धान खरीदी न होने पर किसानों का विरोध:पीआर धान की खरीद न होने से किसानों ने मार्केट कमेटी गेट पर जड़ा ताला, मंडी रोड पर जाम लगाया

उचानाएक महीने पहले
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उचाना. पुरानी मंडी में मार्केट कमेटी कार्यालय के गेट पर ताला जड़ धरना देते हुए किसान। - Dainik Bhaskar
उचाना. पुरानी मंडी में मार्केट कमेटी कार्यालय के गेट पर ताला जड़ धरना देते हुए किसान।
  • पीआर की खरीद न होने से किसानों की रात मंडी में बीत रही है, हजारों क्विंटल धान बिना बिके फड़ों पर है

पीआर धान की खरीद मार्केट कमेटी के रिकॉर्ड के अनुसार 1 लाख क्विंटल से अधिक हो चुकी है लेकिन किसानों को अब भी खरीद को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गुरुवार को दिवाली के पर्व के चलते खरीद नहीं हुई। शुक्रवार को दोपहर तक खरीद होने का इंतजार करने के बाद जब खरीद नहीं हुई तो किसान मार्केट कमेटी कार्यालय पहुंचे। यहां पर गेट पर ताला जड़ गेट के सामने बैठ कर मंडी रोड को जाम लगा दिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की रोष प्रकट किया। भाकियू (चढूनी) जिलाध्यक्ष आजाद पालवां, सतबीर शर्मा प्रधान, बलिंद्र उचाना, सिक्किम सफा खेड़ी ने कहा कि कभी पीआर धान की खरीद तो कभी डीएपी न मिलने के चलते किसान परेशान हैं। पीआर धान की खरीद न होने से किसानों की रात मंडी में बीत रही है। मंडी में अब भी हजारों क्विंटल पीआर धान बिना बिके फड़ों पर है। कभी पीआर धान में नमी तो कभी कुछ बता कर परेशान किया जा रहा है।

अब जो पीआर धान आ रही है उसमें नमी निर्धारित नियमों से काफी कम है। अब किसान अपनी पीआर को किस मंडी में जाकर बेचे यह किसान समझ नहीं पा रहा है। शासन, प्रशासन को चाहिए कि वो पीआर धान की खरीद करवाए ताकि किसान अपनी पीआर धान बेच कर घर जा सकें। किसान को सरसों, गेहूं की बिजाई करनी है उसको डीएपी न मिलने से उसकी बिजाई भी देरी से हो रही है। डीएपी को लेकर महिलाओं, बेटियों तक को लाइन में लगना पड़ रहा है।

हाईवे पर मंडी के सामने किया किसानों ने रोड जाम
हाईवे पर अतिरिक्त मंडी में धान 1121, 1509 सहित अन्य धान की किस्मों की बोली होती है। यहां पर शुक्रवार को प्राइवेट बोली न होने पर किसानों ने हाईवे को जाम कर दिया। किसानों ने कहा कि प्राइवेट बोली न होने से किसानों को परेशानी हो रही है। वो कई दिनों से मंडी में अपनी फसल को बेचने के लिए आए हुए हैं। बोली न होने से उनकी फसल नहीं बिक पा रही है।

प्राइवेट खरीदारों में विवाद, इसलिए नहीं हो रही खरीद
मार्केट कमेटी सचिव नरेंद्र कुंडू ने कहा कि पीआर धान की खरीद सरकारी अवकाशों के चलते नहीं हो पाई है। प्राइवेट खरीद न होने का कारण आपसी प्राइवेट खरीदारों में कोई विवाद है। इस विवाद के समाधान को लेकर उनकी मीटिंग चल रही है। विवाद खत्म होने पर खरीद होगी।

खरीदे गए धान के बैगों का उठान धीमा होने से अटी अनाज मंडी, फसल डालने की जगह नहीं

पिछले दो दिनों से सरकारी छुट्टी के कारण नहीं हो सका बैगों का उठान

भास्कर न्यूज|अलेवा
सरकारी खरीद एजेंसियों व प्राइवेट परचेजरों द्वारा खरीदे गए धान का उठान धीमा होने से अलेवा अनाज मंडी बैगों से अटी पड़ी है। इससे किसानों को धान डालने की जगह नहीं मिल रही है। मार्केट कमेटी के सचिव के अनुसार पिछले दो दिनों से सरकारी छुट्टी होने के कारण सरकारी खरीद बंद होने व गाड़ी खाली न होने के कारण बैगों का उठान नही हो सका है।

इसके अलावा प्राइवेट परचेजरों द्वारा बारीक धान की किस्मों की खरीद करने व आवक ज्यादा होने के कारण मंडी में धान की काफी ढेरियां आई हैं। मार्केट कमेटी के सचिव विकास गुप्ता ने बताया कि हैफेड व स्टेट वेयर हाउस दोनों सरकारी खरीद एजेंसियों द्वारा अनाज मंडी में लगभग चार लाख बैगों की खरीद की गई है। दोनों सरकारी खरीद एजेंसियों द्वारा शुक्रवार तक लगभग दो लाख 80 हजार धान के बैगों का उठान कराया जा चुका है। मार्केट कमेटी द्वारा दोनों सरकारी एजेंसियों द्वारा सरकारी खरीद करने के साथ ही खरीदे गए धान के बैगों के उठान में तेजी लाने की हिदायत दी हुई है।

इसके अलावा प्राइवेट एजेंसी के परचेजरों द्वारा भी बारीक धान के एक लाख बीस हजार बैगों की खरीद की जा चुकी है। इनमें से 80 हजार का उठान कराया जा चुका है। प्राइवेट परचेजरों को भी धान के बैगों का उठान में तेजी लाने की कही गई है। इसके बाद भी मार्केट कमेटी द्वारा सरकारी व प्राइवेट एजेंसी के परचेजरों को उठान में तेजी लाने की हिदायत दी गई है।

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