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रेलवे अंडरपास में युवक के डूबने का मामला:बामनौली गांव के युवक का तीन दिन बाद मिला शव, ठेकेदार पर केस दर्ज

बहादुरगढ़7 दिन पहले
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बहादुरगढ़ रेलवे अंडरपास में डूबे बामनौली निवासी जय किशन के शव को लेकर जाते हुए। - Dainik Bhaskar
बहादुरगढ़ रेलवे अंडरपास में डूबे बामनौली निवासी जय किशन के शव को लेकर जाते हुए।

बहादुरगढ़ में रेलवे अंडरपास में डूबे बामनौली के 45 वर्षीय जयकिशन के शव को निकालने में प्रशासन के आपदा प्रबंधन के सभी प्रयास फेल हो गए तो तीसरे दिन करीब 48 घंटे के बाद डूबे युवक का शव पानी में फुल जाने से खुद ही पानी के ऊपर आ गया। तब तक प्रशासन केवल अंडरपास से पानी को ही निकालता रहा इसके अतिरिक्त प्रशासन के पास आपदा प्रबंधन को लेकर कोई उपाय नहीं था।

पहले नाव लाई गई तो वह अंडरपास में जमा पानी में नहीं पहुंच पाई। फिर अंतिम प्रयास किया कि दो ट्रैक्टर पंप लगाकर अंडरब्रिज में भरे करीब 16 फीट तक पानी को निकालने का प्रयास किया गया। रात को काम बंद किया तो करीब चार फीट से अधिक पानी का स्तर कम हो चुका था। सुबह तीसरे दिन शव फुल कर अपने आप ऊपर आ गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भिजवाया जहां बाद में उनके परिजनों को सौंप दिया गया।

इस पूरे प्रकरण में यह साफ हो गया कि जिले में आपदा प्रबंध को लेकर तैयारी के नाम पर केवल बैठकें की गई थी व सरकार को भी केवल झूठे आश्वासन ही दिए गए थे कि प्रशासन बरसात में जानमाल के नुकसान को रोकने के लिए तैयार है। जबकि घटना की सूचना के तुरंत बाद आपदा का काम शुरू होना चाहिए था पर वह भी करीब पांच घंटे के बाद शुरू हो पाया। बुधवार सुबह घटना के तीसरे दिन युवक का शव बरामद हो गया।

अंडरपास के दूसरे तरफ से निकलने की कोशिश में पानी में डूब गया जयकिशन
बरसात के कारण बहादुरगढ़ शहर को लाइन पार क्षेत्र से जोड़ने वाले रेलवे अंडर पास में तेजी से पानी भरने लगा था। इसी पानी से साइकिल पर सवार होकर दूसरे तरफ निकालने के प्रयास में बामनौली गांव का जयकिशन पानी में फंस गया व रेलवे अंडरपास का क्षेत्र काफी लंबा होने से वह न तो वापस पीछे आ पाया और न ही दूसरी तरफ निकल पाया। इसी प्रयास में वह डूब गया उसे ढूंढने के लिए प्रशासन ने पंप सेट लगवाए, पानी बाहर निकालने का प्रयास किया और दूसरे दिन गोताखोर भी बुलाए थे। पर बुधवार काे तीसरे दिन बामनाैली के युवक का शव मिला है। जयकिशन के परिजनों ने बताया कि वह 19 को सुबह काम के लिए घर से निकला था।

32 करोड़ की लागत से तैयार अंडरपास में बचने का कोई उपाय नहीं
रेलवे अंडर पास में भरे पानी में या फिर किसी अन्य आपदा के समय वहां फंसे लोग सुरक्षित बाहर निकल सके इसके लिए कोई प्रयास तक भी नहीं किए गए। नहीं तो पानी का टैंक बनाते समय भी लोहे के सरियाें को सीढ़ी की तरह से इस्तेमाल किया जाता है। पर यहां दोनों तरफ टाइल होने के कारण कोई व्यक्ति दीवार या फिर किनारे पर किसी तरह से सहारा नहीं ले सकता।

लापरवाही हुई उजागर

शहर के नवनिर्मित रेलवे अंडरपास में सोमवार को हुई बारिश के बाद जलभराव के कारण हुई एक युवक का शव रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बुधवार सुबह तैरता हुआ पानी के ऊपर आ गया। मृतक की पहचान बामनौली के जयकिशन के रूप में हुई है। बहादुरगढ़ जीआरपी थाने में रेलवे अंडरपास निर्माण करने वाली कंपनी पर निर्माण कार्य में कोताही बरतने पर केस दर्ज किया गया है। इस मामले में निर्माण कंपनी की घोर लापरवाही सामने आई न सिर्फ़ जल निकासी के प्रबंधों के इसे पब्लिक के लिए खोल दिया गया, बल्कि दोनों छोर पर शेड न लगी होने के कारण बरसात का पानी भारी मात्रा में अंडरब्रिज में भर गया।

अंडरपास में पानी भरने से पार नहीं कर पाया युवक
19 को जयकिशन बहादुरगढ़ आया था। अंडरपास में पानी भरने के कारण वह पानी को पार नहीं कर पाया व फंस गया। बुधवार सुबह उसका शव मिला व पोस्टमार्टम के लिए उसे सिविल अस्पताल भिजवाया है, जहां पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। -संजय कुमार, एएसआई, रेलवे पुलिस थाना बहादुरगढ़ रेलवे स्टेशन

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