पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

नए नियम:प्रॉपर्टी आईडी ने भरना शुरू किया नगर परिषद का खजाना, एक माह में 75 लाख रुपए जमा

बहादुरगढ़8 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • अब बिना प्राॅपर्टी अाईडी के काेई भी रजिस्ट्री नहीं हाे पाएगी

प्लाटों व मकानों की रजिस्ट्री करवाने से पहले नगर परिषद से एनओसी लेने के नियम ने नगर परिषद के खाली हो रहे खजाने को भरने का काम शुरू कर दिया है। हालात यह है कि एक माह में ही नगर परिषद के पास 75 लाख रुपए जमा हो गए हैं, जबकि इसकी उम्मीद भी कभी नगर परिषद अधिकारियों ने नहीं की थी। प्रदेश के शहरों में बिना प्रॉपर्टी आईडी के कोई रजिस्ट्री नहीं हो सकती है। सरकार ने जब से प्रॉपर्टी आईडी को अनिवार्य किया है।

उसी वक्त से बहादुरगढ़ नगर परिषद की बल्ले-बल्ले हो गई है। प्रॉपर्टी आईडी के कारण ही बहादुरगढ़ नप को एक महीने में 75 लाख की आमदनी हो चुकी है। जो लोग हाउस टैक्स भरने में रूचि नहीं दिखाते थे, वो अब खुद आकर हाउस टैक्स भर रहे हैं ताकि उन्हें उनकी प्रॉपर्टी आईडी विद नो ड्यूज मिल सके। क्योंकि बिना प्रॉपर्टी आईडी के लिए रजिस्ट्री का टोकन भी नही कट रहा है।

बहादुरगढ़ नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी अतर सिंह ने बताया कि एक सितंबर से लेकर अब तक नगर परिषद को 75 लाख 15 हजार 460 रुपए की आमदनी हो चुकी है। इस आमदनी में सबसे बड़ा हिस्सा विकास शुल्क का है। 53 लाख 59 हजार 988 रुपए विकास शुल्क के। 21 लाख 45 हजार 121 रुपए हाउस टैक्स से और 1 लाख 3 हजार 51 रुपए यूजर टैक्स से नगर परिषद ने कमाए हैं।

प्राॅपर्टी आईडी के लिए हेल्प डेस्क बनाई

कार्यकारी अधिकारी ने बताया कि प्रॉपर्टी आईडी के लिए हैल्प डैस्क भी बनाई गई है ताकि लोगों को किसी तरह की दिक्कत न आए। जिस किसी की प्रॉपर्टी आईडी नही बनी है वो अपने रजिस्टर्ड दस्तावेज जमा करवा कर अपनी आईडी बनवा भी सकता है। बहादुरगढ़ नगर परिषद को यूं तो कई मदों से आमदनी होती है। लेकिन हाउस टैक्स से एक फाइनेंशियल ईयर में करीबन डेढ़ करोड़ की आमदनी होती रही है।

हालांकि हर बार टारगेट इससे कहीं बड़े सैट किए जाते रहे हैं। लेकिन इस बार जिस तरह के रूझान आ रहे हैं उससे साफ लगता है कि नगर परिषद की हाउस टैक्स से आमदनी भी काफी बढ़ने वाली है। जिसका फायदा शहरवासियों को ही मिलेगा। क्योंकि परिषद के पास जितना ज्यादा पैसा होगा उतनी ही लोगों की सहूलियतों पर खर्च किया जा सकेगा।

बजट के हिसाब से काम करने के लिए भी टैक्स भरना जरूरी

मार्च माह में बहादुरगढ़ नगर परिषद बोर्ड की बैठक में 71 करोड़ का बजट पास किया गया था व कई ऐसे मामले पास किए गए है जो विकास केे रास्ते में मील का पत्थर साबित हो सकते हैं। बैठक में नप की ओर से प्रस्तावित किए गए करीब 71 करोड़ के बजट को सदन में पेश किया गया था। नप की ओर से तैयार किए गए बजट में करीब 51 करोड़ की आय का लक्ष्य विभिन्न मदों से रखा गया है। साथ ही 64 . 32 करोड़ रुपये की राशि विभिन्न मदों में खर्च के लिए भी प्रस्तावित की गई है।

इस कारण यदि नप के पास टैक्स के रूप में अधिक रुपया अाएगा तो सरकार भी अधिक ध्यान देगी व नई नई योजनाएं बहादुरगढ़ को मिलेगी। नगर परिषद के प्रस्तावित बजट में विकास कार्यों के लिए भी धनराशि स्वीकृत की जाती है। वर्ष 2019.20 के बजट में 7.92 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई थी लेकिन 1 अप्रैल 2019 से लेकर 29 फरवरी 2020 तक 11 महीने में सिर्फ 35 हजार 664 रुपये ही विकास कार्यों पर खर्च किए जा सके थे। अब नप के अधिकारियों की ओर से इस वित्त वर्ष के आखिरी माह यानी मार्च महीने में ही 4 करोड़ 87 लाख रुपये की राशि खर्च करने का लक्ष्य भी है व उन्हें खर्च करने के लिए विभिन्न योजनाओं को लागू भी किया जा रहा है। हालांकि नप ने 2020.21 के लिए विकास कार्यों के लिए 10 करोड़ 92 लाख रुपये की राशि प्रस्तावित की है।

वैसे अप्रैल 2020 को ओपनिंग बैलेंस 20.07 करोड़ 2020.21 के लिए प्रस्तावित आय 51.01 करोड़ 2020.21 के लिए प्रस्तावित खर्च 64.32 करोड़ 31.03 व 2021 को क्लोजिंग बैलेंस 06.77 करोड़ इन मुख्य मदों से आएगी करोड़ों की आय मद राशि सेविंग पर ब्याज 2.50 करोड़ प्राॅपर्टी टैक्स 2.50 करोड़ स्टांप डयूटी 15 करोड़ शाप रेंट 1.50 करोड़ इलेक्ट्रीसिटी डयूटी 7 करोड़ विकास शुल्क 3 करोड़ एडवांस एंड डिपोजिट आदि 5 करोड़ एक्साइज ड्यूटी 8.50 करोड़ मिसलेनियस आय 1.50 करोड़ अर्नेस्ट मनी 3.50 करोड़ इन मदों पर खर्च किया जाना है।

खबरें और भी हैं...