अब यह राह खुलनी जरूरी:टिकरी बॉर्डर से 50, कुंडली से 25 और खेड़ा से 16 किलोमीटर का करना पड़ रहा रोज अतिरिक्त सफर

राई, बहादुरगढ़, रेवाड़ीएक महीने पहले
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राई| किसान आंदोलन के कारण हाईवे बंद होने से कच्चे-पक्के मार्गाें से गुजरते वाहन चालक। - Dainik Bhaskar
राई| किसान आंदोलन के कारण हाईवे बंद होने से कच्चे-पक्के मार्गाें से गुजरते वाहन चालक।
  • क्योंकि...1.28 लाख वाहनों को हर रोज चलना पड़ रहा एक्स्ट्रा
  • 9 माह से सीमाएं सील }ट्रैफिक, उद्योग और काम-धंधों के पहिए जाम, अब रास्ते खोलने की मांग तेज

तीनों कृषि कानून रद्द कराने की मांग को लेकर किसान साढ़े नौ माह से दिल्ली की सीमाओं पर डटे हैं। इसका बड़ा असर वाहन चालकों, उद्योगों और काम-धंधों पर पड़ रहा है। इससे हरियाणा की लाइफलाइन कहे जाने वाला दिल्ली-चंडीगढ़ हाईवे बंद है। इसके अलावा बहादुरगढ़ में टिकरी बॉर्डर सील है। रेवाड़ी की सीमा से सटा खेड़ा का हाईवे भी आंदोलन की शुरुआत से बंद है। इससे रोज 1.28 लाख वाहन चालकों को एक्स्ट्रा चलना पड़ रहा है। हाईवे जाम होने के कारण लोगों को लिंक मार्गाें से गुजरना पड़ रहा है।

इसमें खेड़ा बॉर्डर से गुजरने वाले चालकों को 16, कुंडली वालों को 25 और बहादुरगढ़ वालों को 50 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर करना पड़ रहा है। इससे पैसे के साथ समय की खपत ज्यादा हो रही है। अब लिंक मार्ग क्षतिग्रस्त होने से जाम की समस्या बढ़ गई है। स्थानीय लोग भी काफी समय से बंद पड़े रास्ते खुलवाने की मांग उठा रहे हैं। उनका कहना है कि आंदोलन व रास्ते बंद होने से उनके काम धंधे बंद हो गए हैं। अब प्रदेश सरकार ने रास्ता खुलवाने के लिए हाई लेवल कमेटी गठित की है, जिससे लोगों में रास्ते खुलने की उम्मीद जगी है।

कुंडली: 60 हजार चालक, 3400 फैक्ट्री मालिक परेशान-

ट्रैफिक- बीसवांमील चौक से हाईवे से होते हुए अंतराष्ट्रीय बस अड्‌डे तक 45 किमी का सफर 50 मिनट में तय हो जाता था। अब लिंक मार्गों से 20-25 किमी अतिरिक्त सफर तय करना पड़ रहा है। इसमें 2-3 घंटे लग रहे हैं, क्योंकि ट्रैफिक बढ़ने से 2 फीट गहरे गड्‌ढे हो चुके हैं। इस हाईवे से रोज 60 हजार वाहन सफर करते हैं।

उद्योग- राई व कुंडली की 3400 फैक्ट्रियों को करीब 4500 करोड़ का घाटा हो चुका है। टीडीआई, अंसल सिटी सब मिलाकर अब तक 200 करोड़ का नुकसान झेल चुके हैं। अभी कितना नुकसान और होगा, यह कहा नहीं जा सकता। कुंडली आंदोलनस्थल पर स्थित पेट्रोल पंप के संचालक सितेंद्र ने कहा कि पहले 11 हजार लीटर तक डीजल बेचते थे।

कामकाज- 200 दुकानों वाले मॉल में केवल 15 दुकानें ही खुली हुई थीं। मॉल के एमडी मनीष गर्ग ने कहा कि दिल्ली के व्यापारी दुकान बंद कर चले गए हैं। वहीं, पंपों पर 11 हजार लीटर के बजाय 700 लीटर की सेल हो रही है। मारुति, हुंडई और कीया की गाड़ियों के शोरूम व सर्विस सेंटर हैं। अब ये बंद हैं। न सर्विस हो रही है और न सेल।

बहादुरगढ़: रोज 28 हजार वाहन चालकों को लगाना पड़ रहा अतिरिक्त चक्कर-

ट्रैफिक: पंजाब, हिसार, सिरसा भिवानी, रोहतक की तरफ से दिल्ली जाने वाले वाहन सांपला, सोनीपत के सोहटी-कुतुबगढ़ से होते हुए दिल्ली जा रहे हैं। वहीं, बहादुरगढ़ के वाहन निजामपुर झाड़ौदा बाॅर्डर, नजफगढ़ रोड और सोहटी के पास से निकल रहे हैं। इससे रोज करीब 28 हजार वाहनों को एक साइड 50 किमी. ज्यादा चलना पड़ रहा है। डीजल ट्रक पर खर्च एक बार आने-जाने में करीब 5 हजार का बढ़ गया है।

काम-धंधे: बहादुरगढ़ बस अड्डे से टिकरी बॉर्डर तक हाईवे के दोनों तरफ करीब 300 दुकानों पर पिछले 9 माह से न तो ग्राहक पहुंच रहे हैं और न ही कंपनियों से ऑर्डर लेने वाले। टिकरी बार्डर पर चार पेट्रोल पंप हैं, जो बंद पड़े हैं। पंप की मशीनें भी जंग खा चुकी हैं। इन पर काम करने वाले 110 कर्मचारियों को नौकरी से हटाया जा चुका है।

उद्योग: टिकरी बाॅर्डर पर स्थित एमआई औद्योगिक क्षेत्र की 4200 फैक्ट्रियों में से 500 से अधिक फैक्ट्री बंद हैं। इनमें करीब 300 फैक्ट्रियों पर ताले लग चुके हैं। यहां किराए पर लेकर फैक्ट्री चला रहे उद्योगपति फैक्ट्री बंद कर चुके हैंं। बहादुरगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स के उपप्रधान नरेंद्र छिक्कारा ने कहा कि उद्योगपतियों को 20 हजार करोड़ का नुकसान हो चुका है।

रेवाड़ी: 100 पेट्रोल पंप समेत दुकानें, ढाबे प्रभावित, अब 100 से 150 किसान ही डटे

ट्रैफिक: एनएच-48 की जयपुर की ओर जाने वाले सर्विस लेन खुली है। यहां से वाहन धीरे-धीरे आगे बढ़ते हैं। दिल्ली की ओर जाने के लिए हाईवे ब्लॉक है। जयपुर की ओर से दिल्ली-गुड़गांव की ओर जाने के लिए पूरा ट्रैफिक डायवर्ट है। शाहजहांपुर-रेवाड़ी रोड से अधिकतर वाहन गुजर रहे हैं। हाईवे खुला तो खेड़ा बॉर्डर से बावल (बनीपुर) चौक तक सिर्फ 16 किलोमीटर सफर है, जबकि अब बनीपुर चौक जाने के लिए पहले रेवाड़ी आना होगा, यानी 35 किलोमीटर से ज्यादा चलना पड़ रहा है। इसी तरफ खेड़ा-शाहजहांपुर बॉर्डर से राजस्थान की ओर करीब 1 किलोमीटर (गुगलकोटा फ्लाईओवर) तक किसानों ने टेंट लगाए हुए हैं। इसी फ्लाईओवर के नीचे वाहन रेवाड़ी की ओर डायवर्ट हैं। शाहजहांपुर-रेवाड़ी रोड अब टूटकर बिखर चुका है। इस रोड से ही भड़ंगी, मोहनपुर व किशनगढ़ आदि गांवों से अप्रोच सड़कें भी हाईवे को जोड़ती हैं, मगर रोड खत्म होने से ग्रामीणों ने अब भारी वाहनों के आवागमन को रोक दिया है।

काम-धंधे: खेड़ा बॉर्डर से रेवाड़ी की तरफ करीब 6 किलोमीटर में लोगों का कारोबार प्रभावित है। 200 दुकानों का काम ठप है, जिनमें जूती और स्पेयर पार्ट्स की दुकानें व ढाबे हैं। कुछ लोग स्थाई तो कुछ अस्थाई तौर पर भी दुकानें बंद करके चले गए हैं। 100 पेट्रोल पंप प्रभावित हैं।

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