सीईटी के साथ सफर की अग्नि परीक्षा:आम लोगों को नहीं मिल पाई बसें, लोकल रूटों पर छतों पर चढ़कर करनी पड़ी यात्रा

रेवाड़ीएक महीने पहले
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देर रात तक बस स्टैंड के आसपास वाहनों का करते रहे इंतजार - Dainik Bhaskar
देर रात तक बस स्टैंड के आसपास वाहनों का करते रहे इंतजार

कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (सीईटी) के लिए इस बार सरकार द्वारा बसों की निशुल्क व्यवस्था से यात्रियों को खासा फायदा मिला। हालांकि दो दिन आम सवारियों को खासी परेशानी झेलनी पड़ी। शनिवार और रविवार को रोडवेज बसें तो आम लोगों के न के बराबर चली। जबकि प्राइवेट बसें चलीं, उनमें अच्छी खासी भीड़ रही। लोगों को छतों पर बैठकर भी सफर करना पड़ा।

वहीं दूसरे जिलों और राज्यों की ओर जाने वाले यात्री भी बस स्टैंड पर चक्कर लगाते नजर आए, मगर बसें नहीं मिल पाई। रात 8.30 बजे बस स्टैंड पर मौजूद गुड़गांव से जयपुर जाने के लिए रामस्वरूप ने बताया कि वे परिवार के साथ 2 घंटे से बस का इंतजार कर रहे हैं। मगर कोई साधन नहीं पाया है।

अब या तो ट्रेन से जाएंगे या फिर कोई और व्यवस्था देखेंगे। अपनी बहन को फरीदाबाद पेपर दिलाकर लौटे पटौदी संदीप ने बताया कि कोई बस नहीं मल रही। इसलिए भाई को बुलाया है, वही लेकर जाएगा।

बसों में सीट के लिए जमकर बहस

सरकार द्वारा परीक्षा के लिए बुकिंग सिस्टम शुरू किया था। बाद में कुछ जगह विवाद के चलते सिर्फ एडमिट कार्ड दिखाकर ही बसों में सफर की अनुमति दे दी थी। रविवार को सुबह करीब 4 बजे बसें रवाना हुई। इस दौरान बिना बुकिंग वाले अभ्यर्थी भी सीटों पर बैठ गए।

इससे बुकिंग कराने वाले अभ्यर्थी उन्हें उठाने में मशक्कत करते रहे। अधिकारियों के पास भी शिकायतें पहुंची। हालांकि परिवहन प्रबंधन द्वारा बुकिंग के अलावा भी अतिरिक्त बसें चलाकर राहत दी।

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