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बाजार का बरसाती नाला:दुकानों के विवाद में 2 माह से रुका नाला निर्माण, नोटिस पर भी अतिक्रमण नहीं हटाया, प्रशासन ड्यूटी मजिस्ट्रेट नहीं दे रहा

रेवाड़ीएक महीने पहले
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बाजार में अधूरा पड़ा बरसाती नाले का निर्माण। - Dainik Bhaskar
बाजार में अधूरा पड़ा बरसाती नाले का निर्माण।
  • रेलवे रोड पर 8-9 दुकानों का मामला, आगे बनाए हैं टीनशेड

शहर के मुख्य बाजार में बरसाती पानी निकासी और अतिक्रमण रोकने के लिए नाले और फुटपाथ के निर्माण का काम रेलवे रोड पर अधर में लटका हुआ है। कुछ दुकानों के तहबाजारी के विवाद में काम आगे नहीं बढ़ पा रहा। करीब 8-9 दुकानों का मामला है, जो कि निर्माण कार्य में आड़े आ रहा है।

नगर परिषद इन दुकानों का अतिक्रमण हटाने को लेकर नोटिस दे चुका है, मगर दुकानदारों ने खुद अतिक्रमण नहीं हटाया। नप ने खुद अतिक्रमण हटाने के लिए जिला प्रशासन से ड्यूटी मजिस्ट्रेट मांगा तो वहां भी फाइल इधर-उधर ही घूम रही है। इसके चलते 2 माह से काम पूरी तरह ठप पड़ा है। इधर, घंटेश्वर मंदिर के आसपास नाले के लिए दिया गया टेंडर पर्याप्त नहीं रहा, अब नए सिरे से दोबारा टेंडर किए गए हैं।

तमाम बातों पर गौर करें तो इस समय मुख्य बाजार का यह नाला व्यापारियों के लिए बड़ी चिंता बना हुआ है। मानसून सिर पर है। ऐसे में यदि नाले के निर्माण पूरा नहीं होता है तो बाजार की सड़कों का पानी में डूबा रहना तय है। बाजार में पानी होगा तो निश्चित तौर पर व्यापार प्रभावित होगा। यह नाला रेलवे रोड से होते हुए सरकुलर रोड के नीचे से गुजर रही सीवर की बड़ी लाइन से जोड़ा जाना है।

बड़ी चिंता... मानसून सिर पर, नाला नहीं बना तो बाजार पानी से भरा होगा

  • कोर्ट तक भी पहुंचा मामला, मगर दुकानदारों को राहत नहीं, क्योंकि तहबाजारी खत्म हो चुकी
  • नप का दावा - कोर्ट से कोई स्टे नहीं, ड्यूटी मजिस्ट्रेट मिले तो 2 दिन में हटा देंगे अतिक्रमण

मामला तहबाजारी से जुड़ा, 2 बार नोटिस दिए
रेलवे रोड पर एक साइड 6 तथा दूसरी तरफ 2-3 दुकानों के सामने टीनशेड लगे हुए हैं। दुकानदार इन टीनशेड को हटाने पर आपत्ति करते रहे हैं तथा यह मामला कोर्ट में भी पहुंचा था। नगर परिषद अधिकारियों के अनुसार इन दुकानों के सामने तहबाजारी लगती थी। सरकार ने तहबाजारी व्यवस्था को खत्म कर दिया है।

इसलिए टीनशेड को नगर परिषद द्वारा हटाया जाएगा। नप के अनुसार ये टीनशेड अब अतिक्रमण हैं, जिन्हें हटाया जाएगा। इन्हें हटाए बगैर नाले का काम आगे नहीं बढ़ सकता। नप अधिकारियों के अनुसार दुकानों को 2 बार नोटिस भेजे जा चुके हैं। कहीं ना कहीं सिस्टम में लापरवाही भी नजर आ रही है।

6 माह पहले नए टेंडर, डेडलाइन भी खत्म
पहले ठेकेदार द्वारा काम से हाथ खड़े किए जाने के बाद वर्ष 2021 के अंत में नए सिरे से टेंडर किए गए। नप चेयरपर्सन पूनम यादव ने इसका शुभारंभ करते हुए खुद अपने सामने नाला निर्माण के लिए खुदाई शुरू कराई थी। यहां नाला करीब 2.5 फीट चौड़ा तथा फुटपाथ करीब 3 फीट चौड़ा होगा। इसके लिए अलग-अलग टेंडर किए गए हैं।

6 माह में काम पूरा करने की डेडलाइन रखी गई थी, जो कि लगभग खत्म हो चुकी है। नाले पर 1.5 करोड़ रुपए से ज्यादा की लागत आएगी। हालांकि यह नाला 2019 में ही बन जाना था। इस प्रोजेक्ट के टेंडर कर दिए गए थे, मगर उस समय भाड़ावास गेट से पुरानी सब्जी मंडी से कुछ पहले एक ही तरफ के नाले का निर्माण कराया गया था। इसके बाद ठेकेदार ने काम बंदकर दिया। फिर 6 माह पहले नए टेंडर करने पड़े।

व्यापारी कह रहे, अधूरा नाला छोड़कर बाजार को डुबोएंगे क्या?

बाजार के व्यापारी संगठनों में नाला पूरा नहीं होने से रोष है। एक दिन के बारिश में ही कई जगह परेशानी रही। मानसून के दौरान तो बरसाती पानी अच्छी खासी मुसीबत बन जाएगा। स्थानीय पार्षद दलीप माटा का कहना है कि प्रशासन को इस दिशा में गंभीरता दिखाकर नाला निर्माण की अड़चनें दूर करनी चाहिए। व्यापारी कह रहे हैं कि या तो पहले काम शुरू नहीं करना था, अब अधूरा छोड़कर बाजार को डुबाेएंगे क्या?

ड्यूटी मजिस्ट्रेट मिलते ही हटा दिए जाएंगे दुकानों के टीनशेड : चेयरपर्सन

नगर परिषद चेयरपर्सन पूनम यादव का कहना है कि जिन दुकानों का मामला है उनके आगे पहले तहबाजारी लगती थी, जो कि सरकार द्वारा खत्म की जा चुकी है। वर्तमान में इस मामले में कोर्ट का भी कोई स्टे नहीं है। इसलिए दुकानों के आगे अतिक्रमण कर बने टीनशेड हटाए जाएंगे। प्रशासन से ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मांग की है। दुकानें किसी की नहीं तोड़ी जाएंगी, मगर अतिक्रमण छोड़ा नहीं जाएगा।

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