रोष / मांगों को लेकर कर्मचारियों ने गेट मीटिंग कर जताया रोष

Employees expressed anger at the gate meeting over demands
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Employees expressed anger at the gate meeting over demands

  • तमाम कर्मचारी व रिटायर्ड कर्मचारियाें का महंगाई भत्ता जुलाई 2021 तक फ्रीज करना निंदनीय : यूनियन

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 07:33 AM IST

बहादुरगढ़. केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी फेडरेशन से संबंधित सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर ऑल हरियाणा पावर काॅरपोरेशन वर्कर यूनियन रजिस्टर नंबर 1308 हैड आफिस हिसार के राज्य सचिव बंसीलाल ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा अप्रैल के महीने में देश के तमाम कर्मचारी व रिटायर्ड कर्मचारीयो का महंगाई भत्ता जुलाई 2021 तक फ्रीज करना निंदनीय है। इसी के चलते श्रम कानूनों में बदलाव व अन्य मांगों को लेकर बिजली निगम कार्यालय के गेट पर विरोध प्रर्दशन किया गया।  विरोध गेट मीटिंग की अध्यक्षता यूनिट प्रधान दलबीर हुड्डा ने की। मीटिंग का संचालन यूनिट सचिव प्रदीप छिकारा ने किया। 
पावर बिल 2020 रद्द करने की मांग
सरकार कर्मचारियों के मनोबल बढ़ाने की ब्जाय शोषण करने का काम कर रही हैं। यूनियन सरकार से मांग करती हैं इस प्रकार के तानाशाही फैसले वापस लिए जाएं, पावर बिल 2020 रद्द किया जाए ,ट्रेड यूनियनों में सुधार करके पूंजी पत्तियों के हक में जो नीतियां बनाई जा रही है 8 से 12 घंटे काम करने के लिए मजदूरों को विवश करने का कानून लाया जा रहा है उसे रद्द किया जाए। यदि सरकार इसी प्रकार फैसले लेती रही तो आने वाले समय में सरकार के खिलाफ बहुत बड़े आंदोलन की तैयारी होगी। केन्द्र सरकार की कर्मचारी विरोधी नीतियों की जमकर आलोचना करते हैं। सर्कल सचिव रविन्द्र दलाल, यूनिट सचिव प्रदीप छिकारा ने भी सरकार के इस फैसले को वापिस लेने की अपील की।

केंद्र व राज्य के कर्मचारियाें ने स्वेच्छा से एक दिन का वेतन राहत काेष में दिया :

राज्य सचिव बंसीलाल ने कहा कि केंद्र सरकार ने मौजूदा करोना महामारी का बहाना बनाकर कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बंद करके निंदनीय व तानाशाही कार्य किया है। पिछले छह साल के दौरान बीजेपी सरकार ने अपने चहेते पूंजीपतियों को लोन में व  उनके टैक्सों में अब तक 11 लाख करोड़  रुपए राहत प्रदान की है, जबकि इस संकट की घड़ी में इन कंपनियों ने प्रधानमंत्री राहत कोष में कोई सहयोग नहीं किया है। केंद्र व राज्य के कर्मचारियों ने पिछले दिनों में  स्वेच्छा से 1 दिन का वेतन देकर महामारी में वित्तीय मदद की। अब सरकार ने जनवरी 2020 से जुलाई 2021तक 3 महंगाई भत्ता किस्तें बंद करके कर्मचारियों का शोषण करने का काम किया है।

जो किसी भी सूरत में सही नहीं है। यदि हरियाणा सरकार कर्मचारियों से दोबारा अपील करती तो कर्मचारी स्वेच्छा से अपने वेतन देने को फिर भी तैयार थे। इस महंगाई भत्ते को बंद करने से रिटायर होने वाले कर्मचारियों व मौजूदा कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति पर बहुत ज्यादा असर पड़ेगा। दूसरी ओर काेराेना महामारी की आड में केंद्र सरकार बिजली बिल संशोधन 2020 पास करने का प्रयास कर रही है जिससे बिजली की कंपनियां पूर्णतया प्राइवेट हाथों में चली जाएगी।

आम जनता, किसान को मिलने वाली सब्सिडी खत्म हो जाएंगी बिजली पूर्णतया निजीकरण की ओर चली जाएगी। आज की वैश्विक महामारी में एक और सरकारी कर्मचारी अपनी जान जाेखिम में डालकर सरकार को 24 घंटे सेवाएं देने को तैयार हैं दूसरी ओर प्राइवेट कंपनियां अपनी इस वैश्विक महामारी में जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ते हुए एक तरफ अपने घर चुपचाप बैठी हैं। इससे भी केंद्र सरकार सबक ना लेकर जो बिजली कर्मचारी स्वास्थ्य ,सफाई, व अन्य कर्मचारी अपने परिवार की और ना देखकर सरकार  व आम जनता की सेवा में लगे है।

अन्य विभागों के कर्मचारियों ने भी की गेट मीटिंग :

नगर परिषद सफाई कर्मचारी संघ के प्रधान राजेन्द्र प्रधान के नेतृत्व में कर्मचारियों ने केंद्रीय ट्रेड यूनियनों एवम कर्मचारी फेडरेशनों के आह्वान पर अपनी मांगों के संबंध में नगर परिषद बहादुरगढ़ में गेट मीटिंग की ओर सरकार के खिलाफ नारेबाजी व विरोध प्रदर्शन किया और अखिल भारतीय विरोध दिवस के रूप में मनाया। इनकी मुख्य मांगो ने कच्चे कर्मचारी को को पक्का करना, मेडिकल सुविधा कैशलेस होना। समान काम समान वेतन लागू किया जाना, पुरानी पेंशन लागू करना और ठेका प्रथा पर रोक लगाना रही। वही ब्रांच प्रधान जगदीश  के नर्तृत्व में हरियाणा पीडब्ल्यूडी मैकेनिकल यूनियन बहादुरगढ़ ने भी केंद्रीय ट्रेड यूनियनों एवम कर्मचारी फेडरेशनों के आह्वान पर अपनी मांगों के संबंध में पीडब्ल्यूडी सिंचाई विभाग के गेट पर मीटिंग की ओर सरकार के खिलाफ नारेबाजी व विरोध प्रदर्शन किया।

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