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सीएम से लगाई गुहार:उद्योगपतियों की सीएम से पुकार; ताले लगने से बचा लो फैक्ट्रियों काे

बहादुरगढ़3 दिन पहले
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बहादुरगढ़ के उद्योगपति सीएम से टिकरी बॉर्डर पर एक रास्ता खुलवाने की मांग करते। - Dainik Bhaskar
बहादुरगढ़ के उद्योगपति सीएम से टिकरी बॉर्डर पर एक रास्ता खुलवाने की मांग करते।
  • सीएम ने बाॅर्डर पर बेरिकेड्स हटाने के लिए केंद्र से मिल बात करने का दिया आश्वासन

टिकरी बॉर्डर पर किसान आंदोलन के चलते उद्योगपतियों का व्यापार ठप हो रहा है। उद्यमियों ने सीएम मनोहर लाल खट्टर से बुधवार को भेंट करके बहादुरगढ़ की फैक्ट्रियों को जिंदा रखने के लिए जल्द से जल्द कुछ करने की गुहार लगाई है जिससे बहादुरगढ़ में बंद हो रही फैक्ट्रियों पर ताले लटकने से बचाया जा सके। उद्यमियों की इस गुहार पर सीएम ने जल्द ही दिल्ली पुलिस से बेरिकेड्स हटाने के लिए केंद्र से बात करने का आश्वासन दिया।

अब बहादुरगढ़ के फैक्ट्री संचालकों को कुछ समझ नहीं आ रहा कि वे क्या करें। इस तरह के आश्वासन तो यहां के फैक्ट्री संचालकों को सभी नेताओं के द्वारा दिए जा रहे हैं पर धरातल पर कुछ होता दिखाई नहीं दे रहा। फैक्ट्री संचालकों का कहना है कि पहले कोरोना और अब किसान आंदोलन के चलते बन्द रास्तों ने बहादुरगढ़ के उद्योग की कमर तोड़ दी है।

अभी तक 20 हजार कराेड़ से अधिक का हाे चुका नुकसान
एक साल से इंडस्ट्री को करीबन 20 हजार करोड़ से अधिक का नुकसान उठाना पड़ा है। बढ़ते नुकसान और फैक्ट्रियां बन्द होने से डरे उद्यमियों ने प्रधानमंत्री तक को पत्र लिख चुके है पर हुआ कुछ भी नहीं। पत्र के जरिये प्रधानमंत्री से दिल्ली की बन्द सड़कें खुलवाने की मांग की गई है। इसी तरह की मांग आज प्रदेश के मुख्यमंत्री के सामने भी की गई है। किसान आंदोलन के चलते बहादुरगढ़-दिल्ली सीमा पर एक तरफ़ किसानों की स्टेज लगी है तो दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस की बैरिकेडिंग है।

किसानों की स्टेज तक जाने का रास्ता तो खुला है, लेकिन उससे आगे दिल्ली पुलिस ने पक्की दीवार और कंटीले तार जमीन में गाड़ रखे हैं। इस कारण आठ माह से टिकरी बॉर्डर बंद है। दिल्ली के व्यापारी बहादुरगढ़ व्यापार के लिए नहीं आ पा रहे हैं। ट्रांसपोर्ट खर्चा ट्रिपल हो चुका है। उद्यमियों के कहना है किसानों के सड़क पर बैठकर आंदोलन से दिक्कत तो है पर अधिक दिक्कत दिल्ली के बन्द रास्तों के बंद हो जाने से है।

बहादुरगढ़ में बड़ी छोटी करीबन 9 हजार फैक्ट्री
बहादुरगढ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के सीनियर वाइस प्रेजिडेंट नरेंद्र छिकारा व सुभाष जग्गा ने बताया कि अब उन्हें सीएम के आश्वासन के सच होने की इंतजार है। बहादुरगढ़ में बड़ी छोटी और मध्यम इंडस्ट्री मिलाकर करीबन 9 हजार फैक्ट्री हैं। जिनमें साढ़े सात लाख के करीब लोगों को रोजगार मिला हुआ है। अब चूंकि दिल्ली की सड़क बन्द है तो दिल्ली से आने वाले कर्मचारी भी अब नहीं आ पा रहे हैं। जो व्यापारी सीधा फैक्ट्री आकर माल खरीदता था वो भी नहीं आ रहा। प्रोडक्शन कॉस्ट और माल ढुलाई कोस्ट बढ़ गई है।

सीएम ने डीजीपी काे दस दिन में रिपाेर्ट देने काे कहा
बहादुरगढ़ में तेजी से बढ़ रहे अपराध व वाहन चोरी आदि से फैक्ट्रियों की लेबर डरी हुई है इसे लेकर भी सीएम को शिकायत की। इस पर सीएम ने डीजीपी से दस दिन में रिपाेर्ट देने को कहा है। इसके साथ साथ बहादुरगढ़ में यातायात समस्या को लेकर भी उद्योगपतियों ने आरोप लगाया कि प्रशासन बहादुरगढ़ में ट्रैफिक कंट्रोल करने में लापरवाही बरतता है। इस कारण फैक्ट्रियों के वाहनों को छोटे रास्तों से दिल्ली में जाने में परेशानी व लंबा समय लगता है। इसके साथ फायर विभाग की तरफ से भी एनओसी को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं जिसके बारे में सीएम ने जांच के आदेश दिए हैं। सभी अधिकारियों व कर्मचारियों के तुरन्त तबादले को लेकर सीएम ने फैक्ट्री संचालकों को आश्वासन दिया है।

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