सर्वखाप ने की बैठक, एमएसपी लागू करा कर ही रहेंगे:टिकरी बॉर्डर पर किसान प्रदीप धनखड़ की भूख हड़ताल सातवें दिन भी जारी रही

बहादुरगढ़एक महीने पहले
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टिकरी बॉर्डर अनशन स्थल पर बैठक करती सर्वखाप। - Dainik Bhaskar
टिकरी बॉर्डर अनशन स्थल पर बैठक करती सर्वखाप।

टिकरी बॉर्डर अनशन स्थल पर सर्वखाप की बैठक में एमएसपी कानून लागू करने की मांग तेज हो गई है। मंगलवार को कमेटी को रद्द कर फसल खरीद कानून के लिए टिकरी बॉर्डर पर प्रदीप धनखड़ का भूख हड़ताल सातवें दिन भी जारी रही। सर्व खाप हरियाणा डाॅ. ओमप्रकाश धनखड़ अध्यक्षता में अन्य खातों के प्रधानों की अहम बैठक हुई। एक स्वर में प्रदीप धनखड़ के कृषि खरीद कानून मुद्दे को समर्थन किया।

इस मौके पर दलाल खाप, जटराणा, जाखड़, राठी, मलिक, छिल्लर व विभिन्न खाप प्रतिनिधियों ने संयुक्त किसान मोर्चा के कमेटी षड्यंत्र को रद्द कर प्रधानमंत्री को सीधा फसल खरीद कानून लागू करने के लिए अलग-अलग जिलों के प्लेटफार्म से लिखित प्रस्ताव प्रेषित करने का फैसला लिया। इस मौके पर 195 संगठन राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार वीएम सिंह, भूतपूर्व विधायक मुंडका सुखबीर दलाल, उत्तर प्रदेश के किसान नेता रोहित चौधरी ने भी टिकरी बाॅर्डर पर पहुंचकर प्रदीप धनखड़ के साथियों के संघर्ष को समर्थन जारी किया। इस मौके पर सुखबीर बिचपड़ी कुलदीप सिंह पंजाब सिंघु बॉर्डर, गाजीपुर धरनास्थल पर खरीद कानून के लिए धरने पर बैठे तीन प्रतिनिधियों ने भी सम्यक समिति बनाकर भविष्य की रणनीति पर चर्चा की।

धनखड़ टीम की भूख हड़ताल को अनशन में तब्दील करवाया
सर्वसम्मति से खाप प्रतिनिधि किसान नेता और सहयोगी संगठनों ने 9 साल की किसान पुत्री के हाथ से धनखड़ टीम की भूख हड़ताल को अनशन में तब्दील करवाया। मोर्चा में गुरनाम संगठन के संस्थापक सदस्य फसल खरीद कानून की मांग पर केएमपी पुल से कूदकर शहादत देने वाले गोहाना के मृतक किसान को श्रद्धांजलि भेंट की गई। मोदी के कसीदे पढ़ने वाले मोर्चे के किसान नेताओं ने आंदोलन में जुटे हरियाणा के प्रबंधक किसान संगठन, खाप, अपने संगठन के किसानों की आवाज को अनसुना किया है। इस कारण किसान को लिखित नोट साथ आत्महत्या करनी पड़ी थी।

जल्द ही पूरे देश के किसान संगठन और फसल खरीद कानून हितेषी लोगों की ग्रामीण अंचल धरनास्थल से ही बैठक बुलाई जाएगी। आगामी आंदोलन राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध करने की बजाय आक्रामक ना होकर गांव गांव से डिजिटल माध्यम से लड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि 23 दिसंबर को जींद में मोर्चे और खाप नेताओं के प्रस्तावित कार्यक्रम में मौजूद खाप नेताओं ने फसल खरीद कानून से खिलवाड़ पर मोर्चे और कमेटी के नेताओं से स्पष्टीकरण के लिए नैतिक जिम्मेदारी ली है।

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