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टिकरी बाॅर्डर पर किसान आंदोलन का 192वां दिन:3 कृषि कानून व सरकार की नीतियों के खिलाफ किसान आज बादली थाने के सामने 4 घंटे देंगे शांतिपूर्वक धरना

बादली10 दिन पहले
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  • किसान आंदोलन में अब बढ़ने लगी भीड़, पंजाब से लगातार आ रहे किसानों के जत्थे

ढासा बाॅर्डर पर धरना दे रहे किसान सोमवार को दोपहर 12 से लेकर शाम 4 बजे तक सरकार की नीतियों के विरोध व तीन कृषि कानूनों के विरोध में बादली थाने के सामने धरना देंगे। किसान शांतिपूर्वक थाने के पास स्थित केएमपी हाईवे के पुल के नीचे अपना धरना देंगे। सरकार की नीतियों को लेकर रोष जाहिर करेंगे। धरने के अध्यक्ष गुलिया खाप प्रधान विनोद गुलिया ने बताया कि सरकार द्वारा सरकार के नेताओं और मंत्रियों द्वारा बार-बार किसानों को उकसाने का काम किया जा रहा है। नेताओं और मंत्रियों द्वारा बार-बार उकसावे की कार्रवाई करने के बाद किसानों पर मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं।

उन पर लाठीचार्ज किया जा रहा है। उन पर आंसू गैस के गोले छोड़े जा रहे हैं। सरकार द्वारा पूर्ण रूप से तानाशाही रवैया अपनाया जा रहा है। सरकार किसी भी सूरत में किसान आंदोलन को भटकाना और समाप्त कराना चाह रही है। धरने पर मौजूद दीपक धनखड़ कासनी, कपूर सिंह कुकडोला, विरेंन्द्र सिंह डागर, एडवोकेट सतबीर गुलिया व अन्य ने कहा कि किसानों पर बिना मतलब के किए जा रहे।

मुकदमों को लेकर, किसानों की गिरफ्तारियां को लेकर, सरकार की किसान विरोधी नीतियों को लेकर सोमवार को संयुक्त किसान मोर्चा के निर्णय के अनुसार ढासा बाॅर्डर के किसान शांतिपूर्वक ढंग से बादली थाने के सामने 4 घंटे शांति पूर्वक रूप से धरना प्रदर्शन करेंगे। सरकार की नीतियों के खिलाफ रोष जाहिर करेंगे।

तीन कृषि कानूनों की वापसी बिना घर वापसी नहीं
ढासा बाॅर्डर के धरने पर रविवार को संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य बलदेव सिंह सिरसा भी पहुंचे। उन्होंने ढासा बाॅर्डर की कमेटी के सदस्यों के साथ एक बैठक की। सरकार द्वारा अपनाए जा रहे किसानों के प्रति रवैया को लेकर अपना रोष जाहिर किया। बलदेव सिंह सिरसा ने कहा कि सरकार चाहे जितना आंदोलन को भटका ले। आंदोलन को समाप्त करने के चाहे जितने प्रयास कर ले।

किसानों की एकमात्र मांग तीनों कृषि कानूनों को रद्व कराना है। जब तक तीनों कृषि कानून रद्व नहीं हो जाते। सरकार द्वारा एमएसपी पर कानून नहीं बना दिया जाता। किसानों का आंदोलन जारी रहेगा। सरकार जो चाहे रवैया अख्तियार कर ले किसान अपनी मांगों को मनवाए बिना अपने घरों को नहीं लौटने वाला है। किसानों से शांतिपूर्वक ढंग से आंदोलन को चलाए रखने और ज्यादा से ज्यादा संख्या में धरना स्थल पर किसानों के पहुंचने का आह्वान भी किया।

किसान आंदाेलन के चलते टिकरी बॉर्डर पर 6 माह से बंद है सीएनजी पंप

बहादुरगढ़ | टिकरी बॉर्डर पर किसान कृषि कानूनों का विरोध करते हुए 6 माह से अधिक का समय हो गया हैं। ऐसे में बॉर्डर स्थित सीएनजी पंप बंद पड़े है। 6 माह से लोग मजबूरी में महंगी सीएनजी डलवा रहे हैं। बॉर्डर पर सीएनजी पंप बंद होने का असर शहर नजर आ रहा है। रविवार को गौरैया पेट्रोल पंप पर सीएनजी डलवाने के लिए लंबी लाइन लगी रही। यहां सुबह 6 बजे पंप पर सीएनजी शुरू होती है और रात 10 बजे तक वाहनों की लाइन लगी रहती है। अब सीएनजी लेने वाले परेशान हो चुके हैं। टिकरी बॉर्डर पर 4 पंप बंद पड़े हैं। ऐसे में शहर का एक मात्र सरकारी गौरैया पेट्रोल पंप पर सुबह 6 से रात 10 बजे तक सीएनजी मिलती है।

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