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मरीजों की भीड़ देखकर प्रबंधन का फैसला:सिविल अस्पताल के इमरजेंसी भवन में बनाया गर्भवती स्वागत कक्ष व दवा केंद्र

बहादुरगढ़8 महीने पहले
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सिविल अस्पताल में आने वाले मरीजों की संख्या दिन पर दिन बढ़ रही है। इसे देखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने गर्भवती महिलाओं के लिए इमरजेंसी में गर्भवती महिला स्वागत कक्ष बनाया है। वहीं, इमरजेंसी के पिछले एक रूम में डिस्पेंसरी शुरू कर दी है। अब पहले की जगह नहीं बल्कि नई जगह पर मरीजों को दवा मिलनी शुरू हो गई। मंगलवार को अस्पताल की व्यवस्था अन्य दिनों की बजाय कुछ बदली दिखी।

दवा केंद्र के बाहर रोज भीड़ लगी रहती थी, वो अब नई जगह बनाए गए दवा केंद्र पर नहीं दिखाई दी। क्योंकि जहां डिस्पेंसरी शिफ्ट की गई है वहां काफी जगह खुली है। ऐसे में यहां न तो भीड़भाड़ की स्थिति ज्यादा रहेगी बल्कि एक-दूसरे मरीजों-तिमारदारों के बीच खड़े होने के लिए शारीरिक दूरी भी बन सकेगी।

इधर, सिविल अस्पताल के प्रधान चिकित्सा अधिकारी पीएमओ डाॅ. प्रदीप शर्मा का कहना है कि अस्पताल में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मरीजों को मिले। उन्हें किसी तरह की दिक्कतें नहीं हो। इसके लिए यहां व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा रहा है। जहां लैब को अपग्रेड किया जा रहा है वहीं अन्य संस्थागत सुविधाएं भी बढ़ाई जा रही है। उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता अच्छी चिकित्सीय सुविधाएं मरीजों को उपलब्ध कराना है।

अब धीरे-धीरे पटरी पर आने लगी स्वास्थ्य सेवाएं

बता दें कि जब से कोविड-19 महामारी फैली है, तभी से सिविल अस्पताल में व्यवस्थाएं प्रभावित हो गई थी। अब यहां फिर से स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक बेहतर बनाने की दिशा में काम शुरू हो गया है। यहां आने वाले मरीजों को कोरोना से बचाव के लिए जागरूक किया जा रहा है। इस कार्य के लिए निर्धारित दूरी के हिसाब से बैंच व कुर्सियां तक लगा दी है।

अस्पताल के खुले परिसर में मरीजों की सुविधाओं को ध्यान रखते हुए यह कदम उठाया है। क्योंकि ओपीडी कैंपस का काफी हिस्सा अक्सर तंग ही रहता है। कई ओपीडी के आगे मरीजों के खड़े रहने के कारण वहां भीड़भाड़ बन जाती थी। इस कारण मरीजों को बाहर से ही देखा जा रहा है। यदि किसी मरीज की बीमारी को लेकर उन्हें यह लगता है कि ओपीडी कक्ष के अंदर ही उसे देखा जा सकता है तो डाॅक्टर मरीज को अंदर बुलाकर भी देख रहे हैं। मगर इस दौरान कोरोना संक्रमण से बचाव को लेकर विशेष ध्यान भी दिया जा रहा है।

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