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निरीक्षण:आसौदा के पास 4 दिनों से गुरुग्राम वाटर सर्विस में रुकावट होने से पेयजल संकट गहराया, जन स्वास्थ्य विभाग के 5 टैंक में से 4 खाली

बहादुरगढ़4 दिन पहले
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जन स्वास्थ्य विभाग के टैंक का जल स्तर दिखाते हुए। - Dainik Bhaskar
जन स्वास्थ्य विभाग के टैंक का जल स्तर दिखाते हुए।
  • सिद्धिपुर, नूना माजरा व साैलधा में भी नहीं हाे रही पेयजल की आपूर्ति
  • बॉर्डर पर किसानों को भेजे जाने वाले 60 टैंकरों में से 40 टैंकरों को कम करने की मांग उठाई

चार दिनों से आसौदा के पास रेलवे लाइन के नीचे पेयजल माइनर में मलबा होने से वहां अवरोध के चलते पानी की सप्लाई बंद पड़ी है। सिंचाई विभाग ने उस पानी को दूसरी ड्रेन में डलवा लिया है जिससे वह माइनर को नहीं तोड़ दे। इस कारण बहादुरगढ़ जनस्वास्थ्य विभाग के टैंकराें में पेयजल के लिए पानी की सप्लाई बंद पड़ी है।

मंगलवार को यहां बहादुरगढ़ के पांचों टैंकाें में केवल एक में ही छह इंच तक पानी बचा है व पीछे से पानी की सप्लाई नहीं होने से बुधवार को शहर में पानी की सप्लाई प्रभावित रहेगी। जैसे पहले चार दिनों से हो रही है। शहर में तीसरे दिन ही हाे रही पेय जलापूर्ति। सिद्धिपुर, नूना माजरा व साैलधा में भी नहीं हाे पेयजल की आपूर्ति

टैंकरों को किया निरीक्षण

बहादुरगढ़ के अधिकतर हिस्सों में वैसे भी तीसरे दिन ही पेयजल की सप्लाई होती है। क्योंकि बहादुरगढ़ का जमीनी पानी कैमिकल युक्त होने के कारण जहरीला है व बहादुरगढ़ का पूरा क्षेत्र केवल नहरी पानी पर ही निर्भर है। ऐसे में पेयजल संकट को हल होने तक किसानों को जनस्वास्थ्य विभाग की तरफ से भेजा रहे करीब पचास से साठ टैंकर पानी किसानों द्वारा टैंकाें से भरे जा रहे चालीस टैंकर पानी की सप्लाई को तुरंत प्रभाव से रोकने की मांग की है।

शहर में तीन दिनों के बाद मंगलवार काे जब चौथे दिन भी पानी की सप्लाई नहीं हुई तो लोगों ने शोर मचाया व पूर्व पार्षद धमेंद्र वत्स व पार्षद जसबीर सैनी ने जनस्वास्थ्य विभाग के टैंकराें का दौरा किया तो देखा कि वहां तो चार दिनों से नहरी पानी की सप्लाई ही नहीं हो रही। यहीं हाल साथ लगते गांव सिद्धुिपुर, नूना माजरा, सोलधा व लोआ खुर्द गांव का है। वहां चार दिनों से पानी की सप्लाई नहीं हो पाई है।

वहां के टैंक भी खाली हो चुके हैं। अब जनस्वास्थ्य विभाग कह रहा है कि आसौदा में जहां गुरुग्राम वाटर सर्विस नहर हैं वहां अवरोध हटाए जा रहे हैं व जल्द ही बहादुरगढ़ के लिए पानी की सप्लाई शुरू होगी व जैसे ही टैंकर भर जाएगे जो शहर में पानी की सप्लाई का काम शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए विभाग पूरी तैयारी के साथ मेहनत कर रहा है। वैसे पानी की कमी के कारण तीन दिनों में ही एक बार शहर में पानी की सप्लाई हो सकेगी।

गर्मी के बढ़ने से पेयजल की मांग बढ़ी

जलघर के टैंकों में पानी का स्तर केवल छह इंच रह गया है। गर्मी बढ़ने से अब डिमांड बढ़ने लगी है और आपूर्ति ठप पड़ी है। चार दिन पहले माइनर टूटने से भी कई घंटों तक आपूर्ति ठप है। इस समय हजारों आंदोलनकारी भी शहर की सीमा पर डटे हुए हैं। इनके लिए पानी की सप्लाई तो हो ही रही है। ऐसे में खपत बढ़ना स्वाभाविक है।

विभाग के एसडीओ अनिल रोहिल्ला का कहना है कि वाटर टैंकों में जलस्तर को बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। अब हुडा के सेक्टरों में सप्लाई के लिए बहादुरगढ़ पेयजल माइनर से जा रहे पानी की सप्लाई को एक दिन बंद करके पहले जनस्वास्थ्य विभाग के टैंकाें में सप्लाई किया जा सकता है।

दो दिनों तक पानी की सप्लाई बराबर होने से जनस्वास्थ्य विभाग के करीब दो टैंकाें में संतोषजनक पानी एकत्र हो जाएगा तो जाकर पानी की ठीक से सप्लाई की संभावना है। बहादुरगढ़ पेयजल माइनर पर 55 फीसदी अधिकार सेक्टर की डिग्गी का होने के कारण वहां पानी की अधिक सप्लाई होती है, जबकि शहर का क्षेत्रफल अधिक होने के बाद भी यहां पानी की सप्लाई कम होने के कारण तीन दिनों में एक बार पानी की सप्लाई होती है। अब जैसे-जैसे शहर चारों तरफ से बढ़ रहा है वैसे-वैसे पानी की खपत भी तेजी से बढ़ रही है।

इसी माइनर से टैंकों में 35 क्यूसिक पानी की हाेती सप्लाई

बहादुरगढ़ जनस्वास्थ्य विभाग के पांच टैंक हुडा विभाग के चार टैंकों में इस माइनर से 35 क्यूसिक पानी की सप्लाई होती है वह भी इस समय केवल 12 क्यूसिक तक ही पानी पहुंचता था अब वह भी बंद पड़ा है। जिससे पेयजल का संकट खड़ा हो गया है।

इस पानी को जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा तैयार 6 जीएमडी की कैपेसिटी वाले वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में इस पानी को साफ करके शहर में 35 हजार घरों में पहुंचाया जाता हैं। इसी तरह से सेक्टर दो हुडा विभाग के प्लांट से पानी को शहर के चार सेक्टरों में स्थित करीब पांच हजार मकानों में पेयजल की सप्लाई होता है। पर जब पानी की सप्लाई ही बंद हो गई तो टैंकाें में पानी कहां से अाएगा।

पेयजल माइनर में नहरी पानी की जल्द सप्लाई नहीं हुई ताे शहरवासियाें काे बूंद-बूंद के लिए तरसना पड़ेगा

जनस्वास्थ्य विभाग के जलघर में पांच वाटर टैंक हैं। इनमें से चार में पानी नहीं है व केवल एक में छह इंच तक ही पानी है। यदि नहर से पानी की सप्लाई जल्द ही शुरू नहीं हो पाई तो बहादुरगढ़ के लोगों को बूंद-बूंद पेयजल को तरसना पड़ेगा।

शहर के लोगों में उमेश ढांगी, रोहण बत्रा, शौकी, संजय राठी व उमेश राठी के साथ साथ विनोद त्यागी ने बताया कि बहादुरगढ़ की दो लाख की आबादी केवल नहरी पानी पर ही निर्भर है। इसी कारण बहादुरगढ़ की इस वाटर सप्लाई करने वाली नहर को सुरक्षित रखने की सबसे अधिक जरूरत है।

टैंकों में पानी कम होने से दूषित पेयजल की सप्लाई

जनस्वास्थ्य विभाग के टैंकों में पानी समाप्त होने पर आसपास के जिन काॅलोनियों में दो दिन पहले पेयजल की सप्लाई हुई थी वह मिट्टी के कारण दूषित थी। इससे लोगों में रोष है। वॉर्ड 24 मे उत्तम कॉलोनी में भी दूषित पेयजल सप्लाई से लोगों में रोष है। 24 मे स्थित जटिया कॉलोनी, उत्तम कालोनी , शान्ति मन्दिर व आदि कालोनियों में पिछले कई दिनों पहले दूषित पानी की सप्लाई हुई है।

उत्तम काॅलोनी वासी पूनम सहगल, हिमांशु मल्होत्रा,सरोज देवी, रानी देवी,हन्नू व यशपाल हिंदुस्तानी ने बताता कि पिछले कई दिनो से गंदा पानी पीने को मजबूर है पिछले कई दिनो से दूषित पेयजल की सप्लाई आ रहीं हैं जिससे बीमारी भी फैल सकती हैं। दूषित पेयजल बिल्कुल भी पीने लायक नहीं है। इस मौके पर पूनम सहगल,हिमांशु मल्होत्रा,सरोज ,रानी देवी,हन्नू आदि काॅलोनीवासियों ने दूषित पेयजल की समस्या पर रोष प्रकट किया।

अधिक पानी छोड़ने पर टूट जाती माइनर

बहादुरगढ़ माइनर की सफाई नहीं होने के कारण जैसे ही पानी की मात्रा को बढ़ाया जाता है तो वह टूट जाती है। इस कारण पेयजल का संकट खड़ा हो जाता है। डेढ़ साल में अब तक छह बार इस माइनर की दीवार टूट चुकी है। यही नहीं पानी सप्लाई के लिए बनाए गए वाटर स्टोरेज टैंकों के लिए भी सप्लाई प्रभावित हो जाकी है। टैंकों में भी पानी कम होने के कारण शहर में पेयजल की व्यवस्था ठप हो गई है।

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