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जौरासी खास में हादसा:बरसात के कारण मकान की गिरी छत, विधवा का इकलाैता बेटा मलबे में दबा, पड़ोसियों ने बाहर निकाला

समालखा6 दिन पहले
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समालखा. गिरी हुई छत व नीचे पड़ा मलबा। - Dainik Bhaskar
समालखा. गिरी हुई छत व नीचे पड़ा मलबा।
  • हादसे से पहले बच्चा घर में चारपाई पर बैठ कर रहा था पढ़ाई, मां दूध लेने गई हुई थी

गांव जौरासी खास में शनिवार को हुई बारिश के चलते एक मकान की छत गिर गई। छत से गिरे मलबे में 16 वर्षीय लड़का दब गया। पड़ोसियों ने समय रहते लड़के को मलबे से खींचकर निकल लिया। जौरासी खास के 16 वर्षीय अमन ने बताया कि रविवार सुबह करीब 7 बजे वह अपने घर में चारपाई पर बैठ पढ़ाई कर रहा था। मां संतरा दूध लेने गई थी। अचानक मकान की छत गिर गई और वह मलबे की मिट्टी में दब गया। अमन जोर जोर से बचाओ बचाओ चिल्लाया तो पड़ोसी सोनू, पवन व मीना आदि ने समय रहते मिट्टी से खींच कर निकाला। संतरा दूध लेकर लौटी तो देखा मकान की छत गिरी हुई थी। संतरा ने इकलौते बेटे को सीने से लगाकर रोने लगी।

बच्चे की मां खेतों में करती है मजदूरी
50 वर्षीय संतरा ने बताया वह खेतों में दिहाड़ी मजदूरी कर के अपना घर चलाती है। पति जयपाल की करीब 5 साल पहले मृत्यु हो गई थी। संतरा लड़की की शादी कर चुकी है। वहीं, 16 वर्षीय बेटा अमन 10 कक्षा में पढाई कर रहा है। बताया कि मकान की छत को पक्का करवाने के लिए सरपंच और संबंधित विभाग को भी अवगत कराया था। लेकिन आज तक कोई समाधान नहीं हुआ।

गांव में 40-45 मकान कच्चे
गांव जौरासी खास की निवर्तमान महिला सरपंच पति धर्मबीर उर्फ़ बिन्दा ने बताया कि करीब 40 से 45 गांव में कच्चे मकान है। जिसको लेकर पक्के मकान बनवाने के लिए प्रशासन को आवेदन भेजे थे। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।

जांच करवाई जाएगी
एसडीएम विजेंद्र हुड्डा ने बताया मामला मेरे संज्ञान में आया है। प्रधानमंत्री योजना के तहत भी जांच करवाई जाएगी। जौरासी गांव की विधवा महिला संतरा की हर संभव सहायता की कराई जाएगी। वहीं, उन्होंने मलबे में दबे 16 वर्षीय अमन के बारे में जानकारी भी ली।

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