शराब ठेकेदार की हत्या का मामला:गौरव को नहीं पहचानते थे बदमाश, गोली मारने से पहले पूछा था नाम, फिर गोली मार हुए थे फरार

सफीदों6 दिन पहले
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सीसीटीवी फुटेज में गोलियां मारकर फरार होता युवक। - Dainik Bhaskar
सीसीटीवी फुटेज में गोलियां मारकर फरार होता युवक।
  • साहनपुर के युवक से डेढ़ माह पहले चौधर को लेकर हुई थी गौरव की कहासुनी
  • सट्टा किंग होते हुए एक साल पहले ही शराब कारोबार में गौरव ने रखे थे कदम

सफीदों के खानसर चौक पर हुए शराब ठेकेदार गौरव अग्रवाल की हत्या के मामले में पुलिस कई एंगल से जांच कर रही है। पुलिस को शक है कि गौरव अग्रवाल का मर्डर करने की किसी ने सुपारी दी हो, क्योंकि गोली मारने वाले युवक गौरव को नहीं जानते थे। उन्होंने गोली चलाने से पहले पूछा था कि गौरव अग्रवाल कौन है। उसके बाद उसकी गोली मार कर हत्या कर दी और फरार हो गए थे। वहीं पुलिस शराब ठेकेदार गौरव अग्रवाल मर्डर मामले के तार गांव साहनपुर से जोड़कर देख रही है। पुलिस गांव साहनपुर के चार संदिग्ध लोगों के साथ कुछ युवकों के परिजनों से पूछताछ कर रही है।

पुलिस के सामने आया है कि गौरव अग्रवाल की डेढ़ माह पहले ही खानसर चौक पर ही गांव साहनपुर के किसी युवक के साथ बदमाशों व चौधर को लेकर कहासुनी हुई थी। युवक ने उसे जान से मारने की धमकी भी दी थी, लेकिन गौरव अग्रवाल ने उसकी बात को हलके में लेते हुए पुलिस कोई मेें कोई शिकायत दर्ज नहीं करवाई। शक है कि कहीं उसी युवक ने ही गौरव अग्रवाल का तो मर्डर नहीं करवाया हो। पुलिस की कई टीम ने गुरुवार रात्रि काे भी गांव साहनपुर में रेड की लेकिन युवक गांव से फरार मिला। इसके अलावा पुलिस इस मर्डर में कई पहलुओं पर जांच कर रही है।

अगर बात की जाए तो गौरव अग्रवाल का इससे पहले सफीदों में सट्टा कारोबारियों में नाम सामने आता था। उस पर सफीदों थानों में कई केस भी दर्ज हुए। पिछले साल ही गौरव अग्रवाल ने शराब कारोबार में अपने कदम रखे थे। उसने पिछले साल मई में ही सफीदों के खानसर चौक व सरनाखेड़ी मोड़ पर स्थित दो अंग्रेजी शराब ठेके सुरेश एंड गौरव अग्रवाल कंपनी के नाम से लिए थे। इस साल मई में ठेकेदार गौरव अग्रवाल सफीदों में शराब कारोबार में और अधिक ठेके अपने नाम छुटवाने का मन बनाए हुआ था। ऐसे में पुलिस गौरव मर्डर मामले में सट्टा कारोबारियों के साथ शराब कारोबारियों से भी मामले को जोड़कर देख रही है। 31 वर्षीय गौरव अग्रवाल की शादी को अभी डेढ़ साल ही हुआ था। उसके पास फिलहाल कोई बच्चा भी नहीं है। पत्नी पांच माह की गर्भवती है। पूरा परिवार सदमे में है और शहर में मातम पसरा हुआ है।

शव को सुबह सफीदों के नागरिक अस्पताल से जींद नागरिक अस्पताल में रेफर किया गया, जहां पुलिस ने डाॅक्टरों के पैनल में शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया। मृतक के दाह संस्कार पर मुख्यमंत्री मनोहरलाल के पूर्व में मीडिया प्रभारी रहे राजीव जैन भी सफीदों पहुंचे और उन्होंने जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। गौरव अग्रवाल मर्डर मामले में व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष महावीर कंप्यूटर ने कहा है कि आज हर कोई व्यापारी अपना व्यापार करने में डर रहा है।

सूबे के मुख्यमंत्री मनोहर लाल या तो व्यापारियों को सुरक्षा मुहैया करवाने में असफल हैं। वह या तो यूपी के सीएम आदित्यनाथ जोगी से सीख लेकर बदमाशों के एनकाउंटर करवाएं या फिर उन्हें आजीवन कारावास के लिए जेल में बंद करवाएं। आए दिन गैंग वार द्वारा कहीं न कहीं मर्डर की घटनाओं को अंजाम दिया जा रह है। सफीदों पुलिस व जींद पुलिस गौरव अग्रवाल के आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करे, नहीं तो व्यापार मंडल अपना आंदोलन शुरू करेगा।

दो युवकों ने गोली मारकर की थी हत्या
विदित रहे कि गुरुवार शाम 5:26 बजे जब गौरव अग्रवाल सफीदों के खानसर चौक पर अपने शराब ठेके के बाहर कुर्सी पर बैठकर किसी से फोन पर बात कर रहे थे। इसी दौरान दो युवकाें ने उनकी गोली मारकर हत्या कर दी थी।

जल्द ही मामले को ट्रेस कर लिया जाएगा

  • पुलिस ने फिलहाल अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है। आरोपियों की पहचान में पुलिस की चार टीमों में सफीदों सीआईए, जींद सीआईए व सिटी थाना व सदर थाना की टीम लगी हुई है। पुलिस सट्टा कारोबार व शराब कारोबार के साथ गौरव अग्रवाल के साथ हुए लड़ाई-झगड़े व चौधर को लेकर हुए कहासुनी के मामले में कई संदिग्ध लोगों व युवक के परिजनों से पूछताछ कर रही है। जल्द ही मामले को ट्रेस कर लिया जाएगा। - साधुराम, डीएसपी, सफीदों

पहले भी हो चुके हैं शराब कारोबारियों के मर्डर
सफीदों शहर में शराब कारोबार की अगर बात की जाए तो अकसर मर्डर होतेे आए हैं। गांव सिल्लाखेड़ी निवासी सतपाल कई वर्षों से शराब का कारोबार करता था। 26 फरवरी 2015 की देर सायं को उसकी अंधाधुंध गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। जोकि बूढ़ाखेड़ा स्थित अपने शराब ठेके से बाइक पर सवार होकर वापस गांव सिल्लाखेड़ी आ रहा। भारती फीड मिल के पास गाड़ी में सवार अज्ञात बदमाशों ने उस पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी, लेकिन आज-तक भी हरियाणा पुलिस आरोपियों की पहचान नहीं कर सकी है।

पिछले सात साल में न जाने कितने पुलिस इंस्पेक्टर, डीएसपी व सीआईए टीमों ने जांच की। मामले की फाइल जांच के लिए आईजी हिसार तक भी पहुंची, लेकिन मर्डर ट्रेस नहीं हुआ। मृतक सतपाल के भाई राजिंद्र फौजी के अनुसार मामला करीब पिछले तीन साल से सीबीआई में चला रहा था। अब सीबीआई ने भी दिसंबर 2021 में हाथ खड़े करके मामला को अनट्रेस घोषित कर दिया है। वहीं दूसरी ओर गांव साहनपुर के शराब ठेकेदार नरेंद्र राठी की भी 5 जून 2016 में गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी।

जब वह 5 जून की सुबह अपने साढू सतपाल राणा के साथ कार में सवार होकर अपने गांव सहानपुर जा रहा था। तभी रास्ते में साहनपुर रोड पर दो गाड़ियाें में सवार हथियारों से लैस बदमाशों ने उन्हें घेर लिया। उनकी गाड़ी के सामने पंजाब नंबर की कोले रंग की डस्टर गाड़ी से करीब पांच युवक उतरे और उनकी गाड़ी पर अंधाधुंध फायर करने शुरू कर दिए। इस फायरिंग में नरेंद्र राठी के साथ गाड़ी चला रहे उसके साढू सतपाल गोली लगने से घायल हो गए और नरेंद्र राठी कार से उतरकर खेतों में भागने लगा। हथियारबंद बदमाश भी नरेंद्र राठी का पीछा करते हुए ताबड़तोड़ गोलियां मारकर उसकी हत्या कर दी थी। पुलिस ने नरेंद्र राठी के भाई राजकरण की शिकायत पर सरिका खेड़ी निवासी विजय, जींद जिले के गांव इक्कस निवासी अशोक, पानीपत जिले गांव सिवाहा निवासी प्रसन्न उर्फ भल्ला, धड़ोली निवासी सोनू हाड़वा निवासी किस्मत पर शक के तौर पर हत्या का केस दर्ज करवाया था।​​​​​​​

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