किसान लौट गए:सड़कों पर उड़ रही धूल, प्रदूषण की मार झेल रहा शहर

बहादुरगढ़एक महीने पहले
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तीन कृषि कानूनों के रद्द होते ही पंजाब व हरियाणा के किसान लौट गए हैं। टिकरी बॉर्डर से लेकर बाईपास तक साफ-सफाई की जा रही है। इससे धूल का गुबार उठ रहा है। जिससे प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है। वहीं कई जगह कूड़े में आग लगाई जा रही है। पिछले एक साल से किसान टिकरी बॉर्डर से जाखौदा बाईपास चौक तक बैठे हुए थे। अब यहां सफाई के दौरान और वाहनों के आवागमन से धूल उड़ रही है।

ऐसे में स्थिति बेहद खराब है। कई जगह किसानों द्वारा मिट्टी डाली गई थी। जो भी वाहनों के कारण अब हवा में उड़ रही है। वहीं सफाई कर्मचारी भी सफाई में लगे हुए है। सभी प्रयासों के बाद भी औद्योगिक नगरी बहादुरगढ़ देश प्रदूषित शहरों में शामिल है। एयर क्लालिटी इंडेक्स 250 के पार दर्ज किया जा रहा है। प्रदूषण कम न होने से शहरवासियों का दम घुटने लगा है। हैरानी की बात ये है कि सुप्रीम कोर्ट की तमाम हिदायतों के बाद भी न तो सड़कों की सफाई हो रही है और न ही कूड़े के जलाने पर रोक लग पा रही है।

वहीं दूसरी ओर नगर परिषद भी लगातार चालान कर जुर्माना लगा रही है। प्रशासन शहर की सड़काें की सफाई का दावा कर रहा है लेकिन हकीकत ये है कि रोड स्वीपिंग मशीन कहीं नजर नहीं आ रही है। कोई ऐसी सड़क नहीं है जहां किनारे धूल न जमीं हो। खास बात ये कि बॉर्डर से लेकर शहर तक सड़कों के किनारे धूल की परत जमीं पड़ी है। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि किस तरह सड़कों की सफाई हो रही है। एनएचएआई का भी यही हाल है।

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