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जागरूक करने की अपील की:लंबे लॉकडाउन की तैयारी, ट्रेन की संख्या हुई कम, श्रमिकों को रोकने का प्रयास

बहादुरगढ़एक महीने पहले
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  • काेराेना संक्रमण के तेजी से बढ़ने मास्क लगाने व साेशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने की अपील

कोरोना की भयावह स्थिति में जहां पन्द्रह दिनों से सरकार ने श्रमिकों को घर जाने के लिए कई बार नई नई स्पेशल रेलगाड़ी चलाकर घर जाने का मौका दिया वहीं अब स्थिति और गंभीर होने के चलते लंबे लॉकडाउन की तैयारी है। उससे पहले सरकार ने कई रेलगाड़ियों के पहियों को रोक दिया है व जो श्रमिक जहां भी वहां रोकने की तैयारी है। जिससे कोरोना को फैलने से रोका जा सके।

वैसे भी कई राज्यों में लाॅकडाउन लगने से ट्रेनों से यात्री दूर होने लगे थे। वहीं माना जा रहा है जो श्रमिक घरों को जाने थे वे जा चुके हैं। अब यहां वहीं श्रमिक रह गए हैं जो अभी भी यहीं पर कुछ न कुछ काम कर रहे हैं। वैसे भी अधिकतर शताब्दी एक्सप्रेस में करीब 40 फीसदी बुकिंग ही हो रही है।

पंजाब की ओर जाने वाली कई अन्य ट्रेनों का भी यही हाल है। इसे देखते हुए उत्तर रेलवे ने 28 ट्रेनों को अगले आदेश तक निरस्त कर दिया है। इनमें वंदे भारत, शताब्दी, राजधानी, दुरंतों सहित कई अन्य महत्वपूर्ण ट्रेनें शामिल हैं। ज्यादातर ट्रेनें नौ या 10 मई से यार्ड में खड़ी हो जाएंगी। पिछले कुछ दिनों से पश्चिम, दक्षिण व उत्तर दिशा में जाने वाली ट्रेनों में यात्रियों की संख्या कम होने लगी है।

बहादुरगढ़ की 90 फीसदी फैक्ट्रियों पर टंग चुके हैं ताले

कोरोना संक्रमण रोकने के लिए प्रदेश में नौ मई तक लागू हुए लॉकडाउन की वजह से बहादुरगढ़ में करीब 90 फीसदी फैक्ट्रियां बंद हो चुकी हैं। यहां की नामी-गिरामी रिलेक्सो, लांसर, वेलकम, एयरोबॉक समेत तमाम बड़ी कंपनियों ने अपने प्लांट बंद कर दिए हैं। हालांकि आवश्यक सेवाओं को छोड़कर सामान्य उत्पाद बनाने वाली इन फैक्ट्रियों को चलाने का प्रयास किया जा रहा था वह भी बंद हो गया है। इसका सबसे बड़ा असर कारीगराें व श्रमिकों पर हुआ है।

बहादुरगढ़ से हजारों की संख्या में कामगार दिल्ली में वीकेंड क‌र्फ्यू लगने के साथ ही घर वापसी जा चुके हैं। जो रह गए थे, वो भी अब लॉकडाउन की वजह से घर वापसी करने लगे थे पर वह सिलसिला अब बंद होने वाला है। कई प्रदेशों में लॉकडाउन के कारण श्रमिकों को यातायात का कोई साधन नहीं मिल रहा है। इसकी जानकारी मिलने पर यहां जो श्रमिक रह गए हैं वे यहीं रहना चाहते हैं। बहादुरगढ़ में छह हजार से ज्यादा छोटी बड़ी फैक्ट्रियां हैं। यहां पर करीब 10 फीसद फैक्ट्रियां ऐसी हैं तो आवश्यक सेवाओं में आती हैं। इसके अलावा 90 फीसदी ऐसी हैं तो आवश्यक सेवाओं में नहीं आती हैं। फुटवियर पार्क में 700 से ज्यादा फैक्ट्रियां हैं। फिलहाल सभी बंद हैं।

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