किसान आंदोलन पर कोरोना का असर:लाॅकडाउन की आहट से पंजाब वापस जा रहे किसान, किसानाें काे डर- ट्रैक्टर कम, रेल बंद हुई ताे बढ़ जाएगी परेशानी

बहादुरगढ़7 महीने पहले
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बहादुरगढ़ रेलवे स्टेशन पर पंजाब वापस जाने के लिए पटरियों के बीच से गुजरते किसान। - Dainik Bhaskar
बहादुरगढ़ रेलवे स्टेशन पर पंजाब वापस जाने के लिए पटरियों के बीच से गुजरते किसान।

केएमपी पर 24 घंटे के जाम के बाद आंदोलनरत किसान कोरोना के बढ़ते प्रकोप और लॉकडाउन की आहट से परेशान हैं। उन्होंने पंजाब जाने का सिलसिला तेज कर दिया है। इस समय बहादुरगढ़ में मौजूद ट्राॅलियों में जहां 8 से 10 लोग होते थे, वहां दो से तीन रह गए हैं।

इस तरह से बहादुरगढ़ में एवरेज 25 हजार किसानों की थी, जिनमें से 15 हजार किसान बहादुरगढ़ में मौजूद हैं पर धीरे-धीरे किसानों के वापस जाने व पंजाब से कम किसानों के आने का सिलसिला तेज हो गया है। कोरोना का डर किसानों को नहीं है, लेकिन किसानों को लगता है कि कभी भी लॉकडाउन होने पर पंजाब से आने वाली सभी रेलगाड़ियों का आवागमन बंद हो जाएगा।

इससे गर्मियों के मौसम में यहां एक से दो माह तक पंजाब जाने का कोई साधन नहीं होगा। इस डर से किसानों ने वापस घर जाने का सिलसिला शुरू कर दिया है। अब किसान 15-15 दिनाें के रोटेशन पर आ रहे हैं।

किसानों का वापस जाने का सिलसिला बढ़ा
रेलवे स्टेशन अधीक्षक यशपाल सिंह का कहना है क्या फर्क पड़ता है किसान वापस अधिक जा रहे हैं या फिर आ रहे हैं, क्योंकि टिकट यह पहले भी नहीं लेते थे, अब भी नहीं ले रहे। पर किसानों का वापस जाने का सिलसिला बढ़ा है। इधर, सोनीपत जिला क्षेत्र में केजीपी, केएमपी व टोल क्षेत्र में सुरक्षा, नुकसान व जाम से बचाव के लिए धारा 144 लागू कर दी है। जिलाधीश श्यामलाल पूनिया ने यह आदेश जारी किए हैं।

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