4 अवैध कॉलोनियों में तोड़े 60 भवन:भूमाफियाओं की अवैध कॉलोनियों पर चला डीटीपी का पीला पंजा,

बहादुरगढ़20 दिन पहले
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बहादुरगढ़ . उत्तरी बाईपास के पास बनीं अवैध कॉलोनियों में बन रहे मकानों की चार दीवारी को ठहाते डीटीपी विभाग के कर्मचारी। - Dainik Bhaskar
बहादुरगढ़ . उत्तरी बाईपास के पास बनीं अवैध कॉलोनियों में बन रहे मकानों की चार दीवारी को ठहाते डीटीपी विभाग के कर्मचारी।
  • अवैध कॉलोनियों को रोकने में प्रशासन फेल, उत्तरी बाईपास बना नहीं और उसके चारों तरफ कट गई कॉलोनियां

उत्तरी बाईपास का काम शुरू हो गया। बराही गांव के पास निर्माण कंपनी द्वारा प्लांट लगाया जा रहा है। पर उसके साथ साथ भूमाफियाओं ने अवैध कॉलोनियों का जाल बिछा दिया है। यह काम एक दो दिन से नहीं बल्कि कई महीनों से चल रहा है, पर प्रशासन की आंख व कान बंद है। अधिकतर लोगों के प्लॉटों की रजिस्ट्री लंबे समय पहले ही हो चुकी है। वहां कच्ची गलियों का निर्माण होने के साथ अब भवन निर्माण कार्य भी शुरू हो गया है। तब जाकर प्रशासन की नींद खुली है। शुक्रवार को डीटीपी की टीम ने डिग्गी वाली रोड व बराही रोड पर करीब 60 नवनिर्मित भवन, चारदीवारी व डीबीसी को तोड़ा है।

इस दौरान डयूटी मजिस्ट्रेट रहे तहसीलदार श्री निवास के साथ एडीटीपी सतीश कुमार, रात कुमार, अरविंद व पुलिस की टीम ने जेसीबी से अवैध कट चुकी कॉलोनियों में तोड़फोड़ की। लोगों ने विरोध भी किया। अधिकारियों ने बताया कि डीसी के आदेश पर यह कार्यवाही की गई है। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले डीटीपी ने ओमेक्स के पास 200 मीटर चौड़ी सड़क पर कट रही अवैध कालोनियों को तोड़ा था पर वहां पर अब फिर से अवैध रूप से भवनों को बनाने का काम शुरू हो गया है।

उत्तरी बाईपास पर फिलहाल सिंचाई विभाग की ओर से 60 फीट में दोनों तरफ सीमेंट-कंकरीट की दीवार बनाकर नाला बनाने का काम शुरू करने की तैयारी है। यहां जमीन के अधिक दाम मिलने के कारण अवैध कॉलोनियों को काटने का सिलसिला तेजी से बढ़ गया है। यहां भूमाफिया ने तेजी से प्लॉटिग की है। उत्तरी बाईपास पर इस क्षेत्र में कार्य लगभग 129 करोड़ से होगा।

इसके बाद दोनों तरफ सड़कें बनेंगी। यह कार्य लोक निर्माण विभाग को करना है। उत्तरी बाईपास का प्रोजेक्ट सीएम की घोषणा में है और दो चरणों में यह पूरा होना है। इसी कारण यहां भूमाफिया लंबे समय से सक्रिय है। जिस ड्रेन के ऊपर ये बाईपास बनेगा, वह दो हिस्सों में है। एक हिस्सा आसौदा के पास खरखौदा रोड से लेकर बराही तक है और दूसरा हिस्सा बराही से लेकर शहर नाहरा-नाहरी रोड तक है।

अच्छे भविष्य देकर ही अवैध कॉलोनियों काटी जाती है
भूमाफिया को पता होता है कि कहां कहां पर अधिक दाम मिलेंगे। इसी कारण ओमेक्स के साथ उतरी बाईपास के तैयार होने से पहले ही उसके निकट अवैध कॉलोनियों के काटने का सिलसिला तेज हो गया है। उत्तरी बाईपास के प्रथम चरण के तहत आसौदा से नाहरा-नाहरी रोड तक करीब 9 किमी लंबी वेस्ट जुआ ड्रेन में रिटेनिंग वाल सिंचाई विभाग द्वारा बनाई जानी है। इन दीवारों की ऊंचाई साढ़े तीन से लेकर साढ़े चार मीटर तक होगी। ॉ

वन विभाग से भी इसके लिए एनओसी पहले ही जारी कर दी गई थी। 120 से 160 फीट तक चौड़ी ड्रेन में 60 फीट चौड़ा बैड बनेगा और उसके दोनों तरफ रिटेनिंग वाल बनाने के बाद नौ-नौ मीटर की सड़क लोक निर्माण विभाग की ओर से बनाई जाएगी। सरकार ने प्रथम चरण के लिए 149.55 करोड़ तथा दूसरे चरण के लिए 124.33 करोड़ की राशि पहले ही स्वीकृत कर रखी है।

अवैध कॉलोनियों को लेकर सरकार गंभीर है व डीसी के आदेश पर अवैध कॉलोनियों को पनपने से पहले ही तोड़ा जा रहा है। बराही रोड की तरफ अवैध कॉलोनियों के काटे जाने की खबर के बाद अवैध रूप से कट रही कॉलोनियों को तोड़ने के लिए डीसी ने आदेश दिए थे। इस कारण आज यह अभियान चलाया गया है। -मोहन सिंह, डीटीपी, झज्जर।

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