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  • The Contracts Of All 23 Zones Were Sold For 235.7 Crores, The Excise Department Got 28 Times More Revenue Than The Reserve Price.

कमाई का ठेका:सभी 23 जोन के ठेके 235.7 करोड़ में बिके, एक्साइज विभाग को रिजर्व प्राइस से 28 गुणा अधिक रेवन्यू मिला

रेवाड़ीएक महीने पहले
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  • शराब के ठेकों ने भरा 237 करोड़ रुपए से सरकारी खजाना, विभाग की उम्मीद से अधिक रहा

जिला में नए आबकारी वर्ष 2022-23 के लिए मंगलवार को ई-ऑक्शन के माध्यम से शराब जोन की बिक्री की गई। 23 जोन के लिए खोली गई ई-बिड ने में इस बार आबकारी कराधान विभाग का खजाना खूब भर दिया है। इस बार पहली बार में ही सभी जोन के शराब ठेके बिक गए हैं।

23 जोन की बिक्री के लिए विभाग को रिजर्व प्राइस 183 करोड़ रुपए के मुकाबले 235.7 करोड़ रुपए का रेवन्यू मिला है। यह विभाग की उम्मीद से बहुत अधिक रहा है। कोरोना काल में बंद रहे शराब ठेकों के कारण इस बार से नया आबकारी जून से प्रारंभ होगा। सरकार की तरफ से जिलावार ई-ऑक्शन का शेड्यूल तय करके जोन की ई-ऑक्शन के जरिए बिक्री की जा रही है।

ऐसे में पिछले साल शराब ठेकेदार रहे वेंड संचालकों के साथ इस बार नए लोग भी खूब आए। 23 मई को ई-ऑक्शन का दिन तय किया गया था और मंगलवार को जिला सचिवालय सभागार में सीटीएम देवेंद्र शर्मा और आबकारी एवं कराधान उप आयुक्त प्रियंका यादव की मौजूदगी में नए जोन की बिक्री के लिए ई-बिड की ऑक्शन की गई।

इसमें जिला के सभी 23 जोन के लिए शराब ठेकेदारों ने भाग लिया और किसी जोन की ई-बिड रिजर्व प्राइस से नीचे नहीं आने के कारण तमाम जोन पहली बार में ही बिक गए। हालांकि इन दो सालों में यह इस बार ही संभव हुआ है कि जब आबकारी एवं कराधान विभाग की तरफ से पहली नीलामी में सभी जोन की बिक्री कर दी गई।

उम्मीद से ज्यादा रेवन्यू

रिजर्व प्राइस 183 करोड़, मिले 235 करोड़ : आबकारी कराधान विभाग ने इस वित्तीय वर्ष के लिए जिले के सभी 23 जोन के लिए रिजर्व प्राइस 183 करोड़ रुपए तय किया हुआ है। इसके तहत प्रत्येक जोन के लिए एक निर्धारित राशि थी जिसके तहत इससे नीचे बोली जाने पर उनको नीलाम नहीं किया जाना था।

शाम 5 बजे जब अधिकारियों की मौजूदगी में ई-ऑक्शन के लिए प्रक्रिया शुरू की गई तो रिजर्व प्राइस से भी अधिक मूल्य पर जिला के जोन बिके। इसमें सभी जोन 235.7 करोड़ रुपए के बिके। जबकि विभाग ने रिजर्व प्राइस 183 करोड़ रुपए ही तय किया था। इस प्रकार विभाग को रिजर्व प्राइस से 28.16 प्रतिशत रेवन्यू मिला है।

सबसे महंगा धारूहेड़ा का 18 करोड़ का ठेका

शराब ठेकेदारों में इस बार रेवाड़ी के साथ धारूहेड़ा में शराब ठेके लेने में अधिक दिलचस्पी देखी गई। धारूहेड़ा क्षेत्र के एक जोन में शामिल शराब ठेके के लिए सर्वाधिक 18 करोड़ 17 लाख रुपए की ई-ऑक्शन लगाई थी। जिले में सबसे अधिक महंगा शराब ठेका यही बिका है।

सभी जोन की बिक्री हो गई है: डीईटीसी

मंगलवार को जिला के 23 जोन की ई-ऑक्शन के माध्यम से बिक्री कर दी गई है। सभी 23 जोन बिक गए हैं जिनके माध्यम से हमें 235.7 करोड़ रुपए का राजस्व मिला है। यह हमारे रिजर्व प्राइस से काफी अधिक है। -प्रियंका यादव, उप आयुक्त आबकारी कराधान विभाग।

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