साहबी के पानी से श्मशान घाट डूबा:गांव निखरी का श्मशान घाट भी पूरी तरह डूब गया, अंतिम संस्कार के लिए भी जगह नहीं

धारूहेड़ा2 महीने पहले
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साहबी में छोड़ जा रहे पानी की अधिकता की वजह से गांव निखरी का श्मशान घाट भी पूरी तरह डूब गया है। अंतिम संस्कार के लिए भी जगह नहीं बची है। यहां तक कि रास्ता भी डूृबा हुआ है। निखरी के ग्रामीणों ने बताया कि साहबी बैराज की भूमि में छोड़े जा रहे पानी से फायदा कम और परेशानियां ज्यादा बढ़ने लगी है। करीब ढाई हजार की आबादी वाला गांव परेशानी का सामना कर रहा है।

यह पानी धीरे-धीरे बढ़ता हुआ खरखड़ा व भटसाना की सीमा में किसानों के खेतों तक पहुंच कर फसलों के लिए आफत बना हुआ है। ऐसे में ना तो फसलों की कटाई हो सकती है और ना ही बिजाई। खरखड़ा से लेकर भटसाना को जाने वाला रास्ता जो अभी सिंचाई विभाग द्वारा लाखों रुपए खर्च कर ऊंचा उठाया गया था, वह भी एक सप्ताह बाद ही पूरी तरह पानी में डूब कर सारी मिट्टी बह चुकी है।

ग्रामीणों की समस्या जायज : राजेश कुमार
निवर्तमान सरपंच ग्राम पंचायत निखरी कपिल देव का कहना है कि श्मशान घाट तक का डूबना विकट समस्या है। खंड पंचायत एवं विकास अधिकारी राजेश कुमार का कहना है कि समस्या जायज है, मगर ग्राम पंचायत के पास कोई अन्य भूमि नहीं है। अन्य जगह स्वीकृति के लिए उच्च अधिकारियों को पत्र भेजा गया है।

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