कोरोना / बहादुरगढ़ में चालीस हजार लोगों की सप्ताह में दो बार होगी स्क्रीनिंग, कंटेनमेंट जोन के हर घर की होगी जांच

बहादुरगढ़ में स्वास्थ्य विभाग की टीम डोर-टू-डोर सर्वे करती हुई। बहादुरगढ़ में स्वास्थ्य विभाग की टीम डोर-टू-डोर सर्वे करती हुई।
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बहादुरगढ़ में स्वास्थ्य विभाग की टीम डोर-टू-डोर सर्वे करती हुई।बहादुरगढ़ में स्वास्थ्य विभाग की टीम डोर-टू-डोर सर्वे करती हुई।

  • दिल्ली में काेराेना के बढ़ने के साथ-साथ बहादुरगढ़ में तेजी से बढ़ रहे संक्रमण से स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

दैनिक भास्कर

Jun 30, 2020, 07:48 AM IST

बहादुरगढ़. दिल्ली में कोरोना वायरस के बढ़ते व उसके साथ लगते बहादुरगढ़ में भी तेजी से कोरोना के बढ़ रहे मामलों के बीच प्रशासन ने बहादुरगढ़ के स्लम क्षेत्रों में रहने वाले करीब 40 हजार लोगों की सुरक्षा के लिए कोविड रिस्पांस प्लान तैयार किया है। इस मामले में बहादुरगढ़ के चालीस हजार लोगों की स्क्रीनिंग होगी। कोविड रिस्पांस प्लान के मुताबिक, यह तय किया गया है कि समयबद्ध तरीके से बहादुरगढ़ अपनी कंटेनमेंट रणनीति को आगे बढ़ाएगा। हर सप्ताह में दो बार स्क्रीनिंग की व्यवस्था की जानी है। इसके अतिरिक्त कंटेनमेंट जोन में हर घर की स्क्रीनिंग होगी। 

कंटेनमेंट जाेन में एक्टिव केस होंगे सर्च
उम्मीद है कि 6 जुलाई तक सभी घरों की स्क्रीनिंग की जाएगी। प्लान के मुताबिक जल्द से जल्द सर्वें शुरू होगा। उसके नतीजे 10 जुलाई तक आने की संभावना है। इसके पीछे कारण माना जा रहा है इससे बहादुरगढ़ में हर स्तर पर सर्विलांस टीम और ओवरसाइट सिस्टम को मजबूत करना हैं। मौजूदा समय में कंटेनमेंट को टास्क फोर्स मॉनिटर करती है। समिति की सिफारिशों के मुताबिक इस टीम को मजबूत करने के लिए अब अन्य विभागों से भी कर्मियों को लेने की तैयारी है।

जिसमें नगर परिषद भी साथ देगी। माना जा रहा है कि इस काम में शिक्षा व युवा विभाग के साथ-साथ एनसीसी व एनएसएस को भी शामिल किया जाएगा। बहादुरगढ़ में मौजूदा कंटेनमेंट जोनिंग प्लान का मूल्यांकन और एक संशोधित कंटनमेंट जोनिंग प्लान तैयार किया जाना है। किसी भी इलाके को जब एक बार कंटेनमेंट ज़ोन घोषित कर दिया जायेगा तो वहां कड़ाई से नियमों का पालन करना होगा और कंटेनमेंट जोन के अंदर एक्टिव केस सर्च किया जायेगा।

कंटेनमेंट जाेन में नियमाें का पालन न करने पर लगेगा जुर्माना: कंटेनमेंट ज़ोन के आसपास पर्याप्त संख्या में बफर जोन होंगे। स्लम क्षेत्र व घनी आबादी वाले इलाकों में कोविड पॉजिटिव के लिए सेंटर बनाने की भी तैयारी है। इसके साथ साथ डेली केस सर्च, टेस्टिंग और आइसोलेशन के लिए पर्याप्त टीम तैयार किया जाएगा। कंटेंड इलाके की सीमा में अंदर और बाहर आने जाने वाले लोगों के मूवमेंट को पुलिस के द्वारा नियंत्रित करना भी इस अभियान का हिस्सा है।

प्रशासन द्वारा कंटेनमेंट ज़ोन में आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति कराना, सीसीटीवी और ड्रोन मॉनिटरिंग के ज़रिए कंटेनमेंट ज़ोन के अंदर मूवमेंट पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी है।  नियम का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगानने की व्यवस्था की जा रही है। गाइडलाइंस के मुताबिक कंटेनमेंट ज़ोन के अंदर रैपिड एंटीजन टेस्ट कराना, रैपिड एंटीजन टेस्ट में निगेटिव पाये जाने वाले बेहद संदिग्ध मामलों का आरटी व पीसीआर टेस्ट  किया जाता है। हाई रिस्क और लो रिस्क कांटेक्ट केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइडलाइंस के आधार पर परिभाषित किये जायेंगे।

डीसी ऑफिस में एक टीम हाेगी तैनात: कांटेक्ट ट्रेसिंग को प्रभावशाली बनाने के लिए डीसी ऑफिस में एक डेडिकेटेड टीम को तैनात किया जायेगा। जिसमें कॉन्टेक्ट्स को मैप करने के लिए टेली-कॉलर्स और कॉन्टेक्ट्स को विजिट करने और हाई रिस्क कॉन्टेक्ट्स को क्वाॅरेंटाइन करने के लिए फील्ड टीम शामिल होंगी। इस काम को जल्द से जल्द पूरा करने की योजना में ही सबसे पहले 40 हजार लोगों के स्वास्थ्य की जांच होगी। वह भी सप्ताह में दो बार।

सबसे ज्यादा संक्रमित दिल्ली व गुरुग्राम से जुड़े हुए: बहादुरगढ़ में 240 कोरोना के मरीज प्रकाश में आ चुके हैं। इस तरह से 47 दिन में 120 लोग कोरोना पॉजटिव थे व 16 दिनों में डबल हो चुके हैं। इसके अलावा वैसे भी घर-घर में सर्वें किया जा रहा है। सबसे अधिक मामले दिल्ली व ग्रुरुग्राम क्षेत्र से जोड़कर दखा जा रहा है।

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