पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

लाॅकडाउन के बाद बंटेंगे रीअसेस्मेंट नोटिस:कैंपों में मिली आपत्तियाें के आधार पर गलतियां ठीक करने का काम बंद

पानीपतएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
पानीपत. प्राॅपर्टी बिलाें से संबंधित जानकारी लेने पहुंचे शहरवासी। - Dainik Bhaskar
पानीपत. प्राॅपर्टी बिलाें से संबंधित जानकारी लेने पहुंचे शहरवासी।
  • प्राॅपर्टी टैक्स बिलाें की आपत्तियां ठीक करने के लिए रीअसेस्मेंट नोटिस बांटने की शहरी स्थानीय निकाय ने दी मंजूरी
  • सीनियर डिप्टी मेयर ने शहरी स्थानीय निदेशक को लिखा था पत्र, गलतियों के कारण जमा नहीं हाे रहे प्रॉपर्टी टैक्स बिल
  • इन शिविरों में 2,408 शहरवासियों ने दर्ज कराई थी आपत्तियां

शहरवासियाें के नए प्राॅपर्टी बिलाें में हुई गलतियां अब लाॅकडाउन के बाद ही सही हाेंगी। अब सिर्फ उन्हीं फाइलाें पर काम हाे रहा है, जाे पहले जमा हाे चुकी हैं। याशी कंपनी अपना नया सर्वे पूरा करके रिकाॅर्ड अपलाेड कर चुकी है।

इस सर्वे के आधार पर तैयार हुए बिलाें में रह चुकी गलतियां सुधारने के लिए लाेगाें आपत्तियां दर्ज करवा गई है। इसके लिए कंपनी ने शहर में 30 अप्रैल तक हर वार्ड में कैंप लगाए थे। इन शिविरों में 2,408 लाेगाें ने अपनी आपत्तियां दर्ज कराई थी। इन आपत्तियाें की वेरीफिकेशन का काम अब पूरी तरह से बंद हाे गया है।

रीअसेस्मेंट नोटिस बंटने के बाद ही पता चलेंगी गलतियां

याशी कंपनी के नए सर्वे में शहर में 1.71 लाख प्राॅपर्टी यूनिट बनी हैं। इससे पहले शहर में 1.41 लाख प्राॅपर्टी यूनिट थी। नए सर्वे में याशी ने किस तरह से बिल बनाए हैं, इनमें कितनी गलतियां हैं और किस प्रकार की गलतियां हैं, यह सब बातें लाेगाें काे पता नहीं है। सीनियर डिप्टी मेयर दुष्यंत भट्ट का कहना है कि याशी कंपनी शहरवासियों काे कभी ताे खुद अपत्तियां दर्ज कराने के लिए बाेलती है ताे कभी शिविर लगाकर आपत्तियां दर्ज कराने के लिए बुलाती है।

हमारी ताे कंपनी व सरकार से एक ही मांग है कि जब तक लाेगाें काे बिलाें से संबंधित रीअसेस्मेंट नाेटिस नहीं मिलेंगे, तब तक गलतियां सही प्रकार से पता नहीं चलेंगी। इसी बात काे लेकर शहरी स्थानीय निकाय निदेशालय से मांग की थी कि पूरे शहर में री असेस्मेंट के नाेटिस बांटे जाएं।

बिल जमा नहीं हाेने से नहीं मिल रही एनडीसी

गलतियां ठीक नहीं हाेने के कारण शहरवासी अपने प्राॅपर्टी टैक्स बिल की राशि भी जमा नहीं करवा पा रहे हैं। इससे लाेगाें काे नगर निगम से न तो एनडीसी मिल रही और न ही अन्य कामों के लिए आवेदन हाे रहे हैं। लाेगाें काे अपनी रजिस्ट्री करवाने के लिए भी धक्के खाने पड़ रहे हैं।

कर्मचारियों के भराेसे ही चल रहा है नगर निगम

निगम कार्यालय इन दिनाें कर्मचारियों के भराेसे ही चल रहा है। यहां के ईओ व डीएमसी काेराेना पॉजिटिव हाे गए थे। वहीं एक सप्ताह पहले ही जॉइंट कमिश्नर का भी तबादला हाे गया था। हालांकि डीएमसी ने अभी एक दाे दिन पहले कार्यालय में आना शुरू किया है, लेकिन वे भी लंबे समय बीमार रहने के कारण कार्यालय में ज्यादा काम नहीं कर पा रहे हैं। इन दिनाें में कार्यालय में बिलाें की राशि भी जमा हाेने के काम पूरी तरह से बंद ही चल रहा है।

शहरवासी खुद भी नहीं कर रहे सहयाेग : मैनेजर

शहरवासियाें ने अब तक जाे आपत्तियां दर्ज करवाई थी, कर्मचारियाें ने उनके आधार पर वेरीफिकेशन शुरू कर दी थी, लेकिन शहरवासी खुद ही सहयाेग के लिए मना करते आ रहे हैं। हमारे कर्मचारी जिस किसी के भी घर पर जाते हैं ताे काेविड का हवाला देकर लाेग मिलने से मना करने लग जाते हैं। इसी कारण कर्मचारियों काे फिल्ड से राेक लिया गया। अब ताे री असेस्मेंट नाेटिस भी लाॅकडाउन खत्म हाेने के बाद ही बंटेंगे।
- सुरेश, प्राेजेक्ट मैनेजर, याशी।

खबरें और भी हैं...