बहादुरगढ़:किसानों की झोपड़ियां व टेंट हटाए, सप्ताह में सड़कें ठीक होंगी

बहादुरगढ़एक महीने पहले
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किसान आंदोलन के बाद बाईपास की सड़के टूटी,सबसे बुरा हाल सर्विस रोड। - Dainik Bhaskar
किसान आंदोलन के बाद बाईपास की सड़के टूटी,सबसे बुरा हाल सर्विस रोड।
  • अब समय मरम्मत का }किसान आंदोलन के बाद बाईपास की सड़कें टूटी, सबसे ज्यादा बुरा हाल सर्विस रोड का

तीन कृषि कानून वापस लिए जाने के बाद दिल्ली बाॅर्डर पर बैठे किसान अब अपने घर लौट गए हैं। झोपड़ियां और टेंट हटने के साथ ही पीडब्लूडी और नगर परिषद की टीम ने यहां सफाई और मरम्मत का काम शुरू कर दिया है। अगले सप्ताह तक सभी सड़कों को सही कर दिया जाएगा, ताकि वाहन चालक यहां फिर से फर्राटा भरने लगे। अभी तक भी बाईपास की सुध नहीं ली गई है।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को इसके लिए युद्ध स्तर पर काम करना होगा। क्योंकि बाईपास की सड़कें और अप्रोच सड़कों पर एक साल से बरसात के बाद भी मरम्मत नहीं होने के चलते कई कई गहरे खड्डे हो गए है, जिन्हें तुरंत प्रभाव से ठीक किया जाना जरूरी है। कृषि कानून रद्द कराने के लिए किसान पिछले एक साल से टिकरी बॉर्डर से जाखौदा बाईपास चौक तक बैठे थे। अब यहां वाहनों के आवागमन के लिए स्थिति बेहद खराब है।

अभी बाईपास पर पूरी तरह से वाहनों के फर्राटा भरने में समय लगेगा। बाईपास की सर्विस रोड भी जगह-जगह से टूटी है। दिल्ली-रोहतक रोड की बात करें तो यहां पीडब्लूडी और नगर परिषद ने अपनी टीम मरम्मत और सफाई के लिए लगा दी है।

गड्ढे भरने के बाद ऊबड़-खाबड़ रोड समतल की
वहीं, पीडब्लूडी ने दिल्ली-रोहतक के गड्ढों को भरने के बाद ऊबड़-खाबड़ रोड को समतल किया है। करीब 15 किलोमीटर क्षेत्र में पड़ाव डाले प्रदर्शनकारियों की झोपड़ियों के मलबे, ईंट-पत्थरों को भी हटाने का काम किया जा रहा है। दिल्ली की ओर से भी बैरिकेड्स व कंक्रीट की दीवारों को हटाया जा चुका है। वहां भी मिट्टी से सड़क को समतल किया जा रहा है।

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