। अब वे खेल और खिलाड़ियों के हक की लड़ाई लड़ेंगे।

5. 21 जनवरी को आंदोलन बढ़ता देख भारतीय ओलिंपिक एसोसिएशन (IOA) ने जांच कमेटी बनाई। जिसकी अध्यक्ष पीटी ऊषा ने कमेटी की अध्यक्ष मैरीकॉम को बनाया। 7 सदस्यों की कमेटी बनाकर जांच करने के निर्देश दिए। इस कमेटी में बॉक्सर मैरीकॉम, तीरअंदाज डोला बनर्जी, बैडमिंटन प्लेयर अलकनंदा अशोक, फ्री स्टाइल कुश्तीबाज योगेश्वर दत्त, भारतीय भारोत्तोलन महासंघ के अध्यक्ष सहदेव यादव और 2 वकील शामिल हैं।

6. 21 जनवरी को अनुराग ठाकुर ने फिर मीटिंग की। देर रात 7 घंटे तक चली मीटिंग में खेल मंत्रालय ने एक ओवरसाइट कमेटी बनाने का फैसला लिया। यह कमेटी जांच पूरी होने तक कुश्ती संघ का काम देखेगी। कमेटी आरोपों की जांच भी करेगी। ओलिंपिक मेडल विजेता मुक्केबाज एमसी मैरीकॉम को ही इस पांच मेंबर्स वाली समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। ठाकुर ने इसकी जानकारी देते हुए बताया था कि कमेटी 4 सप्ताह के अंदर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। इन आश्वासनों के बाद पहलवानों ने धरना खत्म कर दिया।

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