बाईपास पर जलाया कूड़ा:धुएं से दम घुटने पर फायर ब्रिगेड ने बुझाई आग, फैक्ट्रियों का वेस्ट शहर से बाहर नहीं जाने पर बाईपास बनाया डंपिंग स्थल

बहादुरगढ़9 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • दिन-रात कूड़ा जलाने से बाईपास के पास रह रहे हजारों परिवार परेशान

बाईपास पर फैक्ट्रियों के संचालकों की ओर से 24 घंटे कूड़ा जलाने की घटना के बाद शनिवार को आसपास रहने वाले लोगों को दम घुटने लगा तो फायर ब्रिगेड के वाहनों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। पर शाम होते-होते पहले जैसी स्थिति बन गई। औद्योगिक क्षेत्र में फैक्ट्री वेस्ट काे सुनियोजित तरीके से संग्रहण करने के लिए प्रशासन आज तक कोई स्थान तलाश नहीं कर पाया है। अब तीन माह से टिकरी बाॅर्डर किसान आंदोलन के चलते फैक्ट्रियों का वेस्ट बाहर नहीं जा पा रहा। इसके चलते फैक्ट्रियों के संचालकों ने फैक्ट्रियों का वेस्ट बाईपास पर जलाया जा रहा है।

इससे रोहतक रोड पर ओमेक्स समेत एचएल सिटी व सेक्टर 11, 12 व 13 के साथ मिनी सचिवालय के क्षेत्र में लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है। अब चारों तरफ सुबह से रात तक बहादुरगढ़ की सैकड़ों फैक्ट्रियों का कूड़ा यहीं पर जलाया जा रहा है। शनिवार को स्थानीय लोगों ने इसकी शिकायत फायर ब्रिगेड काे दी ताे फायर ब्रिगेड के वाहनों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया।

पर शाम होते-होते फिर से कुछ लोगों ने कूड़ा करकट में आग लगा दी। इससे ओमेक्स सिटी, नूना माजरा, एचएस सिटी व जेडी मॉल व सेक्टर-13 में रहने वालों को अपनी खिड़कियों को बंद करने को मजबूर होना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि अभी तक शहर की एक भी में औद्योगिक वेस्ट बिन नहीं बन पाने के कारण फैक्ट्रियों के संचालक सड़कों व खुले क्षेत्रों मेें फैक्ट्रियों से निकलने वाला वेस्ट फेंक रहे हैं।

शहर में तीन हजार छाेटी-बड़ी फैक्ट्री
फैक्ट्री वेस्ट को किया जाएगा रिसाइकिल फैक्ट्री-वेस्ट का नियमित निस्तारण नहीं होने से शहर के चारों तरफ का क्षेत्र व जुआ ड्रेन में लंबे समय से यहां कूड़ा फेंका जा रहा था। पर वहां अब सड़क बनाई है। इस कारण नया ठिकाना बाईपास पर है। बहादुरगढ़ में तीन हजार छोटी-बड़ी फैक्ट्री हैं जो एक सौ टन फैक्ट्री वेस्ट बाहर फेंकती हैं। इन वेस्ट में से कूड़ा उठाने वाले काफी सामान उठा ले जाते हैं पर उसके बाद भी काफी मात्रा में कूड़ा शहर के बाहर हिस्सों में रह जाता है।

कूड़े के लिए अभी तक नहीं मिल सकी जमीन
बहादुरगढ़ की फैक्ट्रियों के वेस्ट के लिए एक एकड़ जमीन की व्यवस्था अभी तक नहीं हो पाई है। जहां इस कूड़े को ठिकाने लगाने का संयंत्र लगाया जा सके। 17 नवंबर 2019 को सीएम ने बहादुरगढ़ में प्रशासन को एक एकड़ में यह व्यवस्था करने के आदेश दिए थे। अब इसके लिए जमीन की तलाश का काम शुरू किया गया था पर कई व्यवस्था नहीं हो पाई। इसके लिए सोसायटी, आरडब्ल्यूए व बीसीसीआई व फुटवियर एसोसिएशन से सदस्यों की भी सहायता ली जा रही है। औद्योगिक वेस्ट निस्तारण को लेकर शहर में सोलिड वेस्ट अवेयरनेस एंड एक्शन की तर्ज पर काम करने को कहा हुआ है।

फैक्ट्रियों का वेस्ट ट्रकों में लाकर फेंक रहे
शहर में कोई व्यवस्था नहीं होने से कई हजार किलो फैक्ट्री-वेस्ट बाईपास के चारों तरफ एकत्र करके वहां उसे जला दिया जाता है। इसी तरह से एक सप्ताह पहले नए गांव में फैक्ट्री के वेस्ट को ट्रकों में भरकर लाया जाता है व वहां उसे जला दिया जाता है। इस कारण आसपास के लोगों के लिए वहां लोगों को परेशानी होने लगी थी।

एक सप्ताह पहले भी लगी थी आग
एक सप्ताह पहले ओमेक्स सिटी से लेकर आसौदा मोड़ तक ग्रीन बेल्ट में लगे पौधों व पेड़ों में आग लगी थी। आग में सैकड़ों की संख्या में छोटे पेड़ नष्ट हो गए थे। वहीं, बाईपास की तरफ हवा का रुख होने पर किसानों को अपनी ट्राॅलियों से निकलकर दूर जाना पड़ता है।

^फैक्ट्री-वेस्ट को लेकर फैक्ट्री संचालकों, कर्मचारियों और शहरवासियों को जागरूक किया जाएगा। स्कूलों, गांवों में कार्यक्रम किए जाएंगे। दूसरी तरफ जागरूकता अभियान के जरिए ई-वेस्ट से होने वाले नुकसानों को लेकर भी जागरूक किया जाएगा।
- अतर सिंह, ईओ, नगर परिषद, बहादुरगढ़।

खबरें और भी हैं...