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कोरोना पर चर्चा:सही गाइडलाइन-प्रोटोकॉल में रह आप तनाव से पा सकते हैं मुक्ति

बहादुरगढ़20 दिन पहले
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अंतरराष्ट्रीय वेबिनार में शामिल डॉक्टर व प्रोफेसर। - Dainik Bhaskar
अंतरराष्ट्रीय वेबिनार में शामिल डॉक्टर व प्रोफेसर।
  • कोविड-19 एंड मेंटल हेल्थ प्रॉब्लम एंड द मैनेजमेंट पर वेबिनार में डॉ. राधेश्याम बोले

वैश्य बीएड कॉलेज में कोविड-19 एंड मेंटल हेल्थ प्रॉब्लम एंड द मैनेजमेंट पर अंतरराष्ट्रीय स्तर के वेबिनार हुई। इसमें वक्ता भिवानी के बंसीलाल यूनिवर्सिटी के डीन व साइकोलॉजी प्रोफेसर डॉ. राधेश्याम ने कहा कि कोरोना वायरस का संक्रमण बेहद जानलेवा साबित हो रहा है।

ऐसे में मानसिक तनाव बहुत ज्यादा देखने को मिल रहा है। मानसिक अवसाद जैसी बीमारी पर काबू पाने के लिए जरूरी है कि सकारात्मक सोच रखें। भोपाल के एम्स क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ. मोहित ने बताया कि कोविड संकट में जितने लोगों को कोरोना संक्रमण ने परेशान नहीं किया होगा, उससे ज्यादा लोग मानसिक समस्याओं से घिरे हैं। कोरोना काल में सबसे बड़ी समस्याएं नींद न आना, सिर दर्द, नकारात्मक सोच, बहुत ज्यादा सोचना है। हमें खुश रहना चाहिए, अच्छी नींद लेनी चाहिए, खाली समय को अधिक से अधिक उपयोग में ले कर आना चाहिए, टाइम मैनेजमेंट पर ध्यान दें।

मानसिक तनाव आज के समय में एक आम समस्या, इसलिए अनुशासन रहें

डॉ. हेमंत लता शर्मा ने कहा कि मानसिक तनाव आज के समय में एक आम समस्या बन गई है। इसलिए जरूरी है कि हमें अनुशासन में रहना चाहिए। डॉ. दिनेश चहल ने बताया कोरोना महामारी के चलते लोगों को अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इन मुश्किलों को खत्म करने के लिए हमें जोश से काम लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में सरकार व प्रशासन की गाइडलाइन का पालन करें। जब हम नियमों का पालन करेंगे तभी इस महामारी से जीत पाएंगे। इसके लिए सभी को एकजुट होकर आगे आना होगा। वेबिनार में जुड़े शिक्षाविद व अन्य प्रतिभागियों ने कोविड-19 व मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित अपने विचार साझा किए और प्रश्नोत्तर विधि के माध्यम से वॉलिंटियर्स की शंकाओं को दूर किया।

सकारात्मक और पॉजिटिव विचार जरूरी

प्राचार्या डॉ. आशा शर्मा ने कहा कि पिछले साल वॉलिंटियर्स ने कोविड-19 जागरूकता अभियान में अहम भूमिका निभाई और समय-समय पर अपनी सेवाएं प्रदान की। उन्होंने बताया कि ऐसे वक्त में सकारात्मक और पॉजिटिव विचार रखना जरूरी है। प्लांटेशन कर प्रकृति के नजदीक रहने से किसी भी प्रकार का तनाव दूर किया जा सकता है। इससे कोरोना बीमारी पर विजय के साथ-साथ खुद के मानसिक स्वास्थ्य पर भी जीत हासिल की जा सकती है।

मानसकि अवसाद बीमारी से मुक्ति के लिए सकारात्मक सोचें

डॉ. मनप्रीत खेमका जो कि यूएसए में सीनियर साइकेट्रिस्ट हैं उन्होंने वॉलंटियर्व्न्य्र प्रतिभागियों को कोविड -19 और मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं और उनके प्रबंधन के बारे में बताते हुए कहा कि महामारी में लगी पाबंदियों और दिशानिर्देशों के कारण लोग सामान्य जीवन नहीं जी पा रहे हैं।

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