प्रशासन की अनदेखी:प्रदूषण मुक्त वातावरण में नाहरा नाहरी रोड पर खुले में फैक्ट्रियों का जला रहे कचरा

बहादुरगढ़2 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

एनसीआर में प्रदूषण मुक्त वातावरण में जहां लोगों ने नाहरा नाहरी रोड पर सुबह-शाम सैर करना शुरू किया है वहीं, बहादुरगढ़ की फैक्ट्रियों से निकलने वाला कूड़ा-करकट नष्ट करने के लिए भी लोगों ने इस सड़क को चुन लिया है। क्योंकि यहां प्रशासनिक अधिकारियों का आना जाना कम रहता है। कई दिन से फैक्ट्रियों से निकलने वाली प्लास्टिक की कतरनों को नाहरा नाहरी रोड पर फेंक कर उसे जलाया जा रहा है।

इस तरह फैक्ट्रियों के कचरा जलाने का नाहरा नाहरी रोड नया ठिकाना बनने लगा है। इससे पहले रोहतक रोड पर रौहद तक फैक्ट्रियों से निकलने वाला कचर जलते हुए देखा जा सकता है। इससे पहले लॉकडाउन के दौरान करीब तीस साल के बाद बहादुरगढ़ हवा प्रदूषण की कैद से आजाद हुई है। अनलॉक में हवा फिर खराब होने लगी, लेकिन मानसून की रिमझिम फुहारों ने एक बार फिर से खुलकर सांस लेने का मौका दिया है। ॉ

फैक्ट्रियों के कचरे के कारण वहां पर पैदल घुमने आ रहे लोगों के साथ-साथ वाहन चला रहे लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इधर एसडीएम हितेंद्र कुमार ने बताया कि जहां भी शिकायत मिल रही है वहां कार्रवाई के लिए संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। इस बारे में जल्द ही सख्त कदम उठाया जाएंगे।

प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड को अनदेखा करके जलाया जा रहा औद्योगिक कचरा
नाहरा नाहरी रोड पर गांव मुकंदपुर के पास रोजाना भारी मात्रा में प्रदूषण हो रहा है, उस पर कोई ध्यान ही नहीं दिया जा रहा है। ऐसे हालात बहादुरगढ़ में बने हुए हैं। यहां के फुटवीयर पार्क में औद्योगिक इकाइयों से जो कचरा निकल रहा है, उसे खुले में ही बाइपास के किनारे जलाया जा रहा है। रोजाना इससे आसपास के क्षेत्र में बड़े स्तर पर प्रदूषण फैल रहा है। धुआं और दुर्गंध नजदीकी गावों के लोगों की सांस में घुटन पैदा कर रही है। फुटवीयर पार्क के आसपास जाखौदा व कसार गांव हैं। दोनों ही गांव के लोग प्रदूषण झेल रहे हैं। उनका कहना है कि कई बार शिकायत करने के बाद भी प्रशासन और संबंधित विभाग की तरफ से कोई कार्रवाई है। इसलिए प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड को अनदेखा करके यहां औद्योगिक कचरा जलाया जा रहा है।

खबरें और भी हैं...