राहत:200 से अधिक मरीजों को एक साथ मिलेगी 5 लीटर प्रति मिनट ऑक्सीजन की आपूर्ति

बहादुरगढ़2 महीने पहले
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सिविल अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट शुरू होने के मौके पर उपस्थित डॉक्टर व इंजीनियर। - Dainik Bhaskar
सिविल अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट शुरू होने के मौके पर उपस्थित डॉक्टर व इंजीनियर।
  • बहादुरगढ़ के सिविल अस्पताल छोटी-मोटी कमियों को दूर करके शुरू हो गया प्रेशर स्विंग एडसोर्पशन प्लांट

बहादुरगढ़ में पीएसए ऑक्सीजन प्लांट में स्वदेशी फाइटर जेट एलसीए तेजस की ऑक्सीजन तकनीक का प्रयोग किया गया है। डीआरडीओ ने 24 घंटे में एक हजार लीटर प्रति मिनट ऑक्सीजन का उत्पादन करने वाले प्लांट को बिना किसी धूमधाम के शुरू कर दिया गया है।

अब बहादुरगढ़ के सिविल अस्पताल में वर्तमान में सौ व जल्द तैयार हो रहे 200 बैड के अस्पताल में दो सौ मरीजों को एक साथ ऑक्सीजन में जन आपूर्ति क्षमता संतोषजनक स्थिति में होगी। इस तरह से दो सौ मरीजों को एक साथ पांच लीटर प्रति मिनट ऑक्सीजन की आपूर्ति की व्यवस्था हो गई है।

पावर बैंक को बढ़ाया जा रहा

कोरोना की आशंकित तीसरी लहर के मद्देनजर पूरे देश में ऑक्सीजन पावर बैंक को बढ़ाया जा रहा है। देशभर में 548 पीएसए ऑक्सीजन प्लांट तैयार करने की जिम्मेदारी डीआरडीओ को दी गई है। जिनमें एक बहादुरगढ़ में भी प्लांट में प्रेशर स्विंग एडजॉर्पशन (पीएसए) मॉलिक्यूलर सीइव (जियोलाइट) तकनीक के प्रयोग से वातावरण में मौजूद तकनीक से ऑक्सीजन बनाई जानी शुरू हुई है। इस तकनीक पर आधारित ऑक्सीजन प्लांट्स सबसे पहले लेह और उत्तर-पूर्व के राज्यों में लगाए थे।

डीआरडीओ ने अब यह तकनीक टाटा कंपनी, कोयम्बटूर की ट्रायटेंड न्यूमैटिक प्राइवेट लिमिटेड, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोलियम (आईपीपी) को सौंप दी है। तीनों कंपनियां देशभर में 548 पीएसए ऑक्सीजन प्लांट स्थापित कर रही हैं। इसमें 380 प्लांट टाटा, 120 प्लांट आईपीपी और 48 प्लांट ट्रायटेंड न्यूमैटिक प्राइवेट लिमिटेड तैयार कर रही है। एम्स ऋषिकेश में स्थापित नए पीएसए प्लांट का निर्माण टाटा कंपनी ने किया है।

ऑक्सीजन उत्पादन से तीसरी लहर से निपटने मेंं मिलेगी सहायता

​​​​​कोरोना की तीसरी लेयर से निपटने में बहादुरगढ़ के लोगों को यह सहायता मिलेगी जिसमें एक साथ 200 मरीजों को ऑक्सीजन की जरूरत को पूरा किया जा सकेगा। यदि यह प्लांट पहले से होता तो बहादुरगढ़ में ऑक्सीजन को लेकर हाहाकार नहीं मचता व हजारों लोगों को दिल्ली से भाग कर बहादुरगढ़ के प्राइवेट अस्पतालों में लूटने को मजबूर नहीं होना पड़ता।

भले ही बाद में प्रशासन ने प्राइवेट अस्पतालों में कोरोना के इलाज को लेकर रेल फिक्स कर दिए थे पर तब तक हजारों लोग यहां से इलाज करवा चुके थे। इस तरह से ऑक्सीजन की कमी के कारण ही लोग दिल्ली से बहादुरगढ़ की तरफ भागे थे।

अब बहादुरगढ़ के सरकारी अस्पताल में अपना लिक्विड ऑक्सीजन स्टोरेज प्लांट तैयार हो गया है। पीएसए ऑक्सीजन प्लांट से एक दिन में 24 हजार लीटर ऑक्सीजन का उत्पादन हो सकता है। एक सप्ताह पहले ही तैयार हो गया था प्लांट पर कुछ खराबी थी जिसे मंगलवार को ठीक कर चालू कर दिया गया है।

ऑक्सीजन प्लाट से बाहरी दिल्ली के मरीजों को भी होगा लाभ

ऑक्सीजन प्लांट के निर्माण होने से बहादुरगढ़ ही नहीं बाहरी दिल्ली के हजारों मरीजों का इसका लाभ मिल पाएगा जो बहादुरगढ़ की फैक्ट्रियों में काम करने आते हैं। कोविड संक्रमण के दृष्टिगत भी यह एक उल्लेखनीय कदम है। कोरोना महामारी की दूसरी लहर में ऑक्सीजन की बेहद कमी रही।

ऐसे में संभावित तीसरी लहर को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार की ओर से नागरिक अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट को नेशनल हाईवे अथॉरिटी द्वारा नागरिक अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किया गया है। सप्ताह पहले ही इंजीनियरों के द्वारा मशीन इंस्टॉल कर दी गई थी।

प्लांट से लेकर 6 बेड के आइसोलेशन वार्ड और 4 बेड के एचडीयू वार्ड तक पाइप लाइन से ऑक्सीजन पहुंचाई जा चुकी है। अब यहां इलाज के लिए आने वाले मरीजों को ऑक्सीजन की कमी नहीं रहेगी। बता दें कि सरकार की ओर से 200 बेड के सभी नागरिक अस्पताल में एक हजार लीटर प्रति मिनट उत्पादन ऑक्सीजन वाले प्लांट की व्यवस्था की जा रही है।

इंजीनियरों की टीम ने मरम्मत की

बहादुरगढ़ सिविल अस्पताल में करीब एक सप्ताह पहले पीएसए ऑक्सीजन प्लांट तैयार हो गया था। प्लांट में प्रति मिनट एक हजार लीटर ऑक्सीजन का उत्पादन भी हुआ पर प्लांट में कुछ खराबी आने के कारण आज इंजीनियरों की टीम मौके पर पहुंची जिसकी मरम्मत करके ठीक कर दिया। इंजीनियरों की टीम ने बताया कि किसी भी प्लांट को तैयार किया जाता है तो उसकी जांच करने के विभिन्न तरीके होते हैं। जहां भी कमी होती है उसे विधिवत रूप से शुरू करने से पहले ही ठीक किया जाता है।

64 वेंटिलेटर को 15 लीटर प्रति मिनट के हिसाब आपूर्ति

पीएसए ऑक्सीजन प्लांट में हर मिनट एक हजार लीटर ऑक्सीजन का उत्पादन होगा। प्लांट से एक समय पर 190 से 200 मरीजों को पांच लीटर प्रति मिनट ऑक्सीजन की आपूर्ति की व्यवस्था हो गई है। वहीं 195 ऑक्सीजन सिलेंडर को रिफिल किया जा सकता है। ऑक्सीजन प्लांट से 64 वेंटिलेटर को 15 लीटर ऑक्सीजन प्रति मिनट की ऑक्सीजन दी जा सकती है।

जरूरतमंद मरीजों की जा सकेगी सहायता

ऑक्सीजन प्लांट के परीक्षण मेंं कुछ कमी थी जिसे ठीक करवा लिया गया है व इसे शुरू कर दिया है। प्रेशर स्विंग एडजॉर्पशन प्लांट से करीब दो सौ मरीजों को एक साथ ऑक्सीजन की व्यवस्था करने की क्षमता है। इससे बहादुरगढ़ को किसी भी संकट में मरीजों की जा सकेगी सहायता।
देवेंद्र मेघा, प्रशासक, सिविल अस्पताल बहादुरगढ़

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