रेवाड़ी में SRS का टावर सील:रियल एस्टेट कंपनी का लाइसेंस रद्द होने पर कार्रवाई; 100 से ज्यादा निवेशकों के अटके करोड़ों

रेवाड़ीएक महीने पहले
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टावर को सील करते हुए नगर योजनाकार की टीम। - Dainik Bhaskar
टावर को सील करते हुए नगर योजनाकार की टीम।

हरियाणा के रेवाड़ी SRS रियल इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के प्रोजेक्ट का लाइसेंस रद्द होने पर बुधवार को जिला नगर योजनाकार ने निर्माणधीन टावर को सील कर दिया है। SRS टावर में फ्लैट लेने के लिए करोड़ों रुपए इन्वेस्ट कर चुके 100 से ज्यादा निवेशों के करोड़ों रुपए अटक गए है।

दरअसल, शुरु से ही विवादों से घिरी रियल एस्टेट कंपनी SRS ने रेवाड़ी शहर के पॉश इलाके गढ़ी बोलनी रोड पर 6.643 एकड़ जमीन पर 210 ग्रुप हाउसिंग फ्लैट बनाने के लिए 8 सितंबर 2008 को हरियाणा सरकार से लाइसेंस नंबर 167 लिया था। फ्लैट बुक कराने के लिए कंपनी की ओर से जोर-शोर से प्रचार भी किया गया।

100 से ज्यादा लोग करवा चुके फ्लैट बुक

कंपनी के प्रचार के झांसे में फंसे 100 से ज्यादा लोगों ने फ्लैट बुक कर दिए। इन फ्लैटों के साइज के अनुसार निवेशकों ने 32 से 40 लाख रुपए प्रति फ्लैट के हिसाब से बुकिंग की थी। कंपनी ने शुरूआती दौर में कंस्ट्रक्शन का कार्य भी तेजी से किया। इसके बाद निर्माण कार्य धीमा पड़ गया। कंपनी फरीदाबाद के अलावा अन्य कई बड़े शहरों में रियल एस्टेट के कारोबार से जुड़ी है।

निर्माण कार्य शुरू होने के बाद कंपनी ने चार पिलर पर 142 फ्लैट का निर्माण भी किया, परंतु निर्माण कार्य पूरी तरह से नहीं हो पाया। इसके बाद कई बार निवेशकों ने अपना पैसा वापस मांगा, लेकिन पैसा नहीं मिला। बाद में निवेशकों ने बिल्डर के खिलाफ कानूनी लड़ाई शुरू कर दी। प्रदेश सरकार से मांग की थी कि तैयार हो चुकी बिल्डिंग को निवेशकों के हवाले किया जाए, ताकि बचे हुए हिस्सा का निर्माण कराया जा सके।

मामला पब्लिक यूटीलिटी कोर्ट तक भी पहुंचा। इसी बीच एफआईआर दर्ज होने के बाद कंपनी के निदेशक जेल चले गए। रेवाड़ी में टावर का लाइसेंस 7 सितंबर 2016 तक वैध था। इसके बाद निदेशकों ने लाइसेंस रिन्यू नहीं कराया। सरकार ने अब इसका लाइसेंस रद्द कर दिया है। इसके बाद बुधवार को पुलिस बल के साथ डीटीपी खुद निर्माणधीन टावर पर पहुंचे और उसे सील कर दिया।