मेडिकल स्टोर किया सील:बॉर्डर पर नशे के व्यापार की किसानों की शिकायत पर सीएम फ्लाइंग के छापे

बहादुरगढ़2 महीने पहले
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संयुक्त किसान मोर्चा ने डीसी व एसपी के सामने टिकरी बाॅर्डर पर दुकानदारों द्वारा दस-दस लोगों को नशे के सामान को बेचने के लिए छोड़े जाने की खबर के बाद बुधवार को सीएम उड़न दस्ते ने बहादुरगढ़ में छापामारी शुरू कर दी है। छापामारी सबसे पहले शहर के सैनीपुरा क्षेत्र में स्थित एक मेडिकल स्टोर पर की वहां पर सौ के करीब नशे में इस्तेमाल वाले कैप्सूल मिले जिन्हें सीएम फ्लाइंग टीम ने काबू किए हैं।

सीएम दस्ते के रोहतक से आए एसआई जयभगवान ने अपनी टीम के साथ व ड्रग इंस्पेक्टर संदीप हुडा के नेतृत्व में नजफगढ़ रोड सैनीपुरा में एक मेडिकल स्टोर पर रेड की गई। दुकानदार राजेश इन दवाइयों के बारे में ठीक से कोई जानकारी नहीं दे पाया कि वह यह दवाइयां बिना इज्जत के कहां से लाया व किन लोगों को बेचनी थी। इस दवाइयों में नशीली दवाई के रूप में मानी जाने वाली ट्रामा डोल के 96 कैप्सूल व 100 गोली एल्ट्राजोलाम के साथ साथ अन्य कई अनियमितताएं दुकान पर पाई गई हैं।

सोमवार को किसानों ने डीसी व एसपी को नशे के व्यापार पर रोक लगाने की मांग की थी

ड्रग इंस्पेक्टर संदीप हुडा ने मेडिकल स्टोर को सील कर दिया गया है। गौरतलब है कि सोमवार को किसानों ने डीसी झज्जर व एसपी तथा बहादुरगढ़ एसडीएम के सामने ही किसानों ने प्रशासन से टिकरी बार्डर के आसपास नशे के व्यापार पर तुरन्त प्रभाव से रोक लगाने की मांग की थी। किसानों ने यहां तक कहां कि टिकरी बाॅर्डर के आसपास दुकानदारों ने दस दस लोग छोड़ रखे हैं जो नशे का सामान उपलब्ध करवाते हैं।

बैठक में झज्जर प्रशासन की तरफ से उपायुक्त श्याम लाल पुनिया व एसपी राजेश दुगल के साथ-साथ एसडीएम बहादुरगढ़ भूपेंद्र सिंह भी मौजूद थे। वहीं किसानों की तरफ से बलदेव सिंह भाई रूपा, लखविंदर सिंह, अमरीक सिंह फबड़ीभाई के, रमेश वासी सूडाना दलाल खाप आदि किसान शामिल हुए थे।

जिले में 1 साल में तीन सौ से अधिक मामले नशे के पकड़े जा चुके हैं

जिले में एक साल में तीन सौ से अधिक मामले अवैध शराब से लेकर चरस, डोडा व बुक्की व अन्य नशे का सामान बेचने व रखने के साथ साथ सप्लाई करने के पकड़े जा चुके हैं। पर यह सिलसिला बंद होने का नाम नहीं ले रहा। नशे के कारोबार को लेकर बादली में पंचायतें भी हो चुकी है व नशे की हालत में वहां कई लोगों की हत्या भी हो चुकी है। इसी तरह से किसान आंदोलन में आए युवक भी नशे का प्रयोग करके लूट व चोरी की हरकत कर रहे हैं।

इसमें दो अगस्त की रात टिकरी बार्डर के साथ एमआई औद्योगिक क्षेत्र में बनी दुकानों के शटर उखाड़ कर वहां पर मोबाइल आदि की दुकानों में तीन युवकों ने चोरी कर ली थी। वह भी नशे की हालत में थे व नशे के सामान के लिए चोरी करने आए थे। पुलिस ने आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र (एमआइई) स्थित दो दुकानों से चोरी करते पकड़े तीनों युवकों को काबू किया था। पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों ने नशे की लत पूरी करने के लिए दुकानों में चोरी की थी।

दो युवक 29 जुलाई को पंजाब से यहां आंदोलन में भाग लेने आए थे और उनका तीसरा साथी 31 जुलाई को आया था। इस तरह की कई घटनाएं होने के बाद किसानों ने स्थानीय प्रशासन से नशे के बढ़ते व्यापार पर रोक लगाने की मांग की थी। इस सीएम फ्लाइंग की छापामारी भी इसी का हिस्सा मानी जा रही है। दुकान से नशे के सामान की दवाइयों के मिलने के साथ ही शहर में अन्य सभी दवा की दुकानों पर भी हड़कंप की स्थिति बनी हुए हैं।

आपराधिक घटनाओं व दुर्घटना के पीछे भी अक्सर नशा कारण होता है

आपराधिक वारदातों और दुर्घटनाओं के पीछे अक्सर नशा भी एक कारण होता है, लेकिन प्रतिबंध के बावजूद बहादुरगढ़ के मेडिकल स्टोरों पर इनकी खुलेआम बिक्री हो रही है। इससे युवा प्रभावित हो रहे हैं। पर प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है। सरकार ने कई साल्टों को प्रतिबंधित किया हुआ है। नशे के लिए इस्तेमाल होने वाले इन साल्टों से युक्त दवाइयां व इंजेक्शन अभी भी मेडिकल स्टोरों पर बिक रहे हैं। बहादुरगढ़ में तीन सौ से अधिक दवाइयों के होलसेल व रिटेलर हैं।

सूत्रों ने बताया है कि कुछ मेडिकल स्टोरों पर खुलेआम प्रतिबंधित दवाइयां बगैर किसी चिकित्सक की सलाह के बेची जा रही हैं। उनका किसी भी तरह का रिकॉर्ड भी नहीं रखा जा रहा है। पांच रुपए से तीस रुपए के बीच बिकने वाली ये नशे की गोलियां और इंजेक्शन का इस्तेमाल पूरे घातक है। पुलिस के अनुसार भी करीब बीस फीसदी सड़क हादसों की वजह चालक का नशा करना है। कई आपराधिक घटनाओं के दौरान आरोपियों के नशे में होने के मामले सामने आए हैं।

नशा कैसा भी हो, वह मस्तिष्क की सोचने-समझने की क्षमता कम कर देता है। इसकी वजह से नशा करने वाला कई बार हिंसक हो जाता है और घटना भी अंजाम दे देता है। किसानों की माने तो कई मेडिकल स्टोरों पर नशे में इस्तेमाल होने वाले साल्टों वाली दवाइयां और इंजेक्शन बिक रहे हैं। इसी कारण डीसी से नशे के व्यापार को बंद करवाने की मांग की थी।

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